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बिना ‘चढ़ावा’ दिए नहीं मिलती बैंक से रकम
Bareilly
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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बरेली। शासन से गरीबों को भेजे जाने वाले शादी अनुदान पर पूरी तरह से दलाल हावी हैं। लाभार्थियों के बैंक खाते में रकम तभी पहुंच पाती है, जब दलाल इसके लिए हरी झंडी देते हैं। यही वजह है कि मनौना गांव में चुने गए 16 लाभार्थियों में से अब तक सिर्फ तीन को ही यह रकम मिली है, जबकि बैंक को लाभार्थियों के खाते में रकम भेजने के लिए चेक 12 अक्तूबर को ही भेजा चुका है।
गरीबों को अपनी बेटियों की शादी के लिए 10 हजार रुपये बतौर अनुदान दिए जाते हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2012-13 में 158 लोगों के लिए धनराशि चेक के माध्यम से बैंकों को भेजी जा चुकी है। आंवला तहसील के गांव मनौना में सायरा पत्नी नवी हसन, नन्हीं पत्नी अतीक अहमद, भूरी पत्नी नवाब, साबिरा पत्नी इस्माइल, सुबरातन पत्नी बब्बू खां, शब्बीर अहमद, नसीम, रहीस अहमद, अकबर हुसैन आदि 16 लाभार्थियों का चयन किया गया। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, इन लाभार्थियों को अनुदान देने के लिए धनराशि चेक संख्या 235323 से 12 अक्तूबर को ही बैंक को भेजी जा चुकी है। इसकी पुष्टि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मुजीब अहमद ने भी की लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ शब्बीर अहमद, रहीस अहमद और अकबर हुसैन को ही धनराशि मिली हैं। गांव के लोगों ने बताया कि इसरार नाम के दलाल के कहने पर ही अफसर और बैंक वाले लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजते हैं। जब लाभार्थी अपने खाते से रकम निकालने पहुंचता है, तो यह दलाल उनसे तीन से चार हजार रुपये तक झटक लेता है। मनौना के ग्राम प्रधान बबलू सिंह ने बताया कि सिर्फ तीन लोगों को ही शादी अनुदान मिला है। बाकी के लिए भी अनुदान की स्वीकृति के बारे में अफसरों और बैंक वालों ने किसी को कुछ नहीं बताया है। हालांकि, इस बारे में जानकारी लेने के लिए लोग अक्सर बैंकों के चक्कर लगाते हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, नदोसी (सीबीगंज) में शहीदन पत्नी स्व. उस्मान खां और नर्गिस बेगम पत्नी स्व. सुल्तान बेग को भी उनकी बेटियों की शादी के लिए अनुदान दिया गया है, लेकिन नदोसी में इन नामों की महिलाओं के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे सका। इसी तरह बहेड़ी के गांव भोगपुर के लतीफ खां पुत्र गफ्फार खां को भी अनुदान की राशि नहीं मिली, जबकि रिकॉर्ड में उनके खाते में भी रकम भेज दी गई है। मनौना में लाभार्थियों को अनुदान राशि न मिल पाने के बारे में बड़ौदा ग्रामीण बैंक के जिला समन्वयक अरविंद रस्तोगी से बृहस्पतिवार की शाम बात हुई तो उन्होंने कहा कि शुक्रवार की दोपहर 12 बजे तक पूरी स्थिति से अवगत करा देंगे। लेकिन, शुक्रवार को उन्होंने कोई जानकारी न देना ही ठीक समझा।
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मनौना गांव के 16 लाभार्थियों को शादी अनुदान की तय राशि मिल जानी चाहिए थी। क्यों नहीं मिली, इस बारे में बैंक के अफसरों से बात की जाएगी। इसरार नाम के किसी दलाल का नाम मैंने पहले बार सुना है। अन्य मामलों में भी जांच की जाएगी।-मुजीब अहमद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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