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Bareilly News: इलाज में लापरवाही का आरोप, चंद्रलोक अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर रिपोर्ट
Sun, 09 Aug 2026 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:44 AM IST
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बरेली। पैर में संक्रमण का इलाज करा रहे युवक की मौत हो गई। मृतक के भाई ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आशुतोष सिटी निवासी अरुण कुमार ने रिपोर्ट में जिक्र किया कि उनके भाई अनूप कुमार के पैर में संक्रमण हो गया था और उन्हें मधुमेह की भी समस्या थी। इलाज के लिए अनूप कुमार को 30 मई को पीलीभीत बाइपास स्थित चंद्रलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने इलाज किया। इलाज के दौरान अनूप कुमार के एक, छह और 14 जून को तीन ऑपरेशन किए गए। तबीयत बिगड़ने पर 18 जून को अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें डिस्चार्ज दिखाकर 20 जून तक अवैध रूप से इलाज किया। 20 जून के बाद अनूप को एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां उपचार के दौरान 27 जून को उनकी मौत हो गई।
मेडिकल बोर्ड की जांच में सामने आई लापरवाही
अरुण कुमार ने लापरवाही से इलाज करने की शिकायत सीएमओ से की थी। सीएमओ ने मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट में डॉ. हिमांशु और चंद्रलोक अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई। संक्रमण नियंत्रण में घोर लापरवाही बरती गई। बिना दस्ताने के ड्रेसिंग की गई। बायो वेस्ट के लिए पीली पन्नी को सीधे मरीज के बेड पर बिछा दिया गया। कंसेंट फार्म पर मरीज के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए। डिस्चार्ज से पहले मरीज का कल्चर टेस्ट भी नही किया गया, जबकि रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी। विशेषज्ञ से परामर्श नहीं लिया गया। लैब रिपोर्ट में भी गड़बड़ी पाई गई। अस्पताल प्रबंधन पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
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वर्जन
सीएमओ की ओर से गठित बोर्ड की जांच में अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर के खिलाफ आरोपों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना में पुलिस और स्थिति स्पष्ट करेगी। - शिवम आशुतोष, एएसपी
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आशुतोष सिटी निवासी अरुण कुमार ने रिपोर्ट में जिक्र किया कि उनके भाई अनूप कुमार के पैर में संक्रमण हो गया था और उन्हें मधुमेह की भी समस्या थी। इलाज के लिए अनूप कुमार को 30 मई को पीलीभीत बाइपास स्थित चंद्रलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने इलाज किया। इलाज के दौरान अनूप कुमार के एक, छह और 14 जून को तीन ऑपरेशन किए गए। तबीयत बिगड़ने पर 18 जून को अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें डिस्चार्ज दिखाकर 20 जून तक अवैध रूप से इलाज किया। 20 जून के बाद अनूप को एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां उपचार के दौरान 27 जून को उनकी मौत हो गई।
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मेडिकल बोर्ड की जांच में सामने आई लापरवाही
अरुण कुमार ने लापरवाही से इलाज करने की शिकायत सीएमओ से की थी। सीएमओ ने मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट में डॉ. हिमांशु और चंद्रलोक अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई। संक्रमण नियंत्रण में घोर लापरवाही बरती गई। बिना दस्ताने के ड्रेसिंग की गई। बायो वेस्ट के लिए पीली पन्नी को सीधे मरीज के बेड पर बिछा दिया गया। कंसेंट फार्म पर मरीज के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए। डिस्चार्ज से पहले मरीज का कल्चर टेस्ट भी नही किया गया, जबकि रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी। विशेषज्ञ से परामर्श नहीं लिया गया। लैब रिपोर्ट में भी गड़बड़ी पाई गई। अस्पताल प्रबंधन पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
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सीएमओ की ओर से गठित बोर्ड की जांच में अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर के खिलाफ आरोपों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना में पुलिस और स्थिति स्पष्ट करेगी। - शिवम आशुतोष, एएसपी