तीन बच्चों की मां बनीं कमरून: दो बेटे और एक बेटी के पिता बने अशरफ, जटिल सर्जरी के बाद घर में गूंजी किलकारियां
महिला ने दो बेटे व एक बेटी को जन्म दिया। सीएमएस ने बताया कि प्रसव के दौरान गर्भवती की बीपी, हार्ट रेट सब सामान्य था। चिकित्सक और स्टाफ ने सूझबूझ से प्रसव कराया।
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यूपी के बरेली में महिला चिकित्सालय की एमसीएच विंग में रविवार को पहली बार ट्रिप्लेट चाइल्ड (एक गर्भावस्था से जन्मे तीन बच्चे) का सिजेरियन से सुरक्षित प्रसव कराया। असहनीय प्रसव पीड़ा होने की वजह से महिला को रेफर करने का समय नहीं था। लिहाजा, चिकित्सक और स्टाफ ने जटिल सिजेरियन का निर्णय लिया।
असहनीय प्रसव पीड़ा से बेहाल थी निशा
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक फतेहगंज पश्चिमी के सोहरा गांव निवासी अशरफ की पत्नी कमरून निशा को रविवार तड़के प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन पांच बजे अस्पताल पहुंचे। गर्भवती असहनीय प्रसव पीड़ा से बेहाल थी। तत्काल प्रसव कक्ष में शिफ्ट और सुबह छह बजे जटिलताओं के बावजूद सुरक्षित सिजेरियन प्रसव कराया।
दो बेटे और एक बेटी को दिया जन्म
महिला ने दो बेटे व एक बेटी को जन्म दिया। सीएमएस ने बताया कि प्रसव के दौरान गर्भवती की बीपी, हार्ट रेट सब सामान्य था। चिकित्सक और स्टाफ ने सूझबूझ से प्रसव कराया। एमसीएच विंग में ट्रिप्लेट डिलीवरी का पहला मामला है। शिशु एसएनसीयू में भर्ती हुए हैं। प्रसव कराने वालों में वरिष्ठ गायनेकोलॉजिस्ट सीमा सिंह, रेजिडेंट डॉक्टर तेजस्विनी, नर्सिंग स्टाफ मधु और वाणी शामिल रहे।