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165 सालों बाद फिर बना संयोग, इस बार एक महीने देर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र

Sat, 29 Aug 2020 02:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 02:27 AM IST
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A coincidence again after 165 years, this time Shardiya Navratri will start a month late
नवरात्र - फोटो : amar ujala

शुक्ल पक्ष होगा जो एक अक्तूबर तक रहेगा।अश्विन अधिमास होने के कारण इस बार शारदीय नवरात्र एक महीने देर से 16 अक्तूबर को शुरू होंगे। इसके साथ अश्विन मास में दो कृष्ण पक्ष और दो ही शुक्ल पक्ष होंगे। ज्योतिषार्यों के अनुसार प्रथम कृष्ण पक्ष को शुद्ध अश्विन कृष्ण पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष कहा जाएगा जो तीन सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर तक रहेगा।

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18 सितंबर से अधिमास बताया जा रहा है कि यह स्थिति 165 साल बाद होने जा रही है। इसी कारण जो चातुर्मास चार महीने का होता है, वह इस बार पांच महीने का होगा। अधिमास के कारण ही दशहरा 26 अक्तूबर और दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी।
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ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्रमा मास 27 दिन और सूर्य मास तीस दिन का होता है। एक सूर्य वर्ष 365 दिन और छह घंटे और चंद्रमा का एक वर्ष 354 दिन का होता है। दोनों के बीच 11 दिनों का यह अंतर हर तीन साल में लगभग एक महीने के बराबर होता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीन साल में एक चंद्रमास अतिरिक्त आता है। इसी कारण इसे अधिमास का नाम दिया गया है।
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इसे मलमास भी कहते हैं जिसमें तालाब बनवाना, मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा, राज्यभिषेक, विवाह, मुंडन, कर्ण छेदन जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं। अधिमास बीतने पर शुद्ध अश्विन शुक्ल पक्ष 17 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे जिसमें अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.37 से 12.23 तक रहेगा। 24 अक्तूबर से अतिरिक्त मास में अन्नपूर्णा परिक्रमा रहेगी। दुर्गा विसर्जन 26 अक्तूबर सोमवार को होगा।


पौराणिक मान्यता: मलमास में पूजन नहीं चाहते देवता
मान्यता है कि मलमास में कोई भी देवता अपनी पूजा कराना नहीं चाहते थे और इस महीने के देवता भी नहीं बनना चाहते थे। मलमास ने भगवान विष्णु से स्वीकार करने का निवेदन किया तभी से मलमास को पुरुषोत्तम मास का भी नाम दिया गया। इस महीने में भागवत कथा और प्रवचन सुनने का विशेष महत्व माना गया है। यह भी कहा जाता है कि इस मास में दानपुण्य करने से मोक्ष के द्वार खुलते हैं।

ऐसा पहली बार हो रहा है जब श्राद्ध समाप्त होने के एक महीने बाद नवरात्र शुरू होंगे। एक महीने के मलमास के कारण ऐसा हुआ है। - पंडित प्रदीप चौबे, सुभाषनगर
नवरात्र 17 अक्तूबर से शुरू होंगे। देवोत्थान एकादशी 25 नवंबर को होगी जिसके साथ चातुर्मास भी समाप्त होगा। - पंडित राकेश पांडेय, ज्योतिषाचार्य

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