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Bareilly News: जानलेवा हमले के आरोपी बरी, झूठा साक्ष्य देने में वादी पर शिकंजा
Sun, 06 Sep 2026 01:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:46 AM IST
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बरेली। जानलेवा हमले के दो आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। झूठी गवाही और मिथ्या साक्ष्य देने के आरोप में वादी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोतवाली क्षेत्र निवासी फाजिल ने वर्ष 2021 में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कि तीन नवंबर 2021 की रात 11 बजे वह अपने गुरु सलमा किन्नर और साथी सान के साथ स्कूटी से जा रहा था। तभी प्रभा सिनेमा के पास बाइक सवार तीन लड़कों ने उनको रोकने की कोशिश की। स्कूटी नहीं रोकी तो एक लड़के ने फायर कर दिया जो सलमा को लगा। कोतवाली में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने रांझल सक्सेना को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था।
रांझल के खिलाफ आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पार्थ व एक किशोर का नाम प्रकाश में आया। किशोर के खिलाफ आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड बरेली में दाखिल किया गया था। पुलिस ने रांझल और पार्थ के खिलाफ भी न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार की अदालत में चल रही थी।
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अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। घायल सलमा साक्ष्य से घटना साबित करने में असफल रही, जबकि एक गवाह मान ने अभियोजन कथानक का समर्थन नही किया। इस कारण अभियोजन पक्ष द्वारा दोनों को पक्षद्रोही घोषित किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने रांझल सक्सेना को जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। पार्थ को भी जानलेवा हमले के मामले में दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने वादी फाजिल के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
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कोतवाली क्षेत्र निवासी फाजिल ने वर्ष 2021 में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कि तीन नवंबर 2021 की रात 11 बजे वह अपने गुरु सलमा किन्नर और साथी सान के साथ स्कूटी से जा रहा था। तभी प्रभा सिनेमा के पास बाइक सवार तीन लड़कों ने उनको रोकने की कोशिश की। स्कूटी नहीं रोकी तो एक लड़के ने फायर कर दिया जो सलमा को लगा। कोतवाली में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने रांझल सक्सेना को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था।
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रांझल के खिलाफ आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पार्थ व एक किशोर का नाम प्रकाश में आया। किशोर के खिलाफ आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड बरेली में दाखिल किया गया था। पुलिस ने रांझल और पार्थ के खिलाफ भी न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार की अदालत में चल रही थी।
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अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। घायल सलमा साक्ष्य से घटना साबित करने में असफल रही, जबकि एक गवाह मान ने अभियोजन कथानक का समर्थन नही किया। इस कारण अभियोजन पक्ष द्वारा दोनों को पक्षद्रोही घोषित किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने रांझल सक्सेना को जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। पार्थ को भी जानलेवा हमले के मामले में दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने वादी फाजिल के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।