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जिला अस्पताल की रंगाई-पुताई और बाल पेंटिंग का काम शुरू
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बरेली। जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने जिला अस्पताल की रंगाई-पुताई कराकर नए सिरे से स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की बाल पेंटिंग कराने की कवायद शुरू कराई है। इसकी जिम्मेदारी एसीएमओ डॉ. रंजन को सौंपी गई है। रंगाई-पुताई का काम शुरू करा दिया गया है।
डीएम ने बताया कि जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अस्पताल की बाउंड्रीवाल से मिलनी चाहिए। इसके लिए गहरे और चटक रंग से दीवारों पर बाल पेंटिंग कराई जाएगी। मुख्य दीवारों पर बार-बार होने वाले रोगों के लक्षण और उपचार की जानकारी मिलेगी। लोक शिक्षण की दृष्टि से ऐसा कदम उठाया जा रहा है। अधिकांश रोगों के लक्षण या उपचार जैसे तंबाकू सेवन से होने वाले रोग या स्तनपान के बारे में बहुत ज्यादा लिखने के बजाय विजुअल्स से दर्शाया जाएगा कि इससे क्या नुकसान या फायदे हैं। डीएम ने बताया कि वह तीन महीने से स्वास्थ्य संबंधी साहित्य इकट्ठा कर रहे थे, जो अब लोक शिक्षण के काम आएगा। जिला अस्पताल के बाद पीएचसी, सीएचसी और फिर प्राइवेट अस्पतालों पर भी बार-बार होने वाले रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, बुखार, कैंसर आदि के लक्षण और उपचार की जानकारी दी जाएगी।
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डीएम ने बताया कि जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अस्पताल की बाउंड्रीवाल से मिलनी चाहिए। इसके लिए गहरे और चटक रंग से दीवारों पर बाल पेंटिंग कराई जाएगी। मुख्य दीवारों पर बार-बार होने वाले रोगों के लक्षण और उपचार की जानकारी मिलेगी। लोक शिक्षण की दृष्टि से ऐसा कदम उठाया जा रहा है। अधिकांश रोगों के लक्षण या उपचार जैसे तंबाकू सेवन से होने वाले रोग या स्तनपान के बारे में बहुत ज्यादा लिखने के बजाय विजुअल्स से दर्शाया जाएगा कि इससे क्या नुकसान या फायदे हैं। डीएम ने बताया कि वह तीन महीने से स्वास्थ्य संबंधी साहित्य इकट्ठा कर रहे थे, जो अब लोक शिक्षण के काम आएगा। जिला अस्पताल के बाद पीएचसी, सीएचसी और फिर प्राइवेट अस्पतालों पर भी बार-बार होने वाले रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, बुखार, कैंसर आदि के लक्षण और उपचार की जानकारी दी जाएगी।
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