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चनेहटी अब बरेली कैंट स्टेशन बना
Bareilly
Updated Thu, 29 May 2014 05:36 AM IST
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बरेली। रेलवे ने लंबे समय से चली आ रही डिमांड को पूरा करते हुए अब चनेहटी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बरेली कैंट कर दिया है। स्टेशन का नाम बदलने के सिलसिले में राज्यपाल बीएल जोशी ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसे अब चनेहटी की जगह बरेली कैंट के नाम से जाना जाएगा।
करीब एक दशक से चनेहटी को बरेली कैंट स्टेशन बनाए जाने की चली आ रही थी। रेलवे बोर्ड के भेजे प्रस्ताव पर चनेहटी जंक्शन के बजाय अब बरेली कैंट स्टेशन बनाने की राज्यपाल ने देर शाम अधिसूचना जारी कर दी है। रेल अफसरों के मुताबिक अधिसूचना की औपचारिकता के बाद बोर्ड ने उत्तर रेल मुख्यालय से ग्रेड के हिसाब दी जाने वाली सहूलियतें और आवश्यक ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव भी मांग लिया है।
बरेली कैंट नया स्टेशन बन जाने के बाद अब आसपास के दर्जनों गांव के साथ-साथ उत्तर भारत सैन्य मुख्यालय, सिक्स माउंटेन डिविजन,आईटीबीपी हेड क्वार्टर का लिंक भी इससे सीधा हो जाएगा। बता दें कि कैंटोनमेंट बोर्ड ने 2004 में में एनओसी जारी कर बरेली कैंट स्टेशन के लिए मुहिम छेड़ी थी। 2008 में रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार व गृह मंत्रालय से भी साल भर पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद स्टेशन बनने का रास्ता साफ हो गया था।
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लंबे समय से बरेली कैंट स्टेशन की स्थापना की प्रक्रिया चल रही थी। मंडल मुख्यालय से भी बोर्ड व मंत्रालय से संवाद जारी था। बरेली कैंट स्टेशन की अधिसूचना जारी कर दिए जाने के बाद अब ग्रेड के मुताबिक जरूरी सुविधाओं का खाका तैयार किया जाएगा। -सुधीर अग्रवाल, मंडल रेल प्रबंधक
बरेली। चनेहटी जंक्शन बनने के बाद उत्तर रेलवे अब चंदौसी रूट की रेलवे लाइन कैपेसिटी बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है। बरेली आंवला वाया चंदौसी मुरादाबाद व अलीगढ़ रूट की ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसके लिए चला ट्रायल पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति 110 तक पहुंचाने की तैयार है। जिसके लिए मंडल मुख्यालय की ओर से रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
उत्तर रेलवे ने चनेहटी को जंक्शन बनाने की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद अब ब्रांच लाइन से रेल लाइन कैपेसिटी बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए पहले चरण में गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। दिल्ली की टीम से कराए गए सर्वे के बाद चनेहटी से आंवला, चंदौसी और चंदौसी से (हरदुआगंज) अलीगढ़ तक चलने वाली ट्रेनों की 70 से 80 के बीच की रफ्तार बढ़ाकर 110 -120 किमी प्रति घंटा करने का काम पूरा कर लिया है। अपर मंडल रेल प्रबंधक हितेंद्र मेहरोत्रा का कहना है कि सर्वे पूरा कर रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी है।
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करीब एक दशक से चनेहटी को बरेली कैंट स्टेशन बनाए जाने की चली आ रही थी। रेलवे बोर्ड के भेजे प्रस्ताव पर चनेहटी जंक्शन के बजाय अब बरेली कैंट स्टेशन बनाने की राज्यपाल ने देर शाम अधिसूचना जारी कर दी है। रेल अफसरों के मुताबिक अधिसूचना की औपचारिकता के बाद बोर्ड ने उत्तर रेल मुख्यालय से ग्रेड के हिसाब दी जाने वाली सहूलियतें और आवश्यक ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव भी मांग लिया है।
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बरेली कैंट नया स्टेशन बन जाने के बाद अब आसपास के दर्जनों गांव के साथ-साथ उत्तर भारत सैन्य मुख्यालय, सिक्स माउंटेन डिविजन,आईटीबीपी हेड क्वार्टर का लिंक भी इससे सीधा हो जाएगा। बता दें कि कैंटोनमेंट बोर्ड ने 2004 में में एनओसी जारी कर बरेली कैंट स्टेशन के लिए मुहिम छेड़ी थी। 2008 में रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार व गृह मंत्रालय से भी साल भर पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद स्टेशन बनने का रास्ता साफ हो गया था।
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लंबे समय से बरेली कैंट स्टेशन की स्थापना की प्रक्रिया चल रही थी। मंडल मुख्यालय से भी बोर्ड व मंत्रालय से संवाद जारी था। बरेली कैंट स्टेशन की अधिसूचना जारी कर दिए जाने के बाद अब ग्रेड के मुताबिक जरूरी सुविधाओं का खाका तैयार किया जाएगा। -सुधीर अग्रवाल, मंडल रेल प्रबंधक
बरेली। चनेहटी जंक्शन बनने के बाद उत्तर रेलवे अब चंदौसी रूट की रेलवे लाइन कैपेसिटी बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है। बरेली आंवला वाया चंदौसी मुरादाबाद व अलीगढ़ रूट की ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसके लिए चला ट्रायल पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति 110 तक पहुंचाने की तैयार है। जिसके लिए मंडल मुख्यालय की ओर से रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
उत्तर रेलवे ने चनेहटी को जंक्शन बनाने की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद अब ब्रांच लाइन से रेल लाइन कैपेसिटी बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए पहले चरण में गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। दिल्ली की टीम से कराए गए सर्वे के बाद चनेहटी से आंवला, चंदौसी और चंदौसी से (हरदुआगंज) अलीगढ़ तक चलने वाली ट्रेनों की 70 से 80 के बीच की रफ्तार बढ़ाकर 110 -120 किमी प्रति घंटा करने का काम पूरा कर लिया है। अपर मंडल रेल प्रबंधक हितेंद्र मेहरोत्रा का कहना है कि सर्वे पूरा कर रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी है।