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अब विवि के खेलों में लग गई उम्र की बंदिशें
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:24 AM IST
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विश्वविद्यालयों की खेल प्रतियोगिताओं में अब 25 साल उम्र तक के खिलाड़ी ही खेल सकेंगे। इसके ज्यादा उम्र के खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। अब तक अलग-अलग खेलों में अलग-अलग उम्र निर्धारित थी। भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने इस बाबत आदेश जारी किया है। विश्वविद्यालय अब सभी कॉलेजों को इसके आदेश जारी करेगा।
दरअसल विश्वविद्यालयों में होने वाली प्रतियोगिताओं में उम्र को लेकर काफी झंझट रहता था। बास्केटबॉल और वॉलीबाल में 28 साल तक के खिलाड़ी खेल सकते थे। कुछ खेलों में 27 और ज्यादातर में 25 साल उम्र निर्धारित थी। कुछ प्रतियोगिताओं में विवाद हुआ। कुछ विश्वविद्यालयों ने 16 साल उम्र वाले खिलाड़ियों को भी खिला दिया। इसको लेकर एआईयू में कई शिकायतें पहुंची। अब उम्र को लेकर एआईयू ने स्पष्ट कर दिया है कि 17 से 25 वर्ष के खिलाड़ी ही खेल सकेंगे। उम्र सीमा निर्धारित होने से परास्नातक और पीएचडी के छात्रों को धक्का लगेगा। क्योंकि इनमें अधिकतर छात्र 25 साल से ज्यादा उम्र के होते हैं।
एआईयू ने खिलाड़ियों की उम्र को लेकर बदलाव किया है। अब 17-25 साल तक के खिलाड़ी ही प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। इससे ज्यादा उम्र वाले खिलाड़ियों को खेलने का मौका नहीं मिलेगा।
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- प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव रुविवि
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दरअसल विश्वविद्यालयों में होने वाली प्रतियोगिताओं में उम्र को लेकर काफी झंझट रहता था। बास्केटबॉल और वॉलीबाल में 28 साल तक के खिलाड़ी खेल सकते थे। कुछ खेलों में 27 और ज्यादातर में 25 साल उम्र निर्धारित थी। कुछ प्रतियोगिताओं में विवाद हुआ। कुछ विश्वविद्यालयों ने 16 साल उम्र वाले खिलाड़ियों को भी खिला दिया। इसको लेकर एआईयू में कई शिकायतें पहुंची। अब उम्र को लेकर एआईयू ने स्पष्ट कर दिया है कि 17 से 25 वर्ष के खिलाड़ी ही खेल सकेंगे। उम्र सीमा निर्धारित होने से परास्नातक और पीएचडी के छात्रों को धक्का लगेगा। क्योंकि इनमें अधिकतर छात्र 25 साल से ज्यादा उम्र के होते हैं।
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एआईयू ने खिलाड़ियों की उम्र को लेकर बदलाव किया है। अब 17-25 साल तक के खिलाड़ी ही प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। इससे ज्यादा उम्र वाले खिलाड़ियों को खेलने का मौका नहीं मिलेगा।
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- प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव रुविवि