UP: 'वक्फ संशोधन विधेयक शरई उसूलों के खिलाफ साजिश', आला हजरत दरगाह के सज्जादानशीन बोले- ये कतई कबूल नहीं
Waqf Amendment Bill News: आला हजरत दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खान कादरी (अहसन मियां) ने वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि हम इसे कतई कुबूल नहीं कर सकते हैं।
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बरेली के आला हजरत दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खान कादरी (अहसन मियां) ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक, वक्फ के बुनियादी मकसद और शरई उसूलों के खिलाफ साजिश है। हम इसे कतई कुबूल नहीं कर सकते, क्योंकि इसके नतीजे अच्छे नहीं होंगे। हम ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहां मुसलमानों के दीनी और माली हुकूक पर खुले तौर पर हमले हो रहे हैं। तीन तलाक कानून से लेकर बुलडोजर कार्रवाई तक, मुसलमानों पर जुल्म ढाए जा रहे हैं। यह विधेयक भी उसी साजिश का एक हिस्सा है। हम मुसलमानों से गुजारिश करते हैं कि इसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। अपने हुकूक की हिफाजत के लिए एकजुट हो जाएं।
अहसन मियां ने कहा कि इस विधेयक के जरिये गैर-मुस्लिम लोगों को वक्फ बोर्ड और सेंट्रल वक्फ काउंसिल में शामिल करने का मंसूबा बनाया गया है। यह हमारी आस्था और वक्फ के मकसद की तौहीन है। जो शख्स शरीयत के तरीकों व मुसलमानों के दीनी मामलात से ना-वाकिफ हो, वह मस्जिदों, कब्रिस्तानों, और दरगाहों के फैसलों में हस्तक्षेप कैसे कर सकता है? यह न सिर्फ मुसलमानों के स्वतंत्रता के अधिकार को दबाना है, बल्कि वक्फ संपत्तियों को खतरे में डालने की साजिश भी है।
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मुसलमानों के अधिकारों में दखल
अहसन मियां ने कहा कि इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों को खतरा पैदा हो गया है। जो मस्जिदें, कब्रिस्तान और मदरसे सदियों से वक्फ के लिए खास रहे, अब उनके वजूद को कागजी सबूतों से बांध दिया गया है। जिलाधिकारी को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार देना खुला जुल्म है। इससे वक्फ संपत्तियों को सरकारी कब्जे में या गैर हाथों में देने का रास्ता खुल जाएगा। वक्फ की हर संपत्ति को सरकारी पोर्टल पर दर्ज करने और हुकूमत के नजर-ए-तफ्तीश में लाने का इरादा मुसलमानों के अधिकारों में दखल देने जैसा है।
बुराई के खात्मे के लिए अच्छा कदम : शहाबुद्दीन
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक बुराई के खात्मे के लिए अच्छा कदम है। उन्होंने बिल के पक्ष में वोटिंग करने वाले सांसदों का शुक्रिया भी अदा किया। केंद्र सरकार को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हुकूमत ने एक अच्छा कदम उठाया है। मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारान, भू माफिया से मिल करके करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव बेच दिया करते थे। संपत्ति वक्फ करने वाले की मंशा के मुताबिक काम नहीं होता था। इस विधेयक के पास होने से उम्मीद जगी है कि गरीब मुस्लिमों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।