Bareilly News: जिले से 80 बच्चे हैं लापता, आराम फरमा रहा मानव तस्करी रोकथाम इकाई का स्टाफ
जिले में करीब 80 बच्चे अब भी लापता हैं। इनमें अधिकांश किशोर हैं। डेढ़ माह पहले तक यह संख्या 96 थी।
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बरेली जिले से करीब 80 बच्चे लापता हैं। वहीं, मानव तस्करी रोकथाम इकाई (एएचटीयू) थाने का स्टाफ अक्सर आराम के मूड में रहता है। अब एसएसपी इनका काम बढ़ाने की बात कह रहे हैं। जिले में कुछ साल पहले एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की स्थापना की गई थी। इस इकाई का काम लापता बच्चों की तलाश, मानव तस्करी को रोकना, इस तरह के कृत्य करने वालों की निगरानी और धरपकड़ का है। थाने को फिलहाल उसका अपना भवन नहीं मिल सका है। यह एसएसपी दफ्तर परिसर के ही एक भवन में संचालित हो रहा है।
यहां इकाई प्रभारी के रूप में इंस्पेक्टर हरवीर सिंह की तैनाती है। इनके अलावा तीन दरोगा, आठ कांस्टेबल भी हैं। इसके बावजूद यहां एक-दो से ज्यादा पुलिसकर्मी नजर नहीं आते। दो लापता बच्चों की तलाश का काम इनके पास है, साथ ही श्रम विभाग के साथ बचपन बचाओ अभियान में ये लोग साथ रहते हैं। बाकी समय आराम फरमाते हैं। बताते हैं कि यहां या तो थानों से सजा के तौर पर स्टाफ भेजा जाता है या फिर कुछ लोग स्वेच्छा से ही टाइमपास के लिए यहां पोस्टिंग ले लेते हैं।
अभियान में 15 बच्चों की हुई थी तलाश
जिले में करीब 80 बच्चे अब भी लापता हैं। इनमें अधिकांश किशोर हैं। डेढ़ माह पहले तक यह संख्या 96 थी। बरेली रेंज के चारों जिलों में यह संख्या सर्वाधिक थी। आईजी की नाराजगी के बाद पिछले दिनों संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 15 बच्चों को तलाशने का दावा किया गया, जबकि हकीकत में इनमें से कई बच्चे खुद ही घर लौट आए थे। लापता और तलाशे गए बच्चों का सही आंकड़ा भी इकाई के पास नहीं है।
एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि पिछले दिनों नाराज होकर घर से निकले कुछ बच्चे खुद ही घर लौट आए तो कुछ को अभियान चलाकर तलाशा गया और उनके परिवार के हवाले किया गया है। एएचटीयू को फिलहाल थानों से लापता बच्चों की सूचना जुटाने का काम सौंपा गया है।