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शहर को सॉलिड वेस्ट प्लांट तो चाहिए
Bareilly
Updated Sat, 27 Jul 2013 05:34 AM IST
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बरेली । सॉलिड वेस्ट प्लांट भले ही मूंछ की लड़ाई में तब्दील हो गया है लेकिन इससे देश के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों सुखोई-30एमकेआई पर खतरा मंडराने लगा है। बरेली में सॉलिड वेस्ट प्लांट की स्थापना के पीछे सुखोई की सुरक्षा एक अहम फैक्टर था। एयरफोर्स ने एक बार फिर बर्ड हिट के खतरे बढ़ने की संभावना जताई है। संभावना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में केंद्र सरकार दखल दे सकती है।
एयरफोर्स ने पिछले दिनों सॉलिड वेस्ट प्लांट को लेकर रक्षा मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयरफोर्स ने सुखोई उड़ान अभ्यास में दिक्कतें आने की बात कही है। एयरफोर्स ने इसमें सबसे बड़ी बाधा रनवे के ऊपर पक्षियों की उड़ान को बताया है। एयरफोर्स ने यह भी कहा कि सही ढंग से कूड़ा निस्तारण न होने से समस्या बढ़ गई है।
एयरबेस इस समस्या से निपटने के लिए अपनी उड़ानों को दक्षिण-पूर्व (एयरबेस से लखनऊ की ओर) की अपेक्षा उत्तर-पश्चिम (एयरबेस से रामपुर की दिशा की ओर) की ओर संचालित कर रहा है। साथ ही अनमैंड एयरक्रॉफ्ट की उड़ान फ्रीक्वैंसी भी बढ़ानी पड़ गई है। यह एयरक्राफ्ट सुखोई की उड़ान से पहले आसमान ने सुपरसोनिक आवाज के जरिए पक्षियों को भगाने का काम करता है। उच्चपदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयरफोर्स ने सुखोई को बर्ड हिट के खतरे से महफूज रखने को कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया को सुचारू करने की बात कही है। इसके लिए राज्य और स्थानीय प्रशासन को भी सचेत किया है।
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यह था मामला
देश के कई हिस्सों में लड़ाकू विमानों के पक्षियों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद केंद्र सरकार ने उन शहरों में सॉलिड वेस्ट प्लांट लगाने की योजना शुरू की थी जहां एयरफोर्स स्टेशन हैं। इसी क्रम में वर्ष बरेली में भी वर्ष 2005 में भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट की तकनीकी स्वीकृति दी। बरेली सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एंड ड्रेनेज प्रोजेक्ट के नाम से इस प्रोजेक्ट के लिए 13.66 करोड़ रुपए का बजट भी जारी हुआ था। प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद वर्ष 2011 में पीपीपी आधार पर निजी कम्पनी से अनुबंध हुआ। इसी साल 31 मार्च को इसका संचालन विधिवत शुरू कर दिया गया।
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एयरफोर्स ने पिछले दिनों सॉलिड वेस्ट प्लांट को लेकर रक्षा मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयरफोर्स ने सुखोई उड़ान अभ्यास में दिक्कतें आने की बात कही है। एयरफोर्स ने इसमें सबसे बड़ी बाधा रनवे के ऊपर पक्षियों की उड़ान को बताया है। एयरफोर्स ने यह भी कहा कि सही ढंग से कूड़ा निस्तारण न होने से समस्या बढ़ गई है।
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एयरबेस इस समस्या से निपटने के लिए अपनी उड़ानों को दक्षिण-पूर्व (एयरबेस से लखनऊ की ओर) की अपेक्षा उत्तर-पश्चिम (एयरबेस से रामपुर की दिशा की ओर) की ओर संचालित कर रहा है। साथ ही अनमैंड एयरक्रॉफ्ट की उड़ान फ्रीक्वैंसी भी बढ़ानी पड़ गई है। यह एयरक्राफ्ट सुखोई की उड़ान से पहले आसमान ने सुपरसोनिक आवाज के जरिए पक्षियों को भगाने का काम करता है। उच्चपदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयरफोर्स ने सुखोई को बर्ड हिट के खतरे से महफूज रखने को कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया को सुचारू करने की बात कही है। इसके लिए राज्य और स्थानीय प्रशासन को भी सचेत किया है।
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यह था मामला
देश के कई हिस्सों में लड़ाकू विमानों के पक्षियों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद केंद्र सरकार ने उन शहरों में सॉलिड वेस्ट प्लांट लगाने की योजना शुरू की थी जहां एयरफोर्स स्टेशन हैं। इसी क्रम में वर्ष बरेली में भी वर्ष 2005 में भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट की तकनीकी स्वीकृति दी। बरेली सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एंड ड्रेनेज प्रोजेक्ट के नाम से इस प्रोजेक्ट के लिए 13.66 करोड़ रुपए का बजट भी जारी हुआ था। प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद वर्ष 2011 में पीपीपी आधार पर निजी कम्पनी से अनुबंध हुआ। इसी साल 31 मार्च को इसका संचालन विधिवत शुरू कर दिया गया।