Nupur Sharma Case: तौकीर के प्रदर्शन में नहीं होगी तकरीर, 1500 लोग हो सकेंगे शामिल, मौलाना बोले- मुबारकबाद के हकदार मुसलमान
जिला प्रशासन ने आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा को रविवार को सशर्त धरने की अनुमति दी है। जिसमें शर्तों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने, ध्वनि विस्तारक यंत्र अधिकतम 65 डेसीबल में बजाए जाने, अस्त्र-शस्त्र के प्रयोग पर रोक है। 19 जून को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही अधिकतम 15 सौ लोगों के साथ धरने की अनुमति प्रदान की गई है।
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बरेली में जिला प्रशासन ने शुक्रवार देर रात आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा को रविवार को प्रदर्शन की सशर्त अनुमति दे दी है। जारी अनुमति पत्र के अनुसार इस्लामिया ग्राउंड पर अधिकतम 15 सौ लोगों के साथ प्रदर्शन की
अनुमति दी गई है। साथ ही प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की तकरीर या भाषण की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का भी प्रयोग मानकों के अनुसार होगा।
आईएमसी जिलाध्यक्ष मोहम्मद फरहत खां, महानगर अध्यक्ष मखदूम बेग ने पिछले दिनों जिला प्रशासन को प्रदर्शन की अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें इस्लामियां ग्राउंड में दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक आईएमसी के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां द्वारा नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन का जिक्र किया था। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपना प्रस्तावित है। मांग पर जिला प्रशासन ने मंथन के बाद शुक्रवार की देर रात सशर्त अनुमति प्रदान कर दी है। शर्तों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने, ध्वनि विस्तारक यंत्र अधिकतम 65 डेसीबल में बजाए जाने, धार्मिक स्थल पर ध्वनि विस्तारक प्रयोग प्रतिबंधित है। अस्त्र-शस्त्र, डंडे, लाठी, भाले, तीर आदि हथियारों का प्रयोग नहीं होगा। अगर सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान होगा तो आयोजक से क्षतिपूर्ति की जाएगी।
मौलाना तौकीर रजा बोले- मुबारकबाद के हकदार हैं मुसलमान
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा है कि पैगंबर मोहम्मद पर अभद्र टिप्पणी से मुसलमानों में भारी नाराजगी है। इसके बावजूद उन्होंने जुमे की नमाज पर जिस अमनपसंदी का सबूत दिया है, इसके लिए वे मुबारकबाद के हकदार हैं। मौलाना ने कहा कि देश भर में जगह-जगह गुस्से का इजहार करने लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक नुपुर शर्मा को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हम एक बार फिर मांग करते हैं कि नुपुर शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। बरेली अहले सुन्नत का मरकज है। देश दुनिया की नजरें बरेली पर लगी हैं। लोग चाहते हैं कि पैगंबर पर टिप्पणी के खिलाफ बरेली से आवाज उठे, अवाम में भी बेचैनी है। इस संबंध में दो बार कुछ कारणों से तिथि बदलनी पड़ी। अब 19 जून रविवार को दोपहर दो बजे से इस्लामिया कॉलेज मैदान पर यौम-ए-दुरूद होगा। इसमें सभी लोग पैगंबर पर मोहब्बत और अकीदत का नजराना पेश करने पहुंचें। बिना नारे लगाए खामोशी के साथ दुरूद शरीफ पढ़ते हुए घर से निकलें और अमन का माहौल बनाते हुए मैदान में पहुंचें।