माफिया अतीक अहमद की कोर्ट में पड़ी तारीख से 'टेंशन’ में प्रशासन, खतरा देख तैयारियां की शुरू
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देवरिया जेल से बरेली जिला जेल में शिफ्टिंग के वक्त शासन ने माफिया से पूर्व सांसद बने अतीक अहमद की सुरक्षा व्यवस्था में तमाम गोपनीयता बरती। बावजूद इसके उनके गुर्गों का काफिला एसयूवी गाड़ियों में पीछा करते रहे थे। अब 10 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में पूर्व सांसद के केस की सुनवाई की तारीख पड़ने के बाद प्रशासन दोबारा ‘टेंशन’ में आ गया है। सड़क मार्ग से इलाहाबाद तक ले जाने और फिर वापस बरेली लाने में कारागार प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। वहीं, सर्दियों में पूर्व सांसद की तबीयत ठीक नहीं होने से उनके लोग भी प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें बरेली जिला जेल से न ले जाया जाए। हालांकि 10 जनवरी को सुनवाई की तारीख लगी देखकर प्रशासन ने गारद समेत गाड़ियों की व्यवस्था के लिए पत्राचार करना शुरू कर दिया है।
गतिविधियों पर रखे है मुख्यालय नजर
पूर्व सांसद के जिला जेल में शिफ्ट होने के बाद लखनऊ मुख्यालय लगातार नजर बनाए हुए है। जेल के अंदर अतीक अहमद की गतिविधियों के बारे में अपडेशन लिया जा रहा है। इतना ही नहीं, जेल के बाहर भी दो बार लोगों के इकट्ठा होने की सूचनाओं पर भी प्रशासन लगातार निगाह बनाए हुए हैं। यही वजह है कि जेल को तकनीकी रूप से भी मजबूत बनाने की कवायद पर्दे के पीछे शुरू हो चुकी है। चर्चा है कि शासन जल्द ही जिला जेल में जैमर लगवाने के लिए बजट जारी कर सकता है।
दो लोगों ने पूर्व सांसद से मुलाकात की
रविवार को अतीक अहमद से मुलाकात के लिए वकील नफीस अहमद अपनी टीम के साथ पहुंचे थे। सोमवार को दो और लोगों ने उनसे मुलाकात की। खुफिया एजेंसियां भी अतीक से मिलने वालों पर निगाह रख रही है।