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Bareilly News: मोहर्रम जुलूस में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
Mon, 22 Jun 2026 01:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:35 AM IST
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- फोटो : ganderbal news
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सेंथल। कस्बे में मोहर्रम के जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। मौर्य समाज के लोगों ने आपसी सौहार्द के फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया।
यह अजादारी इस्लाम को बचाने वाले हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत की याद में होती है। सेंथल में सभी धर्मों के लोग इस अजादारी में शामिल होकर शहादत को याद करते हैं। रविवार को मोहल्ला चौधरी से अलम व डोले का जुलूस उठा। यह जुलूस मौर्य मंदिर पहुंचा, जहां मौर्य समाज के लोगों ने छतों से फूल बरसाए। सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने अलम व डोले पर पुष्प चढ़ाए। गेंदलाल मौर्य के घर पर भी जुलूस का स्वागत किया गया। यहां हजरत अब्बास की शहादत का मर्सिया पढ़ा गया। सेवाराम मौर्य, जसवंत मौर्य, दोदराम मौर्य, सोमपाल मौर्य, लेखराज मौर्य, जगदीश मौर्य, दीपक मौर्य, तेजपाल मौर्य, कड़ेराम मौर्य ने जुलूस का स्वागत किया। राजू रस्तोगी और कांवड़िया दल ने भी सबील लगाकर सौहार्द का संदेश दिया। संवाद
शबीहे ताबूत की जियारत
मोहर्रम के पांचवें दिन रविवार को मोहम्मद और इब्राहिम की शहादत को याद किया गया। इमामबाड़ा खुर्द में मजलिस हुई, जिसे मौलाना गजनफर अली ने खिताब किया। उन्होंने शहीदाने कर्बला के मसाएब बयान किए। इसके बाद हजरत मुस्लिम के बेटों मोहम्मद और इब्राहिम के शबीहे ताबूत की जियारत कराई गई। इस दौरान अकील जैदी, मुस्तहसन रजा, मुनीब हुसैन, लख्ते हैदर, काशान जैदी, सैफ जैदी सहित कई अकीदतमंद मौजूद रहे।
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यह अजादारी इस्लाम को बचाने वाले हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत की याद में होती है। सेंथल में सभी धर्मों के लोग इस अजादारी में शामिल होकर शहादत को याद करते हैं। रविवार को मोहल्ला चौधरी से अलम व डोले का जुलूस उठा। यह जुलूस मौर्य मंदिर पहुंचा, जहां मौर्य समाज के लोगों ने छतों से फूल बरसाए। सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने अलम व डोले पर पुष्प चढ़ाए। गेंदलाल मौर्य के घर पर भी जुलूस का स्वागत किया गया। यहां हजरत अब्बास की शहादत का मर्सिया पढ़ा गया। सेवाराम मौर्य, जसवंत मौर्य, दोदराम मौर्य, सोमपाल मौर्य, लेखराज मौर्य, जगदीश मौर्य, दीपक मौर्य, तेजपाल मौर्य, कड़ेराम मौर्य ने जुलूस का स्वागत किया। राजू रस्तोगी और कांवड़िया दल ने भी सबील लगाकर सौहार्द का संदेश दिया। संवाद
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शबीहे ताबूत की जियारत
मोहर्रम के पांचवें दिन रविवार को मोहम्मद और इब्राहिम की शहादत को याद किया गया। इमामबाड़ा खुर्द में मजलिस हुई, जिसे मौलाना गजनफर अली ने खिताब किया। उन्होंने शहीदाने कर्बला के मसाएब बयान किए। इसके बाद हजरत मुस्लिम के बेटों मोहम्मद और इब्राहिम के शबीहे ताबूत की जियारत कराई गई। इस दौरान अकील जैदी, मुस्तहसन रजा, मुनीब हुसैन, लख्ते हैदर, काशान जैदी, सैफ जैदी सहित कई अकीदतमंद मौजूद रहे।
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