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Bareilly News: अमन हत्याकांड, थाने से फरार एसओजी का मुखबिर गिरफ्तार
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बरेली। शाहजहांपुर में तैनात दीवान के बेटे अमन हत्याकांड का आरोपी और एसओजी का मुखबिर राम गुज्जर शनिवार को किला पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने राम गुज्जर का चालान कर उसे जेल भेज दिया है।
13 जुलाई की रात नवादा शेखान निवासी अमन उर्फ बिट्टू की केलाबाग निवासी विपिन गुप्ता के दफ्तर में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद अमन के शव को इज्जतनगर क्षेत्र के एक नाले में डाल दिया था। भमोरा के गांव गौसगंज निवासी राम गुज्जर को भी हत्याकांड में आरोपी बनाया गया था। गुज्जर पर आरोप है कि घटना के समय वह पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। किला पुलिस ने उसे चौपुला पुल के नीचे से गिरफ्तार करने का दावा किया। इससे पहले पुलिस अमन हत्याकांड के आरोपी विपिन और शालू समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एक आरोपी रेहान प्रेमनगर थाने के पुराने मामले में हाजिर होकर जेल चला गया। पुलिस जतिन और एक अन्य आरोपी को भी हत्याकांड में जेल भेज चुकी है।
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पुलिस ने दिया था तर्क, लोकेशन खोजने भेजा है
राम गुज्जर एसओजी का मुखबिर बताया जाता है। राम का नाम हत्याकांड में आने के बाद एसओजी ने बहाने से बुलाकर उसे किला पुलिस के हवाले किया था। थाने में गुज्जर का मोबाइल जमा करा लिया गया था। खुद को घिरता हुआ देख राम गुज्जर थाने से खिसक गया था। इसके बाद किला पुलिस और एसओजी की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई थी। अशरफ खां चौकी प्रभारी से लेकर कई पुलिस व एसओजी वालों के मोबाइल से राम के नंबर पर सैकड़ों कॉल की गई थीं। जांच में फंसे पुलिसकर्मियों ने तर्क दिया कि इज्जतनगर गोलीकांड के दिनों में राम गुज्जर ने काफी मदद की थी। वहीं किला पुलिस ने उसकी फरारी पर कहा था कि वह भागा नहीं है, उसे अन्य आरोपियों की लोकेशन ढूंढ़ने के लिए भेजा है। जब पुलिस की किरकिरी हुई तो राम गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो
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13 जुलाई की रात नवादा शेखान निवासी अमन उर्फ बिट्टू की केलाबाग निवासी विपिन गुप्ता के दफ्तर में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद अमन के शव को इज्जतनगर क्षेत्र के एक नाले में डाल दिया था। भमोरा के गांव गौसगंज निवासी राम गुज्जर को भी हत्याकांड में आरोपी बनाया गया था। गुज्जर पर आरोप है कि घटना के समय वह पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। किला पुलिस ने उसे चौपुला पुल के नीचे से गिरफ्तार करने का दावा किया। इससे पहले पुलिस अमन हत्याकांड के आरोपी विपिन और शालू समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एक आरोपी रेहान प्रेमनगर थाने के पुराने मामले में हाजिर होकर जेल चला गया। पुलिस जतिन और एक अन्य आरोपी को भी हत्याकांड में जेल भेज चुकी है।
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पुलिस ने दिया था तर्क, लोकेशन खोजने भेजा है
राम गुज्जर एसओजी का मुखबिर बताया जाता है। राम का नाम हत्याकांड में आने के बाद एसओजी ने बहाने से बुलाकर उसे किला पुलिस के हवाले किया था। थाने में गुज्जर का मोबाइल जमा करा लिया गया था। खुद को घिरता हुआ देख राम गुज्जर थाने से खिसक गया था। इसके बाद किला पुलिस और एसओजी की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई थी। अशरफ खां चौकी प्रभारी से लेकर कई पुलिस व एसओजी वालों के मोबाइल से राम के नंबर पर सैकड़ों कॉल की गई थीं। जांच में फंसे पुलिसकर्मियों ने तर्क दिया कि इज्जतनगर गोलीकांड के दिनों में राम गुज्जर ने काफी मदद की थी। वहीं किला पुलिस ने उसकी फरारी पर कहा था कि वह भागा नहीं है, उसे अन्य आरोपियों की लोकेशन ढूंढ़ने के लिए भेजा है। जब पुलिस की किरकिरी हुई तो राम गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो
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