चार प्रोजेक्ट के लिए यूजीसी से अनुदान

Bareilly Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
बरेली कॉलेज की शिक्षक डॉ. वंदना, डॉ. बीनम, डॉ. राजेंद्र, डॉ. अनीता को मिला प्रोजेक्ट
बरेली। बरेली कॉलेज को चार मेजर रिसर्च प्रोेजेक्ट के लिए यूजीसी से 31 लाख 91 हजार 800 रुपये का अनुदान मिला है। कॉलेज की शिक्षक पॉलिटिकल साइंस की शिक्षक डॉ. वंदना शर्मा, बीएड विभाग की डॉ. अनीता सिंह, जुलॉजी की डॉ. बीनम सक्सेना और डॉ. राजेंद्र को शोध कार्य के लिए यूजीसी प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है।
बरेली कॉलेज को यूजीसी से चार मेजर रिसर्च प्रोेजेक्ट मिले हैं। सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज में डॉ. वंदना शर्मा को ‘उत्तर प्रदेश में पुलिस सुधार’ विषय पर शोध करने के लिए पांच लाख 23 हजार का, बीएड विभाग की डॉ. अनीता सिंह को ‘वोकेशनल एस्पीरेशन ऑफ मुस्लिम गर्ल’ पर शोध के लिए दो लाख 40 हजार, जुलॉजी की डॉ. बीनम सक्सेना को ‘बॉयोलॉजिकल एंड हिस्टोपैथोलॉजिकल अल्टरेशंस इंड्यूज्ड बाई एडल्टरेंट्स इन अल्बीनो रैट’ पर शोध के लिए 13 लाख 800 रुपये और डॉ. राजेंद्र को ‘निमैटोड कॉन्सट्रेंट्स एंड देयर मैनेजमेंट इन वेजिटेबल क्रॉप्स इन वेस्टर्न उत्तर प्रदेश’ विषय पर शोध के लिए 11 लाख 28 हजार तीन सौ रुपये का यूजीसी से अनुदान मिला है। डॉ. वंदना ने बताया, सर्वोच्च न्यायालय से निर्देशों के बावजूद उत्तर प्रदेश में पुलिस व्यवस्था के सुधार के कोई ठोस प्रयास दिखाई नहीं पड़ते। जबकि पुलिस व्यवस्था पर ही पूरे प्रदेश की कानून और व्यवस्था निर्भर है। इससे पहले डॉ. वंदना शर्मा यूजीसी के दो प्रोजेक्ट माइनर प्रोजेक्ट ‘महिलाओें की स्थिति’ और मेजर प्रोजेक्ट ‘पुलिस और मानवाधिकार’ पर सफलतापूर्वक काम कर चुकी हैं। डॉ. अनीता सक्सेना ने बताया, बरेली में मुस्लिमों में साक्षरता का प्रतिशत बहुत कम है। इस मामले में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की स्थिति कहीं ज्यादा खराब है। ऐसा क्यों हैं, इसकी अब तक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई हैं। इस पर रिसर्च करके इसे ही स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं अपने प्रोजेक्ट बारे में डॉ. बीनम सक्सेना ने कहा कि अखाद्य रंगों का प्रयोग सब्जियों में खूब किया जाता है, जबकि यह हमारे शरीर के लिए काफी घातक हैं। अल्बीनो रैट पर रिसर्च करके शरीर के अलग-अलग अंगों पर इन रंगों के प्रभाव का ही अध्ययन किया जाएगा। जुलॉजी विभाग के डॉ. राजेंद्र ने बताया, वह निमैटोड्स का सब्जियों पर प्रभाव पर शोध करेंगे।

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