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जी भर के पी.. फिर कोई यहां पड़ा कोई वहां पड़ा
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शराब की दुकान खुलने से पहले कुछ लोगों ने दुकान के आगे बैठकर कीर्तन भी किया।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। शराब पीने वालों को आजादी मिलते ही घर से लेकर मोहल्लों तक झगड़े-झंझटों की खबरें पुलिस तक पहुंचने लगीं। काफी दिनों से तरस रहे लोगों ने इस कदर पी ली कि बेसुध होकर नालियों और सड़कों पर ही गिर पड़े। पुलिस लगातार अंदेशे में रही कि कहीं कोई बड़ी घटना न हो जाए।
कई दिनों बाद शराब मिली तो लोगों ने जरूरत से ज्यादा खरीदी भी और पी भी। कुछ ही देर बाद सड़कों और मोहल्लों में इसका नतीजा दिखाई देना लगा। हीं, बांके की छावनी में सड़क पर एक शख्स नशे में बेसुध पड़ा था। लोगों ने उसे खींचकर किनारे पर किया ताकि कोई गाड़ी न उसे कुचल जाए। कालीबाड़ी व नागपंचमी मेलास्थल के पास शराब के नशे में कुछ लोगों ने जमकर हंगामा काटा। श्यामगंज चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने मौके पर पहुंचकर शराबियों को खदेड़ा। एक पक्ष ने एनसीआर भी दर्ज कराई। शहर के दूसरे हिस्सों से इसी तरह की खबरें आती रहीं।
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कई दिनों बाद शराब मिली तो लोगों ने जरूरत से ज्यादा खरीदी भी और पी भी। कुछ ही देर बाद सड़कों और मोहल्लों में इसका नतीजा दिखाई देना लगा। हीं, बांके की छावनी में सड़क पर एक शख्स नशे में बेसुध पड़ा था। लोगों ने उसे खींचकर किनारे पर किया ताकि कोई गाड़ी न उसे कुचल जाए। कालीबाड़ी व नागपंचमी मेलास्थल के पास शराब के नशे में कुछ लोगों ने जमकर हंगामा काटा। श्यामगंज चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने मौके पर पहुंचकर शराबियों को खदेड़ा। एक पक्ष ने एनसीआर भी दर्ज कराई। शहर के दूसरे हिस्सों से इसी तरह की खबरें आती रहीं।
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न कोरोना को कुछ समझता हूं न एसएसपी को
दोपहर बाद विशाल मेगामार्ट के पास नशे में धुत्त एक शख्स ने कुछ पत्रकारों को पैदल गुजरते देखा तो रोककर अपनी भड़ास निकालने लगा। लॉकडाउन के लिए पुलिस को भला-बुरा कहते हुए बोला कि वह न एसएसपी को कुछ समझता है न कोरोना वोरोना को। कोरोना कुछ नहीं होता, यह सब मन का वहम है। बोला, मेरे भाई का बदमाशी में बड़ा नाम है और वह बदायूं के वजीरगंज में रहता है।
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