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जंक्शन से लेकर मंदिरों तक की सुरक्षा राम भरोसे
Bareilly
Updated Tue, 09 Jul 2013 05:32 AM IST
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बरेली। बिहार के बोध गया मंदिर में आतंकी हमले के बाद भी पुलिस प्रशासन चैन की नींद सो रहा है। हालत यह है कि जंक्शन से लेकर मंदिरों तक की सुरक्षा राम भरोसे है। स्टेशन पर रोजाना आने वाले लोगों की चेकिंग तक नहीं होती। सीसीटीवी कैमरा और मेटल डिटेक्टर लगे तो हैं, लेकिन कई माह से खराब पड़े हैं। रविवार को ‘अमर उजाला’ ने जब पड़ताल की तो यह सच सामने आया।
पुलिस बूथ: दोपहर 3.30 बजे
स्टेशन रोड के सामने जंक्शन परिसर में बना पुलिस बूथ खाली था। उसके आसपास भी कोई खाकी वर्दी वाला नहीं दिखा। टेंपो बेतरतीब खड़े थे। उधर से लोग बेरोकटोक चले जा रहे थे। टिकट घर में लोगों की भीड़ थी। उनके बीच सामान से भरे बैग, थैले और बोरे रखे थे, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं था। टिकट घर के बराबर से पुल और प्लेटफार्म एक पर लोग चले जा रहे थे, जिन्हें चेक करने वाला भी कोई नहीं था।
मुख्य द्वार: दोपहर 3.45 बजे
जंक्शन के मुख्य द्वार पर न तो मेटल डिटेक्टर डोर था और न ही कोई सुरक्षा कर्मी। पूछताछ केंद्र के सामने बरामदे में लोगों की भीड़ थी। प्लेटफार्म एक पर जगह-जगह पार्सल के ढेर लगे थे। जीआरपी थाने के अंदर से भी यात्री बिना किसी रोकटोक के आ जा रहे थे। प्लेटफार्म एक के पूरब से रास्ता न होने के बावजूद लोग निकल रहे थे।
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सुभाषनगर पुलिया की तरफ: शाम 4.00 बजे
सुभाषनगर पुलिया की तरफ से आने वाले प्लेटफार्म एक के पश्चिम में होकर लाइन के ऊपर से प्लेटफार्म दो, तीन, चार पर लोग जाते देखे गए। प्लेटफार्म छह से होकर यात्री सुभाषनगर की तरफ निकल रहे थे।
पश्चिमी पुल टिकट घर: शाम 4.30 बजे
जंक्शन का पश्चिमी पुल टिकट घर से होकर सुभाषनगर से सटी रेलवे कॉलोनी में खुलता है। पुल के ऊपर से लोगों की भीड़ इधर-उधर जा रही थी। इनमें एक-दो साइकिल वाले भी थे। पुल पर गुटखा बेच रही महिला का कहना था कि आज कोई नई बात नहीं है। यहां चेकिंग कभी नहीं होती।
हम अक्सर रूटीन चेकिंग करते रहते हैं। इसलिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया।
- एसएस गर्ब्याल, आरपीएफ इंस्पेक्टर
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अलर्ट के चलते श्रमजीवी और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में चेकिंग की गई। हम पूरी तरह अलर्ट हैं। - रंजश कुमार शर्मा, जीआरपी एसओ
त्रिवटीनाथ मंदिर: शाम 4.45 बजे
प्रेमनगर स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर लाखों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। वहां आए दिन धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। सुबह-शाम श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं, लेकिन वहां की सुरक्षा पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं। शाम को एक भी पुलिस कर्मी वहां नहीं पाए गए।
अलखनाथ मंदिर: शाम 5.00 बजे
चौधरी तालाब के पास शहर का सबसे प्राचीन शिव मंदिर हैं, जहां रोज सैकड़ों लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। सावन में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में हो जाती है। महंत बाबा बालक गिरि ने भक्तों की मदद से मंदिर परिसर में सीसी टीवी कैमरे लगवा रखे हैं, लेकिन पुलिस मंदिर की सुरक्षा को लेकर लापरवाह है। श्रद्धालुओं के आने-जाने के बावजूद मंदिर के पास एक भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं था।
वनखंडीनाथ मंदिर: 5.30 बजे
जोगी नवादा मोहल्ले में स्थित वनखंडी नाथ मंदिर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है। यहां सुबह-शाम शिव भक्तों का तांता लगता है। सावन माह में मंदिर की रौनक और भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। जोगी नवादा में दंगे के बाद पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई। मगर मंदिर की सुरक्षा की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
काली देवी मंदिर: शाम 6.00 बजे
कालीबाड़ी मोहल्ले में स्थित काली देवी मंदिर प्रमुख देवी मंदिरों में से एक है। यहां हर दिन भक्तों का तांता लगता है। इस मंदिर की पुलिस चौकी से दूरी पांच सौ मीटर होगी। रविवार को प्रदेश भर में अलर्ट घोषित किए जाने के बावजूद मंदिर पर एक भी पुलिस वाला नहीं दिखा।
आनंद आश्रम: शाम 6.30 बजे
रामपुर गार्डन स्थित आनंद आश्रम मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। शाम को मंदिर में कथा चल रही थी। बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। बावजूद इसके पुलिस ने सुरक्षा के तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
