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एक छोटा सा मुकदमा
Updated Wed, 23 May 2018 12:28 AM IST
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दो दिन में तय हुआ मुकदमा
बीमा कंपनी ने तुरंत ही देना स्वीकार की तयशुदा राशि
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
जिले के इतिहास के सबसे कम अवधि में तय होने वाले मुकदमों में से एक यह मामला सिर्फ दो दिन में ही तय हो गया। लेबर कोर्ट में तय होने वाले मुकदमे में मरने वाले के परिवार वालों को बीमा कंपनी ने 8 लाख 35 हजार रुपये दिए।
रामपुर जिले के खेड़ा टांडा निवासी यासीन ट्रक ड्राइवर था। देहरादून जिले में थाना पटवारी के बीच उसका ट्रक खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके क्लेम का मुकदमा उसके पिता सलीम ने अपने वकील पीके अग्रवाल मासूम के जरिये लेबर कोर्ट में दायर किया। 25 साल का यासीन दस हजार रुपये महीने कमाता था और सौ रुपये रोज उसे खुराक के तौर पर मिलते थे। श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ दायर किए गए मुकदमे में कोर्ट ने अगले दिन ही फैसला सुना दिया। बीमा कंपनी ने तय की गई आठ लाख 35 हजार रुपये देने बात मान ली, जिससे मुकदमे का निपटारा अगले दिन ही हो गया।
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बीमा कंपनी ने तुरंत ही देना स्वीकार की तयशुदा राशि
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
जिले के इतिहास के सबसे कम अवधि में तय होने वाले मुकदमों में से एक यह मामला सिर्फ दो दिन में ही तय हो गया। लेबर कोर्ट में तय होने वाले मुकदमे में मरने वाले के परिवार वालों को बीमा कंपनी ने 8 लाख 35 हजार रुपये दिए।
रामपुर जिले के खेड़ा टांडा निवासी यासीन ट्रक ड्राइवर था। देहरादून जिले में थाना पटवारी के बीच उसका ट्रक खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके क्लेम का मुकदमा उसके पिता सलीम ने अपने वकील पीके अग्रवाल मासूम के जरिये लेबर कोर्ट में दायर किया। 25 साल का यासीन दस हजार रुपये महीने कमाता था और सौ रुपये रोज उसे खुराक के तौर पर मिलते थे। श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ दायर किए गए मुकदमे में कोर्ट ने अगले दिन ही फैसला सुना दिया। बीमा कंपनी ने तय की गई आठ लाख 35 हजार रुपये देने बात मान ली, जिससे मुकदमे का निपटारा अगले दिन ही हो गया।
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