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Bareilly AQI: बरेली में दिवाली पर जमकर हुई आतिशबाजी, शहर के रिहायशी इलाकों की हवा प्रदूषित

Wed, 22 Oct 2025 10:35 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 22 Oct 2025 10:35 AM IST
सार

दिवाली पर हुई आतिशबाजी से बरेली की हवा प्रदूषित हो गई। शहर के रिहायशी इलाकों में एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 210 पहुंच गया। 

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Air quality in residential areas polluted AQI rises in Bareilly
बरेली में छाई धुंध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के अनुसार बरेली जिले में ग्रीन पटाखे ही बिके। पिछले वर्ष से ज्यादा पटाखों की बिक्री हुई। व्यापार भी 50 करोड़ रुपये का रहा। दिवाली पर शहर के रिहायशी इलाकों का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 210 ही रहा। पिछले वर्ष दिवाली पर यह आंकड़ा 216 था।

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बरेली फायरवर्क्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णदेव सूद का दावा है कि एनजीटी के निर्देशानुसार अब ग्रीन पटाखे ही बाजार में उपलब्ध हैं। इन्हीं की बिक्री हुई। एनजीटी के आदेश पर इस बाद दो बड़ी फैक्टरियों का उत्पादन ठप रहा। जिससे पटाखों की उपलब्धता कम और मांग ज्यादा होने के चलते कीमतों में तेजी रही। 
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उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक करीब 50 करोड़ रुपये का पटाखा कारोबार हुआ। जिसकी वजह मांग जबरदस्त होना और कीमतों में बढ़त भी रही। बावजूद इसके लोगों ने जमकर पटाखे जलाए।

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ग्रीन पटाखों से कम होता है प्रदूषण 
क्षेत्रीय अधिकारी चंद्रेश कुमार के मुताबिक ग्रीन पटाखों में ध्वनि तीव्रता और धुएं का घनत्व सामान्य पटाखों के सापेक्ष 30 फीसदी कम होता है। जलने की अवधि भी कम होती है। यही वजह है कि आतिशबाजी ज्यादा होने के बाद भी वायु गुणवत्ता सूचकांक पिछले साल के आसपास ही रहा।

नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि शहर में नगर निगम की जागरूकता टीम ने नुक्कड़ नाटक और दूसरे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को प्रदूषण के खतरे गिनाए और जागरूकता का महत्व भी समझाया है।

वर्षवार दिवाली पर एक्यूआई
वर्ष 2012 में 378, 2013 में 398, 2014 में 421, 2015 में 442, 2016 में 396, 2017 में 410, 2018 में 435, 2019 में 398, 2020 में 392, 2021 में 415, 2022 में 262, 2023 में 208, 2024 में 216 एक्यूआई था।

व्यावसायिक क्षेत्रों में एक्यूआई और ज्यादा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो व्यावसायिक क्षेत्र के सापेक्ष आवासीय इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सामान्य से ज्यादा रहा। आवासीय क्षेत्र राजेंद्र नगर का एक्यूआई 210 यानी सामान्य से 110 अधिक रहा। जो खतरनाक रहा। सिविल लाइंस व्यावसायिक क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता का स्तर 180 रहा। जो 80 एक्यूआई ज्यादा रहा। छोटी दिवाली रविवार को एक्यूआई 130 और मंगलवार को 168 दर्ज हुआ।

हवा की गुणवत्ता
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 मॉडरेट
201-300 बुरा
401+ से अधिक : स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक

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