मेडल से नवाजे गए 1200 मेधावी: केंद्रीय मंत्री बोले- सफलता... धैर्य, समर्पण और मेहनत का सकारात्मक परिणाम
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने संबोधन की शुरुआत देश और अमर उजाला के अमृतकाल को जोड़कर की। उन्होंने कहा कि साल 2023 देश का और अमर उजाला का अमृतकाल है। इस अमृतकाल में विद्यार्थियों को मेडल्स मिलना भी गौरवान्वित करने वाला है।
विस्तार
मेडल... अथक परिश्रम का सकारात्मक परिणाम है। यह भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा देता है। बरेली में अमर उजाला की ओर से इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के सभागार में शनिवार को आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में ये बातें केंद्रीय उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने कहीं। उन्होंने मेधावियों को देश के विकास में सहयोग करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, अति विशिष्ट अतिथि आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप, महापौर डॉ. उमेश गौतम, विशिष्ट अतिथि एडिशनल कमिश्नर प्रीति जायसवाल, डीआआईओएस सोमारू प्रधान ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया
फिर मेधावियों को क्रमवार मेडल्स पहनाए और प्रशस्ति पत्र दिए। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर वीके मिश्रा ने किया।
गौरवान्वित करने वाले इन पलों की तस्वीरें पोस्ट कर मेधावियों ने सोशल मीडिया पर भी खूब तारीफें बटोरीं। अतिथियों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए और मेधावियों को प्रगति पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी और राजश्री मेडिकल कॉलेज का भी आयोजन में विशेष सहयोग रहा।
विद्यार्थी याद रखेंगे देश और अमर उजाला का अमृतकाल
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने संबोधन की शुरुआत देश और अमर उजाला के अमृतकाल को जोड़कर की। बोले- देश की आजादी के साथ ही अमर उजाला की स्थापना साल 1948 में हुई। तब से अब तक 22 संस्करणों के जरिये छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में अपना विस्तार कर चुका है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय
तथ्यात्मक और पारदर्शी खबरों समेत रक्तदान, छात्रवृत्ति, मेधावी सम्मान व अन्य सामाजिक सरोकारों के जरिये जनहित के कार्य कर रहा है। साल 2023 देश का और अमर उजाला का अमृतकाल है। इस अमृतकाल में विद्यार्थियों को मेडल्स मिलना भी गौरवान्वित करने वाला है।
लक्ष्य निर्धारित करें और आगे बढ़ें
सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने विद्यार्थी से मेधावी बनने के सफर में लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए लगन, अथक परिश्रम की भूमिका के बारे में बताया। कहा कि अगर विद्यार्थी सिर्फ अंक हासिल करने के लिए पढ़ते हैं तो वह महज किताब तक सीमित रहते हैं।
छात्राओं को सम्मानित करते आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप, एडिशनल कमिश्नर प्रीति जायसवाल
सफलता के लिए पुस्तक के ज्ञान के साथ देश, दुनिया और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी होनी चाहिए। जानकारियां सटीक हों, इसके लिए अमर उजाला समाचार पत्र को नियमित पढ़ना जरूरी है। मेधावियों को लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत के जरिये उसे हासिल करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि लक्ष्यविहीन जीवन दुष्कर हो जाता है।
बरेली के स्थापना दिवस पर मेधावियों को मिला सम्मान
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने बरेली के स्थापना दिवस पर मेधावियों को सम्मान से नवाजे जाने पर उन्हें इस लम्हे को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए प्रेरित किया। ताकि साल दर साल रिमाइंडर मेसेज से उन्हें सकारात्मक प्रेरणा मिल सके।
उन्होंने पहली बार मनाए जा रहे स्थापना दिवस पर पहली बार जिले के 1,200 मेधावियों के एक मंच पर सम्मानित होने को भी गौरवमयी पल बताया। शहर के विकास से जुड़ी जानकारियां साझा करते हुए मेधावियों से शहर को स्वच्छ बनाने की अपील की।
पंख फैलाएं, आपका है पूरा आसमान
एडिशनल कमिश्नर प्रीति जायसवाल ने कहा कि मेडल हासिल करने के लिए मेधावियों ने कई रात काली की होगी। शैक्षिक जीवन को याद करते हुए बताया कि साल 1985 में उन्होंने भी मेडल हासिल किया था। मेडल बच्चों को गौरवान्वित करने समेत उनके अथक परिश्रम की याद दिलाते हैं। 10वीं से ही सिविल सर्विसेज की तैयारी का दौर शुरू होता है। धैर्य के साथ कड़ी मेहनत से सफलता मिलती है। ऊंची उड़ान के लिए पंख फैलाएं तो सारा आसमान आपका है।संघर्ष से निखरती है प्रतिभा
डीआआईओएस सोमारू प्रधान ने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा में जिन विद्यार्थियों ने अवसर को भुनाया, अब वे सम्मानित हो रहे हैं। यह अवसर ही निष्ठा और समर्पण का मेल है। विद्यार्थी जो कुछ भी हासिल करते हैं, उसके पीछे गुरु की भूमिका अहम होती है।
मेडल पाकर चमके चेहरे
जीवन के हर कदम पर संघर्ष है, मगर व्यक्ति में प्रतिभा है तो वह आगे बढ़ता है। 176 स्कूलों के 1,200 विद्यार्थियों का एक साथ एक मंच पर सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि जिन्होंने संघर्ष किया वे सफल हुए। डीआईओएस ने विद्यार्थियों को संस्कारवान बनने की सीख भी दी।