Amar Ujala Foundation: एसपी सिटी ने छात्राओं को पढ़ाया सुरक्षा का पाठ, सोशल मीडिया पर बरतें ये सावधानी
एसपी सिटी राहुल भाटी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अनावश्यक गतिविधि या लापरवाही आपके जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। अनजान लोगों से न जुड़ें। उन्होंने बताया कि किसी भी अपराध की स्थिति में पुलिस से मदद लें।
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बरेली में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में एसपी सिटी राहुल भाटी ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की सबसे बड़ी जरूरत है जागरूकता। इसलिए जागरूक बनिए। आसपास की परिस्थिति को समझिए। जागरूक रखने का सबसे बड़ा जरिया है अखबार। यह आपको आपके परिवेश का आइना दिखाता है। इससे आपको पता रहता है, समाज में किस तरह की गतिविधियां चल रही हैं। यहीं से आप यह भी जान या समझ सकते हैं कि कैसे मामूली गलतियों की वजह से आप अपराध का हिस्सा बन जाते हैं।
द्रौपदी कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में एसपी सिटी ने छात्राओं को बताया कि माता-पिता और शिक्षक ही उनके सबसे बड़े हितैषी हैं। किसी भी परिस्थिति में उनसे कुछ नहीं छिपाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हो सकता है जो परिस्थिति आपके सामने है वो आपके माता-पिता के सामने न आई हो लेकिन जीवन को लेकर उनका अनुभव आपको कठिन परिस्थितियों से निकाल सकता है।
ऑनलाइन करें शिकायत, गोपनीय रहती है पहचान
हाल ही में इंटरनेट पर अनजान लोगों से दोस्ती के चलते बढ़े मामलों का जिक्र करते हुए एसपी सिटी ने कहा, सोशल मीडिया पर अनावश्यक गतिविधि या लापरवाही आपके जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। अनजान लोगों से न जुड़ें। उन्होंने बताया कि किसी भी अपराध की स्थिति में पुलिस से मदद लें। साइबर अपराध के लिए हेल्प लाइन नंबर 155260 की जानकारी दी और cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी बताया। बताया कि शिकायत करने पर पुलिस व्यक्ति की पहचान भी गोपनीय रखती है। एसपी सिटी ने अपने अनुभव साझा किए और छात्राओं से सवाल-जवाब भी किए।
1- अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें।
2- अनजान लोगों से दोस्ती न करें।
3- अनजान लिंक, अनजान विडियो कॉल न रिसीव करें।
4- सोशल मीडिया पर रिश्तों या दोस्ती को लेकर भावुक न हों।
5- परिजनों से कुछ न छिपाएं।
सीओ प्रथम श्वेता यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। उन्होंने छात्राओं को महिला थाना, साइबर थाना, महिला सुरक्षा के लिए विशेष दल, एंटी रोमियो स्क्वायड आदि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। अगर कोई अनावश्यक परेशान करे या सोशल मीडिया पर भी कोई ऐसी गतिविधि करे जो आपकी पहचान से जुड़ी हो या आपको परेशानी दे रही हो तो पुलिस की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती बहुत सारे अपराधों का मूल कारण है।
महिला सुरक्षा दल की टीम ने छात्राओं को आवश्यक हेल्प लाइन नंबरों 112, 1090, 181, 1098, 102 आदि की जानकारी दी। प्रत्येक नंबर का महत्व बताया। यह भी बताया, कि विपरीत परिस्थितियों में इन नंबरों से कैसे मदद ली जा सकती है। नंबरों की जानकारी होने पर छात्राएं न सिर्फ अपनी बल्कि अन्य लोगों की भी मदद कर सकती हैं।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी छवि सिंह, प्रधानाचार्य रामश्री, डॉ नूतन दीक्षित, सोमदत्त तिवारी, वीना जयसवाल, आशा, अंजू, एश्वर्या शुक्ला, ज्योति मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।