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Bareilly News: संतुष्टि फीडबैक शून्य मिलने पर नगर आयुक्त सहित 15 अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण
Sun, 26 Apr 2026 01:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 26 Apr 2026 01:59 AM IST
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बरेली। आईजीआरएस पोर्टल पर निस्तारित दिखाई गई जन शिकायतों पर शासन के फीडबैक में शून्य संतुष्टि पाई गई है। इसके बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने नगर आयुक्त सहित 15 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
शासन ने 1 अप्रैल से 21 अप्रैल तक निस्तारित शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया था। इसमें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, संतुष्टि का प्रतिशत शून्य पाया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि आईजीआरएस बैठकों में समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए जाते हैं। फिर भी अधिकारी आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में रुचि नहीं ले रहे। उन्होंने जन सुनवाई में इस लापरवाही को गंभीर बताया। यह अप्रैल माह की जनपद रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। जन शिकायतों में उदासीनता बर्दाश्त नहीं होगी। सभी संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
स्पष्टीकरण मांगे गए अधिकारियों में उप्र आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता हैं। सिंचाई एवं जल संसाधन के अधिशासी अभियंता, वाणिज्य कर विभाग के उपायुक्त, खंड शिक्षा अधिकारी फरीदपुर व रामनगर भी शामिल हैं। चकबंदी अधिकारी बरेली, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, नगर आयुक्त से भी जवाब मांगा गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक बहेड़ी, बाल विकास परियोजना अधिकारी फतेहगंज पश्चिमी, कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अधिकारी, जल संस्थान नगर निगम के महाप्रबंधक और सहायक विकास अधिकारी भोजीपुरा भी इनमें हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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शासन ने 1 अप्रैल से 21 अप्रैल तक निस्तारित शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया था। इसमें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, संतुष्टि का प्रतिशत शून्य पाया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि आईजीआरएस बैठकों में समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए जाते हैं। फिर भी अधिकारी आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में रुचि नहीं ले रहे। उन्होंने जन सुनवाई में इस लापरवाही को गंभीर बताया। यह अप्रैल माह की जनपद रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। जन शिकायतों में उदासीनता बर्दाश्त नहीं होगी। सभी संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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स्पष्टीकरण मांगे गए अधिकारियों में उप्र आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता हैं। सिंचाई एवं जल संसाधन के अधिशासी अभियंता, वाणिज्य कर विभाग के उपायुक्त, खंड शिक्षा अधिकारी फरीदपुर व रामनगर भी शामिल हैं। चकबंदी अधिकारी बरेली, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, नगर आयुक्त से भी जवाब मांगा गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक बहेड़ी, बाल विकास परियोजना अधिकारी फतेहगंज पश्चिमी, कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अधिकारी, जल संस्थान नगर निगम के महाप्रबंधक और सहायक विकास अधिकारी भोजीपुरा भी इनमें हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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