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Bareilly News: मकान बेचने के नाम पर 22 लाख ठगने का आरोप, आठ लोगों पर रिपोर्ट
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बरेली। मकान बेचने के नाम पर 22 लाख रुपये ठगने के आरोप में सगे भाइयों, बहन-बहनोई व भांजे समेत आठ लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
पंजाबपुरा निवासी पंकज तिवारी का आरोप है कि उन्होंने ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सगे भाइयों विधिक अग्रवाल और विकास अग्रवाल से ग्रीन पार्क एक्सटेंशन स्थित 161.50 वर्गमीटर मकान का सौदा 40 लाख रुपये में किया था। उन्होंने 10 लाख रुपये पहले दिए। छह लाख रुपये 29 अक्तूबर 2021 को रजिस्टर्ड इकरारनामा के समय दिए। इसके बाद इन लोगों ने तीन बार बैनामे की तारीख को आगे बढ़वाया। हर बार उनसे दो-दो लाख रुपये लिए। नवंबर 2024 में विधिक और विकास के पिता राजकुमार अग्रवाल की मौत हो गई। जनवरी 2025 में तय हुआ कि बैनामा 31 जुलाई 2025 तक कर दिया जाएगा। इस दौरान पंकज तिवारी को पता लगा कि राजकुमार अग्रवाल ने मृत्यु से पहले नवंबर 2022 में कूटरचना कर बेटी वर्षा अग्रवाल के पक्ष में रजिस्टर्ड दान पत्र लिख दिया। इसमें वर्षा के पति मोहित अग्रवाल और बेटे संकल्प अग्रवाल को गवाह बनाया गया।
दिसंबर 2023 में वर्षा अग्रवाल ने 1.21 करोड़ में इस संपत्ति का बैनामा तृप्ति दीक्षित के नाम कर दिया। इसमें मोहित अग्रवाल को गवाह बनाया गया। तृप्ति के पति प्रदीप व एक अन्य को पता था कि संपत्ति का रजिस्टर्ड इकरारनामा कर 22 लाख रुपये लिए जा चुके हैं। फिर भी तथ्यों को छिपाकर संपत्ति को बेचा गया। इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। संवाद
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पंजाबपुरा निवासी पंकज तिवारी का आरोप है कि उन्होंने ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सगे भाइयों विधिक अग्रवाल और विकास अग्रवाल से ग्रीन पार्क एक्सटेंशन स्थित 161.50 वर्गमीटर मकान का सौदा 40 लाख रुपये में किया था। उन्होंने 10 लाख रुपये पहले दिए। छह लाख रुपये 29 अक्तूबर 2021 को रजिस्टर्ड इकरारनामा के समय दिए। इसके बाद इन लोगों ने तीन बार बैनामे की तारीख को आगे बढ़वाया। हर बार उनसे दो-दो लाख रुपये लिए। नवंबर 2024 में विधिक और विकास के पिता राजकुमार अग्रवाल की मौत हो गई। जनवरी 2025 में तय हुआ कि बैनामा 31 जुलाई 2025 तक कर दिया जाएगा। इस दौरान पंकज तिवारी को पता लगा कि राजकुमार अग्रवाल ने मृत्यु से पहले नवंबर 2022 में कूटरचना कर बेटी वर्षा अग्रवाल के पक्ष में रजिस्टर्ड दान पत्र लिख दिया। इसमें वर्षा के पति मोहित अग्रवाल और बेटे संकल्प अग्रवाल को गवाह बनाया गया।
दिसंबर 2023 में वर्षा अग्रवाल ने 1.21 करोड़ में इस संपत्ति का बैनामा तृप्ति दीक्षित के नाम कर दिया। इसमें मोहित अग्रवाल को गवाह बनाया गया। तृप्ति के पति प्रदीप व एक अन्य को पता था कि संपत्ति का रजिस्टर्ड इकरारनामा कर 22 लाख रुपये लिए जा चुके हैं। फिर भी तथ्यों को छिपाकर संपत्ति को बेचा गया। इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। संवाद
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