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अपहरण के बाद नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल कैद की सजा
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने सुनाई सजा, दो आरोपियों को किया बरी
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बरेली। नाबालिग लड़की का अपहरण और फिर दुष्कर्म करने वाले को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनिल कुमार सेठ की अदालत ने बीस साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं, दो आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया।
बारादरी के कालीबाडी इलाके की घटना की रिपोर्ट लड़की के पिता ने 24 अक्तूबर 2018 को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि घटना वाले दिन उसकी 15 साल की बेटी कोचिंग पढ़ने गई थी। बेटी रोजाना शाम के छह बजे तक लौट आती थी मगर उस दिन नहीं लौटी। एफआईआर में आकाश, विकास और विशाल पर शक जताते हुए नामजद किया गया था। पुलिस ने 25 अक्तूबर 2018 को पीड़िता को सेटेलाइट बस स्टैंड से बरामद करने के बाद अगले दिन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल की थी। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील हरेंद्र पाल सिंह राठौर ने पक्ष रखा। कोर्ट ने आकाश को दोषी ठहराते हुए बीस साल कैद और चालीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि विकास और विशाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
बारादरी के कालीबाडी इलाके की घटना की रिपोर्ट लड़की के पिता ने 24 अक्तूबर 2018 को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि घटना वाले दिन उसकी 15 साल की बेटी कोचिंग पढ़ने गई थी। बेटी रोजाना शाम के छह बजे तक लौट आती थी मगर उस दिन नहीं लौटी। एफआईआर में आकाश, विकास और विशाल पर शक जताते हुए नामजद किया गया था। पुलिस ने 25 अक्तूबर 2018 को पीड़िता को सेटेलाइट बस स्टैंड से बरामद करने के बाद अगले दिन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल की थी। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील हरेंद्र पाल सिंह राठौर ने पक्ष रखा। कोर्ट ने आकाश को दोषी ठहराते हुए बीस साल कैद और चालीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि विकास और विशाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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