{"_id":"69b5bf03db65f00b780baf60","slug":"a-fraudster-who-provided-accounts-to-jharkhand-cyber-fraudsters-was-arrested-bareilly-news-c-4-bly1053-843645-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: झारखंड के साइबर ठगों को खाते मुहैया कराने वाला शातिर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: झारखंड के साइबर ठगों को खाते मुहैया कराने वाला शातिर गिरफ्तार
विज्ञापन
बरेली। साइबर ठग गिरोह के एक सदस्य को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साइबर क्राइम थाने में उसके खिलाफ पहले से मामला दर्ज है, वह काफी समय से वांछित चल रहा था। पुलिस उसके एक साथी को पहले ही गिफ्तार कर चुकी है।
इंस्पेक्टर डीके शर्मा ने बताया कि अक्तूबर 2025 में साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसमें सीबीगंज क्षेत्र के स्लीपर रोड निवासी जुबेर को वांछित किया गया था। जुबेर झारखंड व दूसरे राज्यों के साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। वह कम पढ़े-लिखे लोगों के आधार कार्ड में पता बदलवाकर बैंक में खाते खुलवाता था। इन खातों से लिंक मोबाइल नंबर का क्यूआर कोड साइबर ठगों को देता था। खातों के डेबिट कार्ड भी ठगों को देता था।
इसके बाद साइबर ठग इन खातों में ठगी करके रकम डलवाते थे। इस रकम को साइबर ठग नकद या दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। जब साइबर ठगी की शिकायत होती थी तो साइबर पुलिस खाता धारक के आधार कार्ड वाले पते पर पहुंचती थी जो बदला हुआ मिलता था।
विज्ञापन
इसके बाद साइबर ठग उस खाते से लिंक मोबाइल नंबर का सिमकार्ड और डेबिट कार्ड फेंक देते थे। जुबेर को खाते उपलब्ध कराने के बदले पंद्रह प्रतिशत हिस्सा मिलता था। पुलिस ने जुबेर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जुबेर से मोबाइल, आधार कार्ड, तीन आधार कार्ड की प्रतिलिपि और दो डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर डीके शर्मा ने बताया कि अक्तूबर 2025 में साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसमें सीबीगंज क्षेत्र के स्लीपर रोड निवासी जुबेर को वांछित किया गया था। जुबेर झारखंड व दूसरे राज्यों के साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। वह कम पढ़े-लिखे लोगों के आधार कार्ड में पता बदलवाकर बैंक में खाते खुलवाता था। इन खातों से लिंक मोबाइल नंबर का क्यूआर कोड साइबर ठगों को देता था। खातों के डेबिट कार्ड भी ठगों को देता था।
विज्ञापन
इसके बाद साइबर ठग इन खातों में ठगी करके रकम डलवाते थे। इस रकम को साइबर ठग नकद या दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। जब साइबर ठगी की शिकायत होती थी तो साइबर पुलिस खाता धारक के आधार कार्ड वाले पते पर पहुंचती थी जो बदला हुआ मिलता था।
विज्ञापन
इसके बाद साइबर ठग उस खाते से लिंक मोबाइल नंबर का सिमकार्ड और डेबिट कार्ड फेंक देते थे। जुबेर को खाते उपलब्ध कराने के बदले पंद्रह प्रतिशत हिस्सा मिलता था। पुलिस ने जुबेर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जुबेर से मोबाइल, आधार कार्ड, तीन आधार कार्ड की प्रतिलिपि और दो डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं।