{"_id":"120-54940","slug":"Bareilly-54940-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"135 करोड़ रुपये की हुई खरीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
135 करोड़ रुपये की हुई खरीदारी
Bareilly
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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बरेली। धनतेरस पर लोगों को खरीदारी करने से मंहगाई डायन भी नहीं रोक पाई। बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। लोगों ने खूब खरीदारी की। सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल्स, सर्राफा और बर्तन के बाजार में भीड़ रही। सबने अपनी-अपनी हैसियत के हिसाब से खरीददारी की। लेकिन, सबके घर बाजार से कुछ न कुछ जरूर गया। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के युवा प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया, इस बार 135 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। इसमें विभिन्न बैंकों में पंद्रह करोड़ के सोने के सिक्के का कारोबार भी शामिल है। पिछले साल धनतेरस पर 80 करोड़ का व्यापार हुआ था। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने इतने व्यापार की आशा भी नहीं की थी। जिस तरह से साल भर महंगाई ने लोगों ने परेशान किया। उससे व्यापारी काफी हतोत्साहित थे, लेकिन बाजार ने सबको खुश कर दिया। इस बार लोगों ने सोने की अपेक्षा हीरे के आभूषणों को खरीदने में ज्यादा रुचि दिखाई।
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ये रही खरीदारी
ऑटोमोबाइल्स- 30 करोड़ रुपये
सर्राफा बाजार- 25 करोड़ रुपये
बर्तन बाजार- 15 करोड़ रुपये
इलेक्टिकल सामान - 10 करोड़ रुपये
मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, चॉकलेट- 10 करोड़ रुपये
कपड़े- 10 करोड़ रुपये
चीनी- 10 करोड़ रुपये
अन्य सामान (कॉस्मेक्टिक्स, अनाज आदि)- 10 करोड़ रुपये
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बर्तन बाजार में उमड़ी महिलाओं की भीड़
धनतेरस पर बर्तनों की दुकान पर भीड़ देखते ही बन रही थी। बाजार में भी सबसे ज्यादा महिलाओं की संख्या रहीं। बर्तन बाजार 15 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। भीड़ ज्यादा होने पर कई जगहों पर तो जाम की स्थिति भी बन गई। किचन की एक्सपर्ट महिलाएं बर्तन बाजार में छा गई। इसमें तांबे, स्टील और कांसे के बर्तन खरीदे गए। पूजा की थाली, तांबे के दिये और किचन के बर्तन खरीदे। लोगों ने कहा कि बर्तन खरीदना ही धनतेरस पर शुभ होता है, इसलिए खरीदारी करने आए। बाजार में देर रात तक खरीदारी होती रही। नए-नए डिजाइन के स्टील के ग्लास लोगों के खासा आकर्षण का केंद्र रहा।
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बैंक में करोड़ों के सिक्के बिके
बैंकों में सोने के सिक्के खरीदने वाले लोगों बहार रही। बैंकों से तकरीबन 15 करोड़ से ज्यादा के सिक्के खरीदे गए। बैंक ऑफ बड़ौदा के रीजनल मैनेजर आरके गोयल ने बताया, धनतेरस पर लोगों ने 35 लाख रुपये के 1.23 ग्राम के सोने के सिक्के खरीदे। इसमें सबसे ज्यादा 75 सोने के सिक्के पांच ग्राम के खरीदे गए। इसके साथ ही पचास ग्राम के सिक्के लेने वालों की भी अच्छी खासी भीड़ रही। इलाहाबाद बैंक के मुख्य प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया, उनके यहां 28 लाख के सोने के सिक्के बिके। इसमें सबसे ज्यादा दस और 20 ग्राम के सोने के सिक्के लेने वालों की संख्या रही। उन्होंने बताया कि बैंक में सिक्के लेने के लिए दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। पीएनबी बैंक के अरविंद ने बताया, पीएनबी की ब्रांच में तकरीबन 13 लाख रुपये के 75 सोने के सिक्के खरीदे गए। एसबीआई बैंक के पंकज अग्रवाल ने बताया, एसबीआई की ब्रांच में नौ सौ ग्राम सोने के सिक्के 33 लाख रुपये के बिके।
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कुल ज्वैलरी का 60 फीसदी हीरा खरीदा
धनतेरस पर सोना, लोहा खरीदना ही ज्यादा शुभ माना जाता है। लेकिन, अब लोगों इस शुभ तिथि पर पूजा के साथ निवेश करने के बारे में भी सोचते हैं। इसलिए, सोने से ज्यादा हीरे की खरीदारी हुई। कुल ज्वैलरी के 30 करोड़ व्यापार का 60 फीसदी हीरा खरीदा गया। अब जैसे-जैसे बाजार विस्तार कर रहा है। उसमें खरीदार बढ़ गए हैं। भले ही महंगाई के सामने लोग आए हैं, लेकिन फिर भी जमकर खरीदारी हो रही है। लोगों ने बताया, यह दिन खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए हीरा खरीद लिया। खरीदने के लिए इससे अच्छा मौका मिलता भी नहीं। लोगों ने बताया, धनतेरस का दिन तो सिर्फ खरीदने के लिए ही होता है। सर्राफ संजीव औतार अग्रवाल ने बताया, पहले लोग सोने और चांदी के सिक्के खरीदते थे। लेकिन, अब ज्वैलरी खरीदने वाले लोग ज्यादा हैं। इसमें भी रिंग और चेन सबसे ज्यादा खरीदी गई।
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चीनी के व्यापार ने छुईं ऊंचाइयां
धातुओं के बाजार के साथ ही चीनी के व्यापार ने ऊंचाइयां छुईं। त्योहार में मिठास घोलने के लिए बाजार में चीनी का व्यापार अच्छा रहा। लोगों ने मिठाइयां बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये तक की चीनी खरीदी। व्यापारियों को इतना अंदाजा नहीं था कि चीनी का व्यापार इस कदर चढ़ेगा।
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ऑटोमोबाइल्स का बढ़ा क्रेज
बाजार में ऑटोमोबाइल्स का क्रेज काफी बढ़ा है। उसी का नतीजा है कि ऑटोबाइल्स का बाजार सबसे ज्यादा गर्म रहा। इसमें भी स्कूटी खरीदने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही। बहुत सारे लोगों को तो स्कूटी मिल ही नहीं पाई, इसलिए उनकी बुकिंग करके उन्हें आगे की तारीख दे दी गई है। इसके अलावा चार पहिया गाड़ी खरीदने वाले काफी संख्या में लोग रहे। एसके हॉन्डा के इलियाज़ खां ने बताया, उनके यहां से 18 चार पहिया गाड़ियां बिकीं। वहीं शहर में कुल गाड़ियों के कारोबार में पंद्रह करोड़ रुपये की 150 गाड़ियां बिकीं। इसमें से दस फीसदी लोगों को मनपसंद रंग और मॉडल न मिल पाने की वजह से वापस जाना पड़ा। बांके बिहारी हीरो हॉन्डा शो रूम के निखिल अग्रवाल ने बताया, अकेले उनके यहां से 180 बाइक और 40 स्कूटर खरीदे गए। वहीं शहर में कुल 600 बाइक और 300 स्कूल बिके। शहर में कुल दुपहिया वाहनों का कारोबार पांच करोड़ रुपये का रहा। ऋषि ऑटो मोबाइल्स के अतुल यादव ने बताया, दस करोड़ रुपये के 30 ट्रैक्टर बिके। उनकी बुकिंग एक महीने पहले से ही हो गई थी।
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कपड़ों और बिजली के बाजार में रही रौनक
बर्तनों और ज्वैलरी के बाजार के साथ ही कपड़ों के बाजार में काफी रौनक रही। लोगों ने दिवाली के लिए धनतेरस पर कपड़े खरीदे। कपड़े खरीदने वालों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही। ब्रांडेड शो रूम पर लोगों ने खूब खरीदारी की। सेलेक्शन प्वाइंट के नरेंद्र गुप्ता ने बताया, लाखों का कारोबार तो अकेले उनके यहां हो चुका है। इलेक्ट्रिक के सामान में फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, गीजर, लैंप, लाइट आदि चीजें खरीदी गईं।
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ये रही खरीदारी
ऑटोमोबाइल्स- 30 करोड़ रुपये
सर्राफा बाजार- 25 करोड़ रुपये
बर्तन बाजार- 15 करोड़ रुपये
इलेक्टिकल सामान - 10 करोड़ रुपये
मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, चॉकलेट- 10 करोड़ रुपये
कपड़े- 10 करोड़ रुपये
चीनी- 10 करोड़ रुपये
अन्य सामान (कॉस्मेक्टिक्स, अनाज आदि)- 10 करोड़ रुपये
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बर्तन बाजार में उमड़ी महिलाओं की भीड़
धनतेरस पर बर्तनों की दुकान पर भीड़ देखते ही बन रही थी। बाजार में भी सबसे ज्यादा महिलाओं की संख्या रहीं। बर्तन बाजार 15 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। भीड़ ज्यादा होने पर कई जगहों पर तो जाम की स्थिति भी बन गई। किचन की एक्सपर्ट महिलाएं बर्तन बाजार में छा गई। इसमें तांबे, स्टील और कांसे के बर्तन खरीदे गए। पूजा की थाली, तांबे के दिये और किचन के बर्तन खरीदे। लोगों ने कहा कि बर्तन खरीदना ही धनतेरस पर शुभ होता है, इसलिए खरीदारी करने आए। बाजार में देर रात तक खरीदारी होती रही। नए-नए डिजाइन के स्टील के ग्लास लोगों के खासा आकर्षण का केंद्र रहा।
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बैंक में करोड़ों के सिक्के बिके
बैंकों में सोने के सिक्के खरीदने वाले लोगों बहार रही। बैंकों से तकरीबन 15 करोड़ से ज्यादा के सिक्के खरीदे गए। बैंक ऑफ बड़ौदा के रीजनल मैनेजर आरके गोयल ने बताया, धनतेरस पर लोगों ने 35 लाख रुपये के 1.23 ग्राम के सोने के सिक्के खरीदे। इसमें सबसे ज्यादा 75 सोने के सिक्के पांच ग्राम के खरीदे गए। इसके साथ ही पचास ग्राम के सिक्के लेने वालों की भी अच्छी खासी भीड़ रही। इलाहाबाद बैंक के मुख्य प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया, उनके यहां 28 लाख के सोने के सिक्के बिके। इसमें सबसे ज्यादा दस और 20 ग्राम के सोने के सिक्के लेने वालों की संख्या रही। उन्होंने बताया कि बैंक में सिक्के लेने के लिए दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। पीएनबी बैंक के अरविंद ने बताया, पीएनबी की ब्रांच में तकरीबन 13 लाख रुपये के 75 सोने के सिक्के खरीदे गए। एसबीआई बैंक के पंकज अग्रवाल ने बताया, एसबीआई की ब्रांच में नौ सौ ग्राम सोने के सिक्के 33 लाख रुपये के बिके।
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कुल ज्वैलरी का 60 फीसदी हीरा खरीदा
धनतेरस पर सोना, लोहा खरीदना ही ज्यादा शुभ माना जाता है। लेकिन, अब लोगों इस शुभ तिथि पर पूजा के साथ निवेश करने के बारे में भी सोचते हैं। इसलिए, सोने से ज्यादा हीरे की खरीदारी हुई। कुल ज्वैलरी के 30 करोड़ व्यापार का 60 फीसदी हीरा खरीदा गया। अब जैसे-जैसे बाजार विस्तार कर रहा है। उसमें खरीदार बढ़ गए हैं। भले ही महंगाई के सामने लोग आए हैं, लेकिन फिर भी जमकर खरीदारी हो रही है। लोगों ने बताया, यह दिन खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए हीरा खरीद लिया। खरीदने के लिए इससे अच्छा मौका मिलता भी नहीं। लोगों ने बताया, धनतेरस का दिन तो सिर्फ खरीदने के लिए ही होता है। सर्राफ संजीव औतार अग्रवाल ने बताया, पहले लोग सोने और चांदी के सिक्के खरीदते थे। लेकिन, अब ज्वैलरी खरीदने वाले लोग ज्यादा हैं। इसमें भी रिंग और चेन सबसे ज्यादा खरीदी गई।
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चीनी के व्यापार ने छुईं ऊंचाइयां
धातुओं के बाजार के साथ ही चीनी के व्यापार ने ऊंचाइयां छुईं। त्योहार में मिठास घोलने के लिए बाजार में चीनी का व्यापार अच्छा रहा। लोगों ने मिठाइयां बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये तक की चीनी खरीदी। व्यापारियों को इतना अंदाजा नहीं था कि चीनी का व्यापार इस कदर चढ़ेगा।
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ऑटोमोबाइल्स का बढ़ा क्रेज
बाजार में ऑटोमोबाइल्स का क्रेज काफी बढ़ा है। उसी का नतीजा है कि ऑटोबाइल्स का बाजार सबसे ज्यादा गर्म रहा। इसमें भी स्कूटी खरीदने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही। बहुत सारे लोगों को तो स्कूटी मिल ही नहीं पाई, इसलिए उनकी बुकिंग करके उन्हें आगे की तारीख दे दी गई है। इसके अलावा चार पहिया गाड़ी खरीदने वाले काफी संख्या में लोग रहे। एसके हॉन्डा के इलियाज़ खां ने बताया, उनके यहां से 18 चार पहिया गाड़ियां बिकीं। वहीं शहर में कुल गाड़ियों के कारोबार में पंद्रह करोड़ रुपये की 150 गाड़ियां बिकीं। इसमें से दस फीसदी लोगों को मनपसंद रंग और मॉडल न मिल पाने की वजह से वापस जाना पड़ा। बांके बिहारी हीरो हॉन्डा शो रूम के निखिल अग्रवाल ने बताया, अकेले उनके यहां से 180 बाइक और 40 स्कूटर खरीदे गए। वहीं शहर में कुल 600 बाइक और 300 स्कूल बिके। शहर में कुल दुपहिया वाहनों का कारोबार पांच करोड़ रुपये का रहा। ऋषि ऑटो मोबाइल्स के अतुल यादव ने बताया, दस करोड़ रुपये के 30 ट्रैक्टर बिके। उनकी बुकिंग एक महीने पहले से ही हो गई थी।
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कपड़ों और बिजली के बाजार में रही रौनक
बर्तनों और ज्वैलरी के बाजार के साथ ही कपड़ों के बाजार में काफी रौनक रही। लोगों ने दिवाली के लिए धनतेरस पर कपड़े खरीदे। कपड़े खरीदने वालों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही। ब्रांडेड शो रूम पर लोगों ने खूब खरीदारी की। सेलेक्शन प्वाइंट के नरेंद्र गुप्ता ने बताया, लाखों का कारोबार तो अकेले उनके यहां हो चुका है। इलेक्ट्रिक के सामान में फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, गीजर, लैंप, लाइट आदि चीजें खरीदी गईं।