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Bareilly News: अंधेरगर्दी... 15 लाख के भूखंड पर 17 लाख रुपये का संपत्ति कर

Thu, 12 Dec 2024 01:26 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:26 PM IST
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Andhergardi...Property tax of Rs 17 lakh on a plot of Rs 15 lakh
बरेली। जीआईएस सर्वे के बाद शुरू हुआ गृहकर का क्लेश खत्म नहीं हो रहा। अब नगर निगम का नया कारनामा सामने आया है। 15 लाख में खरीदे गए भूखंड पर 17 लाख रुपये संपत्ति कर लगा दिया। यह तो महज बानगी है। गृहकर, जलकर और संपत्ति कर निर्धारण में गड़बड़ी के कई मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी उनको आपत्ति दाखिल करने की सलाह दे रहे हैं। सवाल यह है कि निगम कर्मियों की गलती का खामियाजा जनता क्यों भुगते? निगम के अधिकारी-कर्मचारी ही इसे ठीक कराएं।
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15 दिन में जमा करें कर, वरना जारी होगा कुर्की का वारंट

काजी टोला निवासी मोहम्मद आजम कुरैशी ने शायरा खातून के नाम से दर्ज 187.50 वर्गगज का भूखंड वर्ष 2021 में 15 लाख रुपये में खरीदा था। इस पर 17.65 लाख रुपये संपत्ति कर लगाया गया। 6 दिसंबर को उनके पास नोटिस आया तो उन्हें मामले की जानकारी हुई। आजम ने बताया कि 15 दिन में भुगतान नहीं करने पर कुर्की का वारंट जारी करने की बात नोटिस में लिखी है। इसलिए वह बुधवार को दौड़े-दौड़े नगर निगम पहुंचे। अधिकारियों ने प्रकरण निस्तारित करने का भरोसा दिया है।
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वर्ष 2000 में खरीदा मकान, 1990 से ही लगा दिया टैक्स


सिविल लाइंस निवासी राजकुमार ने वर्ष 2000 में सिविल लाइंस इलाके में भूखंड खरीदा, लेकिन टैक्स 1990 से लगा दिया गया। भूखंड आवासीय है, पर टैक्स व्यावसायिक से भी ज्यादा लगा दिया गया है। गृहकर के मुकाबले जलकर आधा प्रतिशत कम होता है, लेकिन निगम ने कई गुना ज्यादा टैक्स लगा दिया है। नोटिस के मुताबिक भवन पर गृहकर 91888.90 और जलकर 724019.68 रुपये लगाया गया है। राजकुमार ने मंगलवार को अपने भवन की रिकाॅर्ड से मैचिंग कराई थी, लेकिन बुधवार को उन्हें नोटिस भेज दिया गया।
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गृहकर बिलों पर पता तक सही नहीं, धनराशि भी ज्यादा

शास्त्री नगर निवासी घनश्याम ने बताया कि उन्हें 2,835 रुपये टैक्स भरने का नोटिस मिला, लेकिन जब उन्होंने पता किया तो टैक्स कम था। वहीं, सुभाषनगर की तिलक काॅलोनी निवासी बाला सक्सेना के बिल पर पता ही त्रुटिपूर्ण दर्ज किया गया। उनके पति अशोक कुमार सक्सेना ने आवास के पते में संशोधन के लिए कर निर्धारण अधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया है। ये एक दिन की बात है। ऐसे न जाने कितने लोग रोज अपना काम-काज छोड़कर गृहकर बिल में सुधार की फरियाद लेकर नगर निगम पहुंच रहे हैं।



नहीं सुनते कर्मचारी



गृहकर, जलकर को लेकर मैंने आपत्ति दाखिल की है। प्रेमनगर स्थित जोनल कार्यालय पहुंचा तो कर्मचारियों ने सीधे मुंह बात तक नहीं की। न ही प्रार्थनापत्र का निस्तारण किया। - राजेश भाटिया, जनकपुरी



गलती निगम की है, खामियाजा हम भुगत रहे हैं। मेरे भूखंड के बकाया को लेकर कोई बिल नहीं दिया, सीधे नोटिस थमा दिया। इतना अधिक कर कैसे लगा, यह कोई नहीं बता रहा। - - आजम कुरैशी, काजी टोला
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अगर किसी के बिल में त्रुटि है या कर अधिक लगा है तो ऐसे लोग अपनी आपत्ति का उल्लेख करते हुए प्रार्थनापत्र दें। हम ऐसे मामलों का निस्तारण करेंगे। - प्रदीप कुमार मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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कर निर्धारण में गड़बड़ी के विरोध में नगर निगम में प्रदर्शन
बरेली। कर निर्धारण में गड़बड़ी के विरोध में बुधवार को लोगों ने नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पार्षद राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य व कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की।

पार्षद ने कहा कि जोन तीन और चार में कर निर्धारण में गलती के मामले सबसे अधिक हैं। जीआईएस सर्वे के बाद जिन संपत्तियों की मैचिंग मौके पर नहीं की गई है, उनके मामलों में कर पर ब्याज न लगाया जाए क्योंकि इसमें करदाता की कोई गलती नहीं। नगर आयुक्त ने स्वकर के फॉर्म जमा कराने और त्रुटिपूर्ण बिल ठीक कराने का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल में ट्रेड यूनियन के संजीव मल्होत्रा, व्यापार मंडल के गौहर अली, संजय आनंद, दिनेश, नासिर, नावेद बेग, महेश यादव, गुलाम गौस, अरविंद अग्रवाल, अरुण शर्मा आदि शामिल रहे। ब्यूरो
ये हैं मांगें

- स्वकर निर्धारण के फाॅर्म स्वीकार किए जाएं।
- जीआईएस सर्वे के बाद जारी टैक्स के बिलों की त्रुटियां दूर की जाएं।

- कर निर्धारण में गड़बड़ी के मामलों का निस्तारण करने के लिए शिविर लगाया जाए।
अमर उजाला ब्यूरो
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