सिटीज 2.0 परियोजना: इंदौर संग कदमताल करेगा यूपी का ये शहर, सभी 80 वार्ड होंगे कचरा मुक्त
सिटीज 2.0 परियोजना में बरेली का चयन हुआ है। इस योजना के तहत शहर में कई काम कराए जाएंगे। शहर के सभी 80 वार्ड को कचरा मुक्त किया जाएगा।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में देश के सबसे साफ-सुथरे शहर में शुमार इंदौर के साथ जल्द ही बरेली भी कदमताल करेगा। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की सिटीज 2.0 परियोजना में शहर के 80 वार्ड जीरो वेस्ट (कचरा मुक्त) होंगे। 87 करोड़ की लागत से इसको लेकर कार्य किया जाएगा।
वर्ष 2024 के शुरुआती दिनों में सिटीज 2.0 परियोजना के तहत केवल मॉडल वार्ड समेत नाथ कॉरिडोर, एबीडी एरिया के 14 वार्ड शामिल किए गए थे। इस प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए केंद्र की ओर से इसमें शहर के सभी 80 वार्डों को समाहित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद सभी वार्डों में काम कराने का निर्णय लिया गया। सिटीज 2.0 में देश के 14 और प्रदेश के दो शहर आगरा व बरेली का चयन हुआ है। इसके लिए तैयार किया प्रोजेक्ट हरित प्रांगण (जीरो वेस्ट वार्ड योजना) का नाम दिया गया है।
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कम खर्चे पर काम कराना होगा चुनौती
वर्ष 2024 में सिटीज 2.0 के तहत सिर्फ 14 वार्डों को योजना में शामिल किया गया था। उस समय में केंद्र की ओर 139 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। शहर के सभी वार्डों को शामिल करते समय बजट बढ़ाने की बात जरूर कही गई मगर, यह अब तक बढ़ा नहीं है। अब सिर्फ 87 करोड़ रुपये की लागत से ही काम कराए जाएंगे। इसमें भी 75 करोड़ का ग्रांट केंद्र और 12 करोड़ स्थानीय निकाय खर्च करेगा। ऐसे में कम बजट में काम कराना एक चुनौती होगा।
शहर में इन दिनों टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड (टीसीई) की केंद्रीय टीम डेरा डाली हुई है। तीन दिन के दौरे के बाद टीम लौटेगी। टीसीई की टीम रिपोर्ट बनाकर इसे दिल्ली भेजेगी। इसमें जनता से भी बातचीत के अलावा कूड़ा निस्तारण और डलावघरों के मौजूदा हालात भी शामिल होंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही विकास कार्यों को लेकर केंद्र की ओर से निर्णय लिए जाएंगे।
इन कामों से चमकेगा शहर
- कूड़ा उठान के साथ उपयोगी व अनुपयोगी कूड़े के निस्तारण के लिए मैटीरियल रिसीव फैसिलिटी को अत्याधुनिक करना।
- वार्डों में सौर ऊर्जा आधारित कचरा निस्तारण प्लांट की स्थापना।
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत कूड़ा निस्तारण सेवाओं के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली
- नाथ कॉरिडोर में पुष्प एवं नारियल अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र की स्थापना
- शहर के नाले नालियों में मैकेनिकल बार स्क्रीन की व्यवस्था।
- डलावघर को खत्म कर नये एमआरएफ सेंटर विकसित होंगे।
ठोस कचरा प्रबंधन की प्लानिंग को परखने विदेश से आएगी टीम
ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर तैयार की गई प्लानिंग पर केंद्र सरकार नजर बनाए हुए है। केंद्र से आई टीम सर्कुलर इकोनॉमी योजना को तैयार कर रही है। प्लानिंग और रिपोर्ट तैयार होने के बाद विदेशी विशेषज्ञ भी शहर आकर प्लानिंग को परखेंगे। सिटीज 2.0 परियोजना के तहत 2037 तक के लिए सर्कुलर इकोनॉमी आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना तैयार करने में अधिकारी लगे हुए हैं। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि टीसीई व एनआईयूए की टीमों ने अधिकारियों के साथ शहर का सर्वे किया है। आगे की प्लानिंग रिपोर्ट भी उसी के आधार पर तैयार की जा रही है।