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अलर्ट.. विदेश से कोई नया कोरोना वायरस ले आया तो संभाले नहीं संभलेंगे हालात
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : demo photo
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शासन का दूसरे देशों से पिछले 15 दिनों में लौटे लोगों को युद्धस्तर पर तलाश करने का निर्देश
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बरेली। ब्रिटेन के साथ कई दूसरे देशों में कोरोना वायरस की नई स्ट्रेन के कहर ने पूरी दुनिया को दहला दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पिछले 15 दिनों में दूसरे देशों से लौटे लोगों को ट्रेस करके क्वारंटीन कराने के साथ उनका कोरोना टेस्ट कराने का निर्देश दिया गया है। कोरोना के केस कम होने के साथ सुस्त हुए सर्वे सर्विलांस को भी एक बार फिर सक्रिय कर दिया गया है।
ब्रिटेन, फ्रांस और इटली में मिली कोरोना की नई स्ट्रेन को 70 गुना ज्यादा संक्रामक बताया गया है। माना जा रहा है कि भारत जैसे देश में अगर यह कोरोना वायरस आ गया तो तबाही मचा सकता है। इसी वजह से हाल ही में दूसरे देशों से लौटने वाले लोगों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर ट्रेस करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का मानना है कि अगर नई स्ट्रेन से संक्रमित कोई व्यक्ति बरेली में नहीं आया होगा तो जनवरी में संक्रमितों की तादाद और कम होने की उम्मीद है लेकिन इसके उलट हुआ तो यह वायरस बेहद घातक साबित होगा। ब्रिटेन, अमेरिका, डेनमार्क, जिब्राल्टर, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इटली से लौटे लोगों को ज्यादा संदिग्ध माना जा रहा है क्योंकि वायरस की नई स्ट्रेन से संक्रमित होने के मामले इन्हीं देशों में मिले हैं। प्रदेश सरकार के अलर्ट के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें एक बार फिर सक्रिय हो गई हैं।
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जांच में निगेटिव आने के बाद भी होना
ब्रिटेन, फ्रांस और इटली में मिली कोरोना की नई स्ट्रेन को 70 गुना ज्यादा संक्रामक बताया गया है। माना जा रहा है कि भारत जैसे देश में अगर यह कोरोना वायरस आ गया तो तबाही मचा सकता है। इसी वजह से हाल ही में दूसरे देशों से लौटने वाले लोगों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर ट्रेस करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का मानना है कि अगर नई स्ट्रेन से संक्रमित कोई व्यक्ति बरेली में नहीं आया होगा तो जनवरी में संक्रमितों की तादाद और कम होने की उम्मीद है लेकिन इसके उलट हुआ तो यह वायरस बेहद घातक साबित होगा। ब्रिटेन, अमेरिका, डेनमार्क, जिब्राल्टर, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इटली से लौटे लोगों को ज्यादा संदिग्ध माना जा रहा है क्योंकि वायरस की नई स्ट्रेन से संक्रमित होने के मामले इन्हीं देशों में मिले हैं। प्रदेश सरकार के अलर्ट के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें एक बार फिर सक्रिय हो गई हैं।
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भारी न पड़ जाए ये लापरवाही
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कुछ समय से लगातार दूसरे देशों से लौटने वाले लोगों की ट्रैकिंग के निर्देश दिए जा रहे थे लेकिन बरेली के अफसरों ने गंभीरता नहीं दिखाई और विदेश से लौटने वालों को ट्रेस नहीं किया। ऐसे माना जा रहा है कि पश्चिमी देशों में तबाही मचा रही नई स्ट्रेन अगर बरेली में भी आ गई हो तो कोई बड़ी बात नहीं है। दरअसल केंद्रीय परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक कोरोना वैक्सीन के आने तक विदेश से वापस आने वाले किसी भी शख्स को सात दिन के लिए संस्थागत और फिर सात दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाना था लेकिन इसके बावजूद पिछले दिनों में दूसरे देशों से लौटे लोगों से कोई संपर्क तक नहीं किया गया। बरेली में संक्रमण के केस कम होने के बाद निष्क्रिय हुए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सर्वे सर्विलांस की टीम ने स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों पर कोई ध्यान नहीं दिया। ज्यादातर चिकित्सकों का मानना है कि बरेली से काफी संख्या में लोगों की कोरोना की नई स्ट्रेन से प्रभावित देशों में आवाजाही है लिहाजा यह दावा नहीं किया जा सकता कि जिला इस स्ट्रेन से अब तक सुरक्षित है। चिकित्सकों का लोगों को सुझाव है कि वे सरकारी तंत्र के भरोसे रहने के बजाय खुद ही लॉकडाउन में रहें और संक्रमण से बचाव के लिए हरसंभव प्रयास करें।
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फिर सक्रिय की जाएंगी नगर और ग्राम समितियां
संक्रमण के मामले बढ़ने पर शहर और ब्लॉक स्तर पर नगर और ग्राम समितियां गठित की गई थीं। पिछले दो महीनों से ये समितियां भी निष्क्रिय पड़ी थीं। अब इन समितियों को दोबारा सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विदेश से लौटे व्यक्ति या किसी विदेशी के संपर्क में आने वालों की खोजबीन की जा सके। ऐसे लोगों को तत्काल क्वारंटीन कराकर उनकी निगरानी भी करने का निर्देश दिया गया है।जांच में निगेटिव आने के बाद भी होना
होगा क्वारंटीन, निगरानी भी की जाएगी
शासन से जारी गाइड लाइन के मुताबिक पिछले 15 दिनों में दूसरे देशों से लौटे लोग भले ही एयरपोर्ट या घर पहुंचने के बाद कराई गई जांच में निगेटिव निकले हों, उन्हें क्वारंटीन के नियम का पालन करना ही होगा। ऐसे लोगों की निगरानी की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई है। नया वायरस कितने समय में सक्रिय होता है, इसकी अभी पुख्ता जानकारी नहीं है। लिहाजा 28 दिनों के प्रोटोकॉल का पालन कराना जरूरी बताया गया है।आम लोग भी रखें निगाह, कोई दूसरे देश से लौटे तो हेल्पलाइन पर बताएं
शासन के निर्देशों में कोरोना की नई स्ट्रेन से बचाव के लिए सोशल पुलिसिंग की बेहद जरूरत होगी। सरकारी तंत्र के प्रत्येक व्यक्ति पर निगाह रखने को कठिन मानते हुए आम लोगों को भी अपने आसपास दूसरे देशों से लौटने वालों की निगरानी की अपील की गई है। संभावना जताई गई है कि घर लौटकर ऐसे लोग जांच भी न कराएं। लोगों से कहा गया है कि ऐसे लोगों की सूचना वे कोविड कंट्रोल सेंटर या स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके दें। उनकी पहचान को गोपनीय रखने का भी भरोसा दिलाया गया है।नए दिशा-निर्देश के तहत दूसरे देशों से लौटने वालों को 28 दिन तक क्वारंटीन रखा जाएगा। वे पॉजिटिव हैं या निगेटिव, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके साथ संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी निर्देश पहले की तरह लागू रहेंगे। लोगों से अपील है कि अगर उनके आसपास या घर में कोई व्यक्ति विदेश से लौटा है या किसी विदेशी के संपर्क में है तो फौरन सूचना दें। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