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Akshaya Tritiya 2025: इस बार अक्षय तृतीया पर बन रहे दुर्लभ संयोग, इन चीजों को खरीदना होगा अत्यंत शुभ

Mon, 21 Apr 2025 10:34 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 21 Apr 2025 10:34 AM IST
सार

सनातन धर्म में अक्षय तृतीया पर्व को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है। इस बार अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार अक्षय तृतीया पर दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। 

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Akshay Tritya 2025 Rare coincidences are being made on Akshaya Tritiya
अक्षय तृतीया 2025 - फोटो : adobe stock

विस्तार

अक्षय तृतीया दुर्लभ संयोगों में इस बार 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसका मान 29 अप्रैल मंगलवार को शाम 5:30 बजे से शुरू हो जाएगा, जो बुधवार दोपहर 2:11 तक रहेगा। उदया तिथि की प्रधानता के अनुसार अक्षय तृतीया बुधवार को मनाई जाएगी। 

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बरेली के ज्योतिष पंडित मुकेश मिश्रा बताते हैं कि इस बार अक्षय तृतीया पर्व पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग रहेगा। यह दोनों नक्षत्र यश वैभव धन संपदा के लिए योग्य माने जाते हैं। इन नक्षत्र में खरीदारी करना भी शुभ माना गया है। इस दिन सुकर्मा योग भी बन रहा है जो पूजा पाठ के लिए  फलदायक है। 
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अक्षय तृतीया के दिन बुध, शुक्र, शनि और राहु ग्रह एक साथ बृहस्पति की मीन राशि में रहेंगे, जिससे चतुर्ग्रही योग बनेगा। हर पूजा का चौगुना फल इस दिन लोगों को मिलेगा। इन मंगलकारी योगों के चलते इस दिन भूमि, भवन, वाहन, आभूषण, बर्तन इत्यादि खरीदना अत्यंत शुभ रहेगा। अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त में से एक है, इस दिन विवाह आदि कोई भी कार्य बिना विचार किया जा सकता है।

यह है पौराणिक महत्व 
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत अक्षय तृतीया से ही हुई थी। भगवान विष्णु ने नर नारायण का अवतार भी इसी दिन लिया था। भगवान परशुराम का जन्म भी अक्षय तृतीया पर हुआ था। 

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इस शुभ तिथि से ही महाभारत का काव्य लिखना शुरू किया गया था, अक्षय तृतीया से ही बद्रीनाथ के कपाट खुलते हैं। मान्यता है कि इसी दिन विष्णु जी के चरणों से मा गंगा धरती पर अवतरित हुईं थीं। अक्षय का मतलब ही कभी क्षय नहीं होने वाला है, इसलिए इस दिन नए कार्य की शुरुआत करना शुभ माना जाता है।

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