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मंडी परिषद परिसर क्रय केंद्र पर लगा एक और पंखा
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बरेली। मंडी परिषद परिसर स्थित धान क्रय केंद्र पर एक पंखे से हो रही छनाई-सफाई से तीन दिन तक किसानों को रुकना पड़ रहा था। इसके साथ ही केंद्र प्रभारी के नदारद रहने और अन्य सुविधाओं के अभाव के बीच लंबी दूरी तय कर धान की तौल कराने पहुंच रहे थे। उनका दर्द जब उजागर हुआ तो एक और पंखा बुधवार शाम उपलब्ध करा दिया। गुरुवार से केंद्र पर दो पंखे काम करेंगे।
कागजों पर तो तीन सौ क्विंटल धान हर दिन क्रय करने के निर्देश हैं, लेकिन जिले में एक भी क्रय केंद्र पर इसका पालन नहीं हो रहा है। इस कारण मंडी परिषद द्वारा केंद्रों पर उपलब्ध कराए गए कम क्षमता के पंखे हैं। इनसे तीन घंटे में एक ट्राली धान भी साफ नहीं हो पाता है, इसलिए सभी केंद्रों पर मानक के अनुरूप तौल नहीं होे पा रही है। हालांकि जिले में ज्यादातर केंद्र किसी न किसी कारण बंद हैं। कहीं प्रभारी नदारद हैं तो पीसीएफ आदि के केंद्रों पर धनाभाव है। इससे जिला निर्धारित लक्ष्य से काफी दूर है। बानगी के तौर पर जिला मुख्यालय पर संचालित क्रय केंद्र पर व्यवस्था का जायजा लिया गया तो पता चला कि तीन दिन से किसान अपना धान तुलवाने के लिए बैठे हैं।
अमर उजाला ने मामला उठाया तब बुधवार एक पंखा रिपेयर कराकर सही कराया गया, क्योंकि मंडी परिषद ने अतिरिक्त पंखा देने से इंकार कर दिया। अब मंडी परिषद परिसर में संचालित क्रय केंद्र पर गुरुवार से दो पंखे काम करेंगे। अब दो ट्रालियां का धान एक साथ तौल हो सकेगी। उधर, जिला खरीद अधिकारी वीके सिंह और जिला विपणन अधिकारी सुनील भारती ने बुधवार दोपहर पीसीएफ द्वारा संचालित जौहरपुर ओर परथौली केंद्रों का जायजा लिया और अव्यवस्था पर केंद्र प्रभारी को फटकारा।
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कागजों पर तो तीन सौ क्विंटल धान हर दिन क्रय करने के निर्देश हैं, लेकिन जिले में एक भी क्रय केंद्र पर इसका पालन नहीं हो रहा है। इस कारण मंडी परिषद द्वारा केंद्रों पर उपलब्ध कराए गए कम क्षमता के पंखे हैं। इनसे तीन घंटे में एक ट्राली धान भी साफ नहीं हो पाता है, इसलिए सभी केंद्रों पर मानक के अनुरूप तौल नहीं होे पा रही है। हालांकि जिले में ज्यादातर केंद्र किसी न किसी कारण बंद हैं। कहीं प्रभारी नदारद हैं तो पीसीएफ आदि के केंद्रों पर धनाभाव है। इससे जिला निर्धारित लक्ष्य से काफी दूर है। बानगी के तौर पर जिला मुख्यालय पर संचालित क्रय केंद्र पर व्यवस्था का जायजा लिया गया तो पता चला कि तीन दिन से किसान अपना धान तुलवाने के लिए बैठे हैं।
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अमर उजाला ने मामला उठाया तब बुधवार एक पंखा रिपेयर कराकर सही कराया गया, क्योंकि मंडी परिषद ने अतिरिक्त पंखा देने से इंकार कर दिया। अब मंडी परिषद परिसर में संचालित क्रय केंद्र पर गुरुवार से दो पंखे काम करेंगे। अब दो ट्रालियां का धान एक साथ तौल हो सकेगी। उधर, जिला खरीद अधिकारी वीके सिंह और जिला विपणन अधिकारी सुनील भारती ने बुधवार दोपहर पीसीएफ द्वारा संचालित जौहरपुर ओर परथौली केंद्रों का जायजा लिया और अव्यवस्था पर केंद्र प्रभारी को फटकारा।
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