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Bareilly News: परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बनेगा प्रवेश द्वार, 10 करोड़ से होंगे अन्य विकास कार्य
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बरेली। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के कायाकल्प की कवायद शुरू की है। करीब 70 लाख के बजट से स्वागत द्वार का निर्माण प्रस्तावित है। अन्य विकास कार्यों के लिए करीब दस करोड़ रुपये की निविदा (टेंडर) निकाली गई है।
यूपीसीडा के सीईओ मयूर महेश्वरी के मुताबिक परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अटल मिशन के तहत पांच करोड़ से नाला-नाली यानी ड्रेनेज का निर्माण कार्य सप्ताह भर पहले शुरू करा दिया गया है। इसके अलावा सड़क नंबर पांच, नौ, दस, 24 के निर्माण के लिए 6.70 करोड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिसे दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट निर्माण के लिए भी 2.8 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में स्वागत द्वार निर्माण का एस्टीमेट बन रहा है।
सीईओ के मुताबिक यूपीसीडा ने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से संवारने का कार्य शुरू कर दिया है। इसीलिए परसाखेड़ा क्षेत्र जो वर्षों से उपेक्षित था, वहां मुख्य कार्यों की निविदा आमंत्रित की गई हैं। यहां के अन्य कार्यों का खाका तैयार हो रहा है।
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आगामी वित्तीय वर्ष में नगर निगम को टैक्स नहीं देंगे उद्यमी
यूपीसीडा क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार के मुताबिक उद्यमी 31 मार्च तक का टैक्स नगर निगम को दे चुके हैं। ऐसे में नगर निगम द्वारा चल रहे विकास कार्य फिलहाल जारी रहेंगे, लेकिन आगामी वित्तीय वर्ष में निगम को उद्यमी टैक्स नहीं देंगे। एक अप्रैल से निगम की डोर टू डोर कूड़ा उठान, साफ-सफाई सेवा बंद हो जाएगी। फिर ये कार्य यूपीसीडा कराएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया सप्ताह भर में पूरी हो जाएगी। उद्यमियाें से नियमानुसार विकास शुल्क लिया जाएगाा।
20 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से देना होगा विकास शुल्क
यूपीसीडा से पूर्व में जारी नोटिस के अनुसार उद्यमियों को 20 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से विकास शुल्क जमा करना होगा। उद्यमी इसे नगर निगम के टैक्स से ज्यादा मान रहे हैं। क्योंकि फैक्टरी, कार्यालय परिसर आदि मिलाकर एक इकाई का क्षेत्रफल औसतन करीब ढाई हजार से अधिक है। विकास शुल्क की दर कम करने की मांग उद्यमी कर रहे हैं। यूपीसीडा ने इस परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को वर्ष 1960 में बसाया था। वर्ष 2004 से विकास कार्य का जिम्मा नगर निगम को मिलने के बाद स्थिति बदहाल हो गई। ब्यूरो
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यूपीसीडा के सीईओ मयूर महेश्वरी के मुताबिक परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अटल मिशन के तहत पांच करोड़ से नाला-नाली यानी ड्रेनेज का निर्माण कार्य सप्ताह भर पहले शुरू करा दिया गया है। इसके अलावा सड़क नंबर पांच, नौ, दस, 24 के निर्माण के लिए 6.70 करोड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिसे दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट निर्माण के लिए भी 2.8 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में स्वागत द्वार निर्माण का एस्टीमेट बन रहा है।
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सीईओ के मुताबिक यूपीसीडा ने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से संवारने का कार्य शुरू कर दिया है। इसीलिए परसाखेड़ा क्षेत्र जो वर्षों से उपेक्षित था, वहां मुख्य कार्यों की निविदा आमंत्रित की गई हैं। यहां के अन्य कार्यों का खाका तैयार हो रहा है।
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आगामी वित्तीय वर्ष में नगर निगम को टैक्स नहीं देंगे उद्यमी
यूपीसीडा क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार के मुताबिक उद्यमी 31 मार्च तक का टैक्स नगर निगम को दे चुके हैं। ऐसे में नगर निगम द्वारा चल रहे विकास कार्य फिलहाल जारी रहेंगे, लेकिन आगामी वित्तीय वर्ष में निगम को उद्यमी टैक्स नहीं देंगे। एक अप्रैल से निगम की डोर टू डोर कूड़ा उठान, साफ-सफाई सेवा बंद हो जाएगी। फिर ये कार्य यूपीसीडा कराएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया सप्ताह भर में पूरी हो जाएगी। उद्यमियाें से नियमानुसार विकास शुल्क लिया जाएगाा।
20 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से देना होगा विकास शुल्क
यूपीसीडा से पूर्व में जारी नोटिस के अनुसार उद्यमियों को 20 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से विकास शुल्क जमा करना होगा। उद्यमी इसे नगर निगम के टैक्स से ज्यादा मान रहे हैं। क्योंकि फैक्टरी, कार्यालय परिसर आदि मिलाकर एक इकाई का क्षेत्रफल औसतन करीब ढाई हजार से अधिक है। विकास शुल्क की दर कम करने की मांग उद्यमी कर रहे हैं। यूपीसीडा ने इस परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को वर्ष 1960 में बसाया था। वर्ष 2004 से विकास कार्य का जिम्मा नगर निगम को मिलने के बाद स्थिति बदहाल हो गई। ब्यूरो