{"_id":"120-55358","slug":"Bareilly-55358-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरसन देहु न अपान हो छट्ठी मैया..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरसन देहु न अपान हो छट्ठी मैया..
Bareilly
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
बरेली। ‘चार पहर राति जल-थल सेवी ला, सेवी ला चरण तोहार हो छट्ठी मैया, दरसन देहु न अपान हो छट्ठी मैया।’ संतान और परिवार कल्याण की कामना के साथ छठ देवी की आराधना के गीत गाते हुए महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रचलित छठ पूजा के आयोजन में सुहागिन महिलाओं ने पुत्र की लंबी आयु और सुखमय जीवन की प्रार्थना करते हुए छठ मैया की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। संबंधित समाज के यहां रह रहे परिवारों ने रूहेलखंड क्षेत्र में ही पूर्वांचल की परंपराओं की झलक दिखा कर त्योहार में आस्था बढ़ाई। इज्जतनगर, शिव-पार्वती मंदिर, धोपा मंदिर और रूहेलखंड विश्वविद्यालय आदि जगहों पर महिलाओं ने पहले दिन की छठ पूजा की। मंगलवार को महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारायण करेंगी।
छठ पूजा की धूम बरेली में भी खूब देखी गई। शिव-पार्वती मंदिर में दोपहर बाद तीन बजे से आराधना करने वाले श्रद्धालुओं का मेला सा लगा हुआ था। शाम तक तकरीबन 300 परिवारों ने पूजा-अर्चना की। डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य भी दिया। आंचल में पांच फल के साथ ठेकुआ लेकर परिक्रमा की और डलिया को पांच बार जल में डुबोकर विशेष पूजा की। इज्जतनगर में बनाए गए सरोवर में खासकर रेलसेवा वालों के 60 परिवारों ने पूजा की।
-----------------------
छठ मैया के व्रत का साल भर इंतजार रहता है। बड़े भाग्य वाले वे लोग होते हैं, जिन्हें ये व्रत रखने का मौका मिलता है। उन्हीं भाग्यशाली लोगों में से मैं भी हूं।
विज्ञापन
-श्वेता, डिफेंस कॉलोनी।
-------------
अब वे परिवार भी छठ की पूजा कर रहे हैं, जिनके वहां परंपरागत रूप से यह पूजा नहीं होती रही है। छठ मैया के मानने वालों की संख्या हर साल बढ़ती ही जा रही है।
-रितु, डिफेंस कॉलोनी।
--------------
छठ मैया बेटे को सभी कष्टों से दूर रखेंगी और उसे सफलता दिलाएंगी। इसी कामना के साथ पूजा की। मुझे विश्वास है कि यह कामना जरूर पूरी होगी।
-देवांती, शास्त्री नगर।
-----------------
इस महापर्व में कौन नहीं शामिल होना चाहेगा। यह साल की सबसे बड़ी पूजा होती है। पूजा मुझे करनी है, लेकिन पूरा परिवार पूजा देखने के लिए मेरे साथ आता है।
-प्रेमवती, डिफेंस कॉलोनी।
विज्ञापन
छठ पूजा की धूम बरेली में भी खूब देखी गई। शिव-पार्वती मंदिर में दोपहर बाद तीन बजे से आराधना करने वाले श्रद्धालुओं का मेला सा लगा हुआ था। शाम तक तकरीबन 300 परिवारों ने पूजा-अर्चना की। डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य भी दिया। आंचल में पांच फल के साथ ठेकुआ लेकर परिक्रमा की और डलिया को पांच बार जल में डुबोकर विशेष पूजा की। इज्जतनगर में बनाए गए सरोवर में खासकर रेलसेवा वालों के 60 परिवारों ने पूजा की।
विज्ञापन
-----------------------
छठ मैया के व्रत का साल भर इंतजार रहता है। बड़े भाग्य वाले वे लोग होते हैं, जिन्हें ये व्रत रखने का मौका मिलता है। उन्हीं भाग्यशाली लोगों में से मैं भी हूं।
विज्ञापन
-श्वेता, डिफेंस कॉलोनी।
-------------
अब वे परिवार भी छठ की पूजा कर रहे हैं, जिनके वहां परंपरागत रूप से यह पूजा नहीं होती रही है। छठ मैया के मानने वालों की संख्या हर साल बढ़ती ही जा रही है।
-रितु, डिफेंस कॉलोनी।
--------------
छठ मैया बेटे को सभी कष्टों से दूर रखेंगी और उसे सफलता दिलाएंगी। इसी कामना के साथ पूजा की। मुझे विश्वास है कि यह कामना जरूर पूरी होगी।
-देवांती, शास्त्री नगर।
-----------------
इस महापर्व में कौन नहीं शामिल होना चाहेगा। यह साल की सबसे बड़ी पूजा होती है। पूजा मुझे करनी है, लेकिन पूरा परिवार पूजा देखने के लिए मेरे साथ आता है।
-प्रेमवती, डिफेंस कॉलोनी।