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खेलों के नाम पर खिलाड़ियाें से खिलवाड़
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बरेली। शासन के निर्देश पर युवा कल्याण विभाग की तरफ से ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएं तो कराई गईं, लेकिन जिनके लिए प्रतियोगिता थी विभाग ने उनका ही ख्याल नहीं रखा। पूरे दिन खिलाड़ी भूखे प्यासे मैदान पर दौड़ते रहे। उनके लिए खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऊबड़ खाबड़ ट्रैक पर खिलाड़ियों का दौड़ाया गया। खिलाड़ियों को सुविधाएं देेने के नाम पर अधिकारियों ने अपना पल्ला झाड़ लिया। खानापूर्ति करते हुए विजेता खिलाड़ियों को कुछ पुरस्कार जरूर दिए गए।
युवा कल्याण विभाग की तरफ से क्यारा ब्लॉक के सिमराबोरी के मिनी स्टेडियम में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में 15 से ज्यादा इंटर कॉलेजों के खिलाड़ियों को हिस्सा लेना था। हालांकि अव्यवस्थाएं देख महज चार पांच कॉलेजों के खिलाड़ियों ने ही हिस्सा लिया। प्रतियोगिता कराने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। एथलेटिक्स के ही ज्यादातर इवेंट कराए गए। खिलाड़ी सुबह से भूखे प्यासे मैदान में डटे रहे। आयोजकों के लिए तो खाने पीने की व्यवस्था की गई, लेकिन खिलाड़ियों का ख्याल उनको नहीं आया। जैसे तैसे करके प्रतियोगिता निपटा दी गई।
ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए बजट बहुत कम था। प्रतियोगिता में क्या व्यवस्थाएं थी इसकी जानकारी नहीं है।
गंगाराम, प्रभारी बीडीओ
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युवा कल्याण विभाग की तरफ से क्यारा ब्लॉक के सिमराबोरी के मिनी स्टेडियम में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में 15 से ज्यादा इंटर कॉलेजों के खिलाड़ियों को हिस्सा लेना था। हालांकि अव्यवस्थाएं देख महज चार पांच कॉलेजों के खिलाड़ियों ने ही हिस्सा लिया। प्रतियोगिता कराने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। एथलेटिक्स के ही ज्यादातर इवेंट कराए गए। खिलाड़ी सुबह से भूखे प्यासे मैदान में डटे रहे। आयोजकों के लिए तो खाने पीने की व्यवस्था की गई, लेकिन खिलाड़ियों का ख्याल उनको नहीं आया। जैसे तैसे करके प्रतियोगिता निपटा दी गई।
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ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए बजट बहुत कम था। प्रतियोगिता में क्या व्यवस्थाएं थी इसकी जानकारी नहीं है।
गंगाराम, प्रभारी बीडीओ