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Bareilly News: शिक्षाविदों ने पर्यावरणीय चिंताओं और समाधान की दी जानकारी
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बरेली। बरेली कॉलेज के पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से ''21वीं सदी में पर्यावरणीय मुद्दे एवं चुनौतियां'' विषय पर आयोजित दो दिवसीय अतंरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन शुक्रवार को देश-विदेश के शिक्षाविद ऑनलाइन शामिल हुए। उन्होंने पर्यावरणीय चिंताओं पर बात की। साथ ही, समाधान भी सुझाए। 30 शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
कराटिना विश्वविद्यालय, केन्या के डॉ. अमोस वाविरे ने शिक्षाशास्त्र और सामाजिक विकास के क्षेत्र में पर्यावरण की भूमिका की जानकारी दी। स्वीडिश यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज स्वीडन के डॉ. जेनी जोस ने कृषि विज्ञान, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर विचार रखें। कोमेनियस विश्वविद्यालय स्लोवाकिया के डॉ. प्रतीक दोषी ने पर्यावरणीय नीतियों और जैव विविधता संरक्षण के तकनीकी पहलुओं को बताया।
अदीस अबाबा साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी इथियोपिया के डॉ. त्सेदेकेच गेब्रेमेसकेल ने पर्यावरणीय प्रबंधन और सतत विकास पर बात करते हुए विकासशील देशों की पर्यावरणीय चुनौतियों को समझाया। हंगेरियन यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंसेज हंगरी की डॉ. सृष्टि चौहान ने कृषि क्षेत्र में नवाचार, सतत खेती और खाद्य सुरक्षा के बारे में जानकारी दी।
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वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय की डॉ. सुरभि श्रीवास्तव, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद के डॉ. समीर चंद्र और आईवीआरआई के डॉ. रवि गंगवार ने ऑफलाइन रूप से शामिल होकर पर्यावरणीय शोध की आवश्यकता और नई चुनौतियों पर विचार रखें। संवाद
इनको मिला पुरस्कार
अंजलि, आफरी जुल्फिकार, मुकेश कुमार, नीरज कुमार, हर्षित तिवारी और मंजीत कुमार को इमर्जिंग रिसर्चर अवार्ड दिया गया। अभिषेक गौतम, नितिन कुमार, दिनेश कुमार और प्रदीप कुमार को टेक सपोर्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। पर्यावरणीय स्वच्छता में उत्कृष्ट योगदान के लिए रामवीर शर्मा (पर्यावरण बाबा) को पुरस्कृत किया गया। बेस्ट ओरल प्रर्दशन के लिए मानसी गुप्ता, बेस्ट पोस्टर प्रर्दशन का पुरस्कार प्रियांशी पुष्पक, रोहित मौर्य और प्रदीप कुमार को दिया गया। आउटस्टैंडिंग वॉलेंटियर अवार्ड निकिता त्रिपाठी, मैनेजमेंट अवार्ड माहिर नजीम को प्रदान किया गया। इस दौरान डॉ. जसपाल सिंह, प्रो. एपी सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव भूषण आदि मौजूद रहे।
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कराटिना विश्वविद्यालय, केन्या के डॉ. अमोस वाविरे ने शिक्षाशास्त्र और सामाजिक विकास के क्षेत्र में पर्यावरण की भूमिका की जानकारी दी। स्वीडिश यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज स्वीडन के डॉ. जेनी जोस ने कृषि विज्ञान, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर विचार रखें। कोमेनियस विश्वविद्यालय स्लोवाकिया के डॉ. प्रतीक दोषी ने पर्यावरणीय नीतियों और जैव विविधता संरक्षण के तकनीकी पहलुओं को बताया।
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अदीस अबाबा साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी इथियोपिया के डॉ. त्सेदेकेच गेब्रेमेसकेल ने पर्यावरणीय प्रबंधन और सतत विकास पर बात करते हुए विकासशील देशों की पर्यावरणीय चुनौतियों को समझाया। हंगेरियन यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंसेज हंगरी की डॉ. सृष्टि चौहान ने कृषि क्षेत्र में नवाचार, सतत खेती और खाद्य सुरक्षा के बारे में जानकारी दी।
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वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय की डॉ. सुरभि श्रीवास्तव, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद के डॉ. समीर चंद्र और आईवीआरआई के डॉ. रवि गंगवार ने ऑफलाइन रूप से शामिल होकर पर्यावरणीय शोध की आवश्यकता और नई चुनौतियों पर विचार रखें। संवाद
इनको मिला पुरस्कार
अंजलि, आफरी जुल्फिकार, मुकेश कुमार, नीरज कुमार, हर्षित तिवारी और मंजीत कुमार को इमर्जिंग रिसर्चर अवार्ड दिया गया। अभिषेक गौतम, नितिन कुमार, दिनेश कुमार और प्रदीप कुमार को टेक सपोर्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। पर्यावरणीय स्वच्छता में उत्कृष्ट योगदान के लिए रामवीर शर्मा (पर्यावरण बाबा) को पुरस्कृत किया गया। बेस्ट ओरल प्रर्दशन के लिए मानसी गुप्ता, बेस्ट पोस्टर प्रर्दशन का पुरस्कार प्रियांशी पुष्पक, रोहित मौर्य और प्रदीप कुमार को दिया गया। आउटस्टैंडिंग वॉलेंटियर अवार्ड निकिता त्रिपाठी, मैनेजमेंट अवार्ड माहिर नजीम को प्रदान किया गया। इस दौरान डॉ. जसपाल सिंह, प्रो. एपी सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव भूषण आदि मौजूद रहे।