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एंटी हाइजैकिंग में मदद करेगा विश्वविद्यालय
Bareilly
Updated Sat, 11 Jan 2014 05:54 AM IST
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बरेली। अब एंटी हाइजैकिंग में रूहेलखंड विश्वविद्यालय भी मदद करेगा। इस संबंध में लिए जिला प्रशासन की ओर से विश्वविद्यालय में पत्र भेजा गया है। इसमें दो से अधिक भाषाओं को जानने वालों की सूची मांगी गई है। जिला प्रशासन विश्वविद्यालय की इस सूची को त्रिशूल एयरबेस के अधिकारियों को देगा।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से एंटी त्रिशूल एयरबेस पर पिछले दिनों हाइजैकिंग प्लान तैयार करने के संबंध में बैठक की गई थी। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि त्रिशूल हवाई अड्डे के अधिकारियों की ओर से एंटी हाइजैकिंग प्लान के लिए दो से अधिक भाषा जानने वालों की सूची मांगी गई है। इसमें संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर और पता भी उपलब्ध कराना है। ताकि, आपात स्थिति में उनका सहयोग लिया जा सके। जिला प्रशासन का यह पत्र विश्वविद्यालय के हर विभाग में भेज दिया गया है। इस पर अमल करते हुए प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग से दो नाम भी भेजे गए हैं। इनमें डॉ. अनूप रंजन हैं और दूसरे मोईनुद्दीन शामिल हैं। डॉ. अनूप रंजन हिंदी, अंग्रेजी और उड़िया जानते हैं, वहीं इंडो-ईरान स्टडी सेंटर में पढ़ाने वाले मोईनुद्दीन हिंदी, अंग्रेजी और फारसी के जानकार हैं। अभी अन्य विभागों से नाम आने शेष हैं।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से एंटी त्रिशूल एयरबेस पर पिछले दिनों हाइजैकिंग प्लान तैयार करने के संबंध में बैठक की गई थी। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि त्रिशूल हवाई अड्डे के अधिकारियों की ओर से एंटी हाइजैकिंग प्लान के लिए दो से अधिक भाषा जानने वालों की सूची मांगी गई है। इसमें संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर और पता भी उपलब्ध कराना है। ताकि, आपात स्थिति में उनका सहयोग लिया जा सके। जिला प्रशासन का यह पत्र विश्वविद्यालय के हर विभाग में भेज दिया गया है। इस पर अमल करते हुए प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग से दो नाम भी भेजे गए हैं। इनमें डॉ. अनूप रंजन हैं और दूसरे मोईनुद्दीन शामिल हैं। डॉ. अनूप रंजन हिंदी, अंग्रेजी और उड़िया जानते हैं, वहीं इंडो-ईरान स्टडी सेंटर में पढ़ाने वाले मोईनुद्दीन हिंदी, अंग्रेजी और फारसी के जानकार हैं। अभी अन्य विभागों से नाम आने शेष हैं।
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