फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   नेताजी यह तो बताएं.. अध्यादेश लागू होने के बाद क्यों बढ़ी फीस

नेताजी यह तो बताएं.. अध्यादेश लागू होने के बाद क्यों बढ़ी फीस

Thu, 11 Apr 2019 02:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2019 02:15 AM IST
विज्ञापन
नेताजी यह तो बताएं.. अध्यादेश लागू होने के बाद क्यों बढ़ी फीस
बरेली। बहुत अच्छा तो कोई नहीं है, लेकिन जब वोट देंगे तो यह सोचकर देंगे कि कम बुरा कौन है। सिविल लाइंस की ओल्ड आरटीओ कॉलोनी में ‘गृहमंत्री’ का फरमान यही है। महिलाओं के बीच लोकसभा चुनाव पर चर्चा छिड़ी तो अंतत: सरकारों की वादाखिलाफी सबसे मुख्य मुद्दा बनकर उभरी। मिसाल फीस अध्यादेश की दी गई। गुस्सा इस बात पर दिखा कि फीस कम तो नहीं हुई, उल्टे अध्यादेश लागू होने के बाद इस बार स्कूलों ने अपनी फीस 20 से 50 फीसदी तक बढ़ा दी है। महिलाओं ने सवाल किया कि आम आदमी आखिर कैसे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाए।
विज्ञापन

अनीता खंडेलवाल का कहना था कि महिलाओं को सुरक्षा दिलाने का हर सरकार ने वादा किया लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से निभाने की कोशिश नहीं की। महिलाएं घर और बाहर दोनों जगह असुरक्षा के अहसास से ग्रस्त हैं। घरेलू हिंसा भी कम नहीं हो रही हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराध बढ़ने की बात का तो सभी ने समर्थन किया, लेकिन घरेलू हिंसा के मुद्दे पर सहमति नहीं बनी। रूपाली का कहना था कि घरेलू हिंसा के मामले आपस में बेहतर समझ न होने की भी वजह हैं। ससुराल वाले अगर बहू को बेटी और बहुएं ससुराल को अपना परिवार समझें तो यह दिक्कत न के बराबर हो सकती है। बातचीत में कई और मुद्दे उछले लेकिन जब मोनिका ने फीस अध्यादेश और स्कूलों की मनमानी का मुद्दा उठाया तो फिर चर्चा इसी मुद्दे पर टिककर रह गई। कमलेश झा ने कहा कि स्कूलों से ज्यादा भ्रष्टाचार कहीं नहीं है। सरकारों की अनदेखी ने स्कूलों को दुकानों में तब्दील कर दिया है। स्कूलों का भ्रष्ट रवैया आने वाली पीढ़ी को भी भ्रष्ट बना रहा है। लंबी चर्चा के बीच कई महिलाओं ने यहां तक कह दिया कि वे तो फीस अध्यादेश का पालन कराने वाली सरकार को ही वोट देंगी। निधि शर्मा ने महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया। कहा जब तक राजनीति में महिलाओं की भागेदारी सुनिश्चित नहीं होगी तब तक उनकी सुरक्षा और उत्पीड़न के मसले भी हल नहीं होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed