{"_id":"5de18a588ebc3e54fa4b6769","slug":"accident-faridpur-news-bly386017765","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम बेहाल- करंट लगने से बरात की बग्घी के घोड़ों की मौत, दूल्हे ने कूदकर बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम बेहाल- करंट लगने से बरात की बग्घी के घोड़ों की मौत, दूल्हे ने कूदकर बचाई जान
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फरीदपुर। बिजली विभाग की लापरवाही से गुरुवार की रात एक बरात के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सड़क पर लगे एक खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आकर दूल्हे की बग्धी में लगे दोनों घोड़ों की मौत हो गई। करंट के झटके लगने के बाद दूल्हे और कोचवान ने बग्घी से कूदकर जान बचाई। इस हादसे के बाद बरात में भगदड़ मच गई।
फरीदपुर के मोहल्ला फररखपुर से गुरुवार रात करीब 12 बजे बरात चढ़कर मोहल्ले में ही दुर्गा मंदिर की तरफ जा रही थी। जैसे ही बरात होली चौराहे के पास पहुंची, दूल्हे की बग्घी वहां सड़क किनारे लगे खंभे से छू गई। बग्घी के खंभे से छूते ही उसमें लगे दोनों घोड़ों को करंट लगा। दोनों घोड़े कुछ सेकेंड तक वहीं खड़े झटके खाते रहे और फिर जमीन पर गिर पड़े। दोनों घोड़ों की मौके पर ही मौत हो गई। बग्घी पर पीतल की नक्काशी होने के कारण करंट पूरी बग्घी में दौड़ने लगा। उस पर दूल्हे सूरज और कोचवान को भी झटके लगे। दोनों ने घोड़ों को जमीन पर गिरते देखा तो बग्घी से कूदकर जान बचाई। आपाधापी में दूल्हे का सेहरा भी निकलकर दूर जा गिरा।
करंट से बग्घी के दोनों घोड़ों की मौत के बाद बरात में भगदड़ मच गई। बरात में शामिल लोग ऐसी जगह तलाशने लगे जहां आसपास खंभा या बिजली की लाइन न हो। लोगों को सही हालात समझने में भी काफी देर लग गई। होशोहवास ठीक हुए तो दूल्हे को पैदल ही वधू के घर तक ले जाया गया। बताया जाता है कि एक दिन पहले ही बारिश होने के बाद इस खंभे में करंट उतर आया था। यह इत्तफाक रहा कि खंभे से कोई राहगीर नहीं टकराया वर्ना और अप्रिय हादसा हो सकता था।
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बिजली की लाइनों की दुर्दशा पर लोगों में गुस्सा
बरात के दौरान हुई इस घटना से लोगों में गुस्सा फैल गया। कस्बे के लोगों का कहना था कि अधिकांश बिजली लाइनें काफी जर्जर हालत में हैं। तारों में स्पार्किंग और तार टूटकर गिरने की घटनाएं आम हैं। आएदिन खंभों में करंट आ जाता है। शिकायतों के बाद भी पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कस्बे के लोगों का कहना है कि पावर कॉरपोरेशन के अफसरों की लापरवाही किसी दिन में कोई बड़ा हादसा करा देगी।
बग्घी वाले के आंसू निकले तो मिलकर की मदद
बरात के दौरान करंट से बग्घी में जुते दोनों घोड़ों की मौत के बाद बग्घी का मालिक सदमे में आ गया। उसकी आंखों में आंसू भरे देखकर लोगों ने हमदर्दी जताते हुए मौके पर ही चंदा इकट्ठा किया। बरातियों के साथ हादसे के गवाह बने कस्बे के आम लोगों ने भी इसमें सहयोग किया। इकट्ठी की गई धनराशि मौके पर ही बग्घी वाले को दे दी गई।
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फरीदपुर के मोहल्ला फररखपुर से गुरुवार रात करीब 12 बजे बरात चढ़कर मोहल्ले में ही दुर्गा मंदिर की तरफ जा रही थी। जैसे ही बरात होली चौराहे के पास पहुंची, दूल्हे की बग्घी वहां सड़क किनारे लगे खंभे से छू गई। बग्घी के खंभे से छूते ही उसमें लगे दोनों घोड़ों को करंट लगा। दोनों घोड़े कुछ सेकेंड तक वहीं खड़े झटके खाते रहे और फिर जमीन पर गिर पड़े। दोनों घोड़ों की मौके पर ही मौत हो गई। बग्घी पर पीतल की नक्काशी होने के कारण करंट पूरी बग्घी में दौड़ने लगा। उस पर दूल्हे सूरज और कोचवान को भी झटके लगे। दोनों ने घोड़ों को जमीन पर गिरते देखा तो बग्घी से कूदकर जान बचाई। आपाधापी में दूल्हे का सेहरा भी निकलकर दूर जा गिरा।
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करंट से बग्घी के दोनों घोड़ों की मौत के बाद बरात में भगदड़ मच गई। बरात में शामिल लोग ऐसी जगह तलाशने लगे जहां आसपास खंभा या बिजली की लाइन न हो। लोगों को सही हालात समझने में भी काफी देर लग गई। होशोहवास ठीक हुए तो दूल्हे को पैदल ही वधू के घर तक ले जाया गया। बताया जाता है कि एक दिन पहले ही बारिश होने के बाद इस खंभे में करंट उतर आया था। यह इत्तफाक रहा कि खंभे से कोई राहगीर नहीं टकराया वर्ना और अप्रिय हादसा हो सकता था।
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बिजली की लाइनों की दुर्दशा पर लोगों में गुस्सा
बरात के दौरान हुई इस घटना से लोगों में गुस्सा फैल गया। कस्बे के लोगों का कहना था कि अधिकांश बिजली लाइनें काफी जर्जर हालत में हैं। तारों में स्पार्किंग और तार टूटकर गिरने की घटनाएं आम हैं। आएदिन खंभों में करंट आ जाता है। शिकायतों के बाद भी पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कस्बे के लोगों का कहना है कि पावर कॉरपोरेशन के अफसरों की लापरवाही किसी दिन में कोई बड़ा हादसा करा देगी।
बग्घी वाले के आंसू निकले तो मिलकर की मदद
बरात के दौरान करंट से बग्घी में जुते दोनों घोड़ों की मौत के बाद बग्घी का मालिक सदमे में आ गया। उसकी आंखों में आंसू भरे देखकर लोगों ने हमदर्दी जताते हुए मौके पर ही चंदा इकट्ठा किया। बरातियों के साथ हादसे के गवाह बने कस्बे के आम लोगों ने भी इसमें सहयोग किया। इकट्ठी की गई धनराशि मौके पर ही बग्घी वाले को दे दी गई।