Akshaya Tritiya 2023: छह सुयोगों का हो रहा संगम, भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी के पूजन से पूर्ण होंगे मनोरथ
अक्षय तृतीया पर आयुष्मान, सौभाग्य, त्रिपुष्कर, रवि, सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। इस दिन चंद्रमा भी उच्च राशि में होंगे, जो किसी भी कार्य के लिए बेहद ही ऊर्जाकारक माने जाते हैं।
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अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया) इस बार 22 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन आयुष्मान योग जहां लोगों को आरोग्य प्रदान करेगा, वहीं सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग श्रद्धालुओं के सभी मनोरथ पूर्ण करेंगे। इस दिन हो रहा छह सुयोगों का संगम विशेष रूप से यश, वैभव, धन-संपदा कारक है।
बरेली के ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्रा के अनुसार तृतीय तिथि का मान 22 अप्रैल शनिवार को सुबह 7:49 बजे से अगले दिन सुबह 7:47 बजे तक रहेगा। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहते हैं। इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य बिना पूछे कर सकते हैं। भगवान विष्णु व देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है।
इस दिन भूमि, भवन, वाहन, आभूषण व बर्तन खरीदना शुभदायक माना जाता है। दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन आयुष्मान, सौभाग्य, त्रिपुष्कर, रवि, सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। इस दिन चंद्रमा भी उच्च राशि में होंगे, जो किसी भी कार्य के लिए बेहद ही ऊर्जाकारक माने जाते हैं।
भरे हुए जलपात्र का करें दान
इस बार ग्रहों के संयोग को देखते हुए अक्षय तृतीया पर भरा हुआ जलपात्र, मिष्ठान्न, श्वेत वस्त्र, नमक, शरबत, चावल, चांदी का दान करना बेहद शुभ फलदायी होगा। अक्षय तृतीया के दिन नए संवत्सर के पंचांग, धार्मिक पुस्तकों और फलों का दान भी पुण्यदायक होता है।