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सुरक्षा के लिहाज से धार्मिक स्थलों में चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। थाने वालों ने चेकिंग की भी है। - आकाश कुलहरि, एसएसपी
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पुलिस बूथ: दोपहर 3.30 बजे
स्टेशन रोड के सामने जंक्शन परिसर में बना पुलिस बूथ खाली था। उसके आसपास भी कोई खाकी वर्दी वाला नहीं दिखा। टेंपो बेतरतीब खड़े थे। उधर से लोग बेरोकटोक चले जा रहे थे। टिकट घर में लोगों की भीड़ थी। उनके बीच सामान से भरे बैग, थैले और बोरे रखे थे, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं था। टिकट घर के बराबर से पुल और प्लेटफार्म एक पर लोग चले जा रहे थे, जिन्हें चेक करने वाला भी कोई नहीं था।
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मुख्य द्वार: दोपहर 3.45 बजे
जंक्शन के मुख्य द्वार पर न तो मेटल डिटेक्टर डोर था और न ही कोई सुरक्षा कर्मी। पूछताछ केंद्र के सामने बरामदे में लोगों की भीड़ थी। प्लेटफार्म एक पर जगह-जगह पार्सल के ढेर लगे थे। जीआरपी थाने के अंदर से भी यात्री बिना किसी रोकटोक के आ जा रहे थे। प्लेटफार्म एक के पूरब से रास्ता न होने के बावजूद लोग निकल रहे थे।
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सुभाषनगर पुलिया की तरफ: शाम 4.00 बजे
सुभाषनगर पुलिया की तरफ से आने वाले प्लेटफार्म एक के पश्चिम में होकर लाइन के ऊपर से प्लेटफार्म दो, तीन, चार पर लोग जाते देखे गए। प्लेटफार्म छह से होकर यात्री सुभाषनगर की तरफ निकल रहे थे।
पश्चिमी पुल टिकट घर: शाम 4.30 बजे
जंक्शन का पश्चिमी पुल टिकट घर से होकर सुभाषनगर से सटी रेलवे कॉलोनी में खुलता है। पुल के ऊपर से लोगों की भीड़ इधर-उधर जा रही थी। इनमें एक-दो साइकिल वाले भी थे। पुल पर गुटखा बेच रही महिला का कहना था कि आज कोई नई बात नहीं है। यहां चेकिंग कभी नहीं होती।
हम अक्सर रूटीन चेकिंग करते रहते हैं। इसलिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया।
- एसएस गर्ब्याल, आरपीएफ इंस्पेक्टर
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अलर्ट के चलते श्रमजीवी और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में चेकिंग की गई। हम पूरी तरह अलर्ट हैं। - रंजश कुमार शर्मा, जीआरपी एसओ
त्रिवटीनाथ मंदिर: शाम 4.45 बजे
प्रेमनगर स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर लाखों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। वहां आए दिन धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। सुबह-शाम श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं, लेकिन वहां की सुरक्षा पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं। शाम को एक भी पुलिस कर्मी वहां नहीं पाए गए।
अलखनाथ मंदिर: शाम 5.00 बजे
चौधरी तालाब के पास शहर का सबसे प्राचीन शिव मंदिर हैं, जहां रोज सैकड़ों लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। सावन में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में हो जाती है। महंत बाबा बालक गिरि ने भक्तों की मदद से मंदिर परिसर में सीसी टीवी कैमरे लगवा रखे हैं, लेकिन पुलिस मंदिर की सुरक्षा को लेकर लापरवाह है। श्रद्धालुओं के आने-जाने के बावजूद मंदिर के पास एक भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं था।
वनखंडीनाथ मंदिर: 5.30 बजे
जोगी नवादा मोहल्ले में स्थित वनखंडी नाथ मंदिर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है। यहां सुबह-शाम शिव भक्तों का तांता लगता है। सावन माह में मंदिर की रौनक और भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। जोगी नवादा में दंगे के बाद पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई। मगर मंदिर की सुरक्षा की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
काली देवी मंदिर: शाम 6.00 बजे
कालीबाड़ी मोहल्ले में स्थित काली देवी मंदिर प्रमुख देवी मंदिरों में से एक है। यहां हर दिन भक्तों का तांता लगता है। इस मंदिर की पुलिस चौकी से दूरी पांच सौ मीटर होगी। रविवार को प्रदेश भर में अलर्ट घोषित किए जाने के बावजूद मंदिर पर एक भी पुलिस वाला नहीं दिखा।
आनंद आश्रम: शाम 6.30 बजे
रामपुर गार्डन स्थित आनंद आश्रम मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। शाम को मंदिर में कथा चल रही थी। बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। बावजूद इसके पुलिस ने सुरक्षा के तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
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सुरक्षा के लिहाज से धार्मिक स्थलों में चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। थाने वालों ने चेकिंग की भी है। - आकाश कुलहरि, एसएसपी