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फर्जीवाड़े के जरिए एडमिशन की जुगत में छात्रनेता!
Bareilly
Updated Sun, 24 Aug 2014 05:30 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमबीए में दाखिले के लिए कई विद्यार्थियों ने यूपीटीयू की फर्जी मार्कशीट लगाई है। छात्रनेताओं की भारी भरकम रैंक देखकर शक हुआ तो अब जांच कराई जा रही है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है मार्कशीट फर्जी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विश्वविद्यालय में एमबीए की 35 सीटें रिक्त थीं। इन पर दाखिले के लिए विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें यूपीटीयू क्वालीफाइड विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलती है। दाखिले के लिए 60 विद्यार्थियों ने आवेदन किया। प्रवेश के लिए ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू भी हो गया। इसी दौरान यूपीटीयू से नोटिस जारी हो गया कि यूपीटीयू के कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसिलिंग करा चुके विद्यार्थी प्रवेश नहीं लेना चाहते हैं तो 31 अगस्त तक फीस वापस ले सकते हैं। वहीं, जो विद्यार्थी काउंसिलिंग करा चुके हैं, लेकिन फीस नहीं जमा कर पाए हैं, वे शुल्क जमा कर सकते हैं। इस तरह अब प्रवेश 31 अगस्त के बाद ही होंगे। अब 35 सीटों पर प्रवेश के लिए छात्रनेताओं ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। हर छात्रनेता की ओर से पांच-पांच दाखिले करने का दबाव बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि सिफारिश वाले दाखिलों के लिए लगी यूपीटीयू की मार्कशीट में भारी भरकम रैंक है। शक तब हुआ जब एक वरिष्ठ छात्रनेता की रैंक तकरीबन 600 पाई गई। ऐसे में सवाल यह उठा कि यह छात्रनेता तो यूपीटीयू की काउंसिलिंग से ही प्रवेश ले सकता था, अब सिफारिश क्यों करा रहा है। पर्सनल इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन में भी छात्रनेता कुछ बोल भी पाया था। इसके बाद ही मार्कशीट की जांच शुरू की गई। डीन प्रो. पीके यादव ने बताया कि जांच में मार्कशीट फर्जी पाई गई तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विश्वविद्यालय में एमबीए की 35 सीटें रिक्त थीं। इन पर दाखिले के लिए विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें यूपीटीयू क्वालीफाइड विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलती है। दाखिले के लिए 60 विद्यार्थियों ने आवेदन किया। प्रवेश के लिए ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू भी हो गया। इसी दौरान यूपीटीयू से नोटिस जारी हो गया कि यूपीटीयू के कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसिलिंग करा चुके विद्यार्थी प्रवेश नहीं लेना चाहते हैं तो 31 अगस्त तक फीस वापस ले सकते हैं। वहीं, जो विद्यार्थी काउंसिलिंग करा चुके हैं, लेकिन फीस नहीं जमा कर पाए हैं, वे शुल्क जमा कर सकते हैं। इस तरह अब प्रवेश 31 अगस्त के बाद ही होंगे। अब 35 सीटों पर प्रवेश के लिए छात्रनेताओं ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। हर छात्रनेता की ओर से पांच-पांच दाखिले करने का दबाव बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि सिफारिश वाले दाखिलों के लिए लगी यूपीटीयू की मार्कशीट में भारी भरकम रैंक है। शक तब हुआ जब एक वरिष्ठ छात्रनेता की रैंक तकरीबन 600 पाई गई। ऐसे में सवाल यह उठा कि यह छात्रनेता तो यूपीटीयू की काउंसिलिंग से ही प्रवेश ले सकता था, अब सिफारिश क्यों करा रहा है। पर्सनल इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन में भी छात्रनेता कुछ बोल भी पाया था। इसके बाद ही मार्कशीट की जांच शुरू की गई। डीन प्रो. पीके यादव ने बताया कि जांच में मार्कशीट फर्जी पाई गई तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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