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सांसद निधि के पांच करोड़ खर्च नहीं कर पाएंगे संतोष, धर्मेंद्र
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बरेली। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अप्रैल में चुनाव कराने के कयासों के बीच फरवरी में आचार संहिता लगने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बरेली के सांसद संतोष गंगवार की निधि से 2.44 करोड़ और आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की निधि से 2.48 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए हैं। इस साल दोनों की निधि से पहली किस्त की 2.5-2.5 करोड़ रुपये की अब डिमांड भेजी गई है। सांसद निधि की आखिरी किस्त आचार संहिता के बीच में आएगी। ऐसे में दोनों इसे खर्च नहीं कर पाएंगे।
सांसद निधि में प्रत्येक सांसद को अपने लोकसभा क्षेत्र में नाली, सड़क, शवदाह गृह या बारातघर निर्माण समेत अन्य जनहित के कामों पर खर्च करने के लिए एक साल में पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। यह रकम सांसदों को दो किस्तों में मिलती है। पहली किस्त 2.5 करोड़ की होती है। जब इस किस्त के खर्च का उपभोग प्रमाण पत्र भेजा जाता है तो दूसरी किस्त जारी होती है। केंद्रीय मंत्री और बरेली सांसद संतोष गंगवार और आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सांसद निधि समय पर खर्च नहीं हुई। वर्ष 2017-18 की सांसद निधि के ढाई-ढाई करोड़ रुपये अब तक खर्च नहीं हो पाए हैं। संतोष गंगवार की सांसद निधि में अभी 2.44 करोड़ और धर्मेंद्र कश्यप की सांसद निधि में 2.48 करोड़ रुपये अभी भी बाकी बचे हैं। नवंबर की भेजी गई मासिक रिपोर्ट में दोनों सांसदों की सांसद निधि से 2.5-2.5 करोड़ रुपये की डिमांड शासन को भेजी गई है। डीआरडीए अफसरों की मानें तो सांसद निधि की डिमांड रकम जनवरी 2019 के पहले सप्ताह में मिलेगी, फिर जब यह रकम खर्च हो जाएगी। तब इस साल की आखिरी किस्त की डिमांड भेजी जाएगी। मतलब, सांसद निधि की आखिरी पांच करोड़ की किस्त 31 मार्च से पहले अगर मिल भी गई तो उसमें नए काम नहीं स्वीकृत नहीं हो सकेंगे क्योंकि उस समय लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी होगी। बरेली और आंवला की सांसद निधि में 2.5-2.5 करोड़ रुपये मौजूदा सांसद संतोष गंगवार और धर्मेंद्र कश्यप खर्च नहीं कर पाएंगे। यह रकम लोकसभा चुनाव बाद निर्वाचित नए सांसदों द्वारा ही खर्च की जाएगी।
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सांसद निधि में प्रत्येक सांसद को अपने लोकसभा क्षेत्र में नाली, सड़क, शवदाह गृह या बारातघर निर्माण समेत अन्य जनहित के कामों पर खर्च करने के लिए एक साल में पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। यह रकम सांसदों को दो किस्तों में मिलती है। पहली किस्त 2.5 करोड़ की होती है। जब इस किस्त के खर्च का उपभोग प्रमाण पत्र भेजा जाता है तो दूसरी किस्त जारी होती है। केंद्रीय मंत्री और बरेली सांसद संतोष गंगवार और आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सांसद निधि समय पर खर्च नहीं हुई। वर्ष 2017-18 की सांसद निधि के ढाई-ढाई करोड़ रुपये अब तक खर्च नहीं हो पाए हैं। संतोष गंगवार की सांसद निधि में अभी 2.44 करोड़ और धर्मेंद्र कश्यप की सांसद निधि में 2.48 करोड़ रुपये अभी भी बाकी बचे हैं। नवंबर की भेजी गई मासिक रिपोर्ट में दोनों सांसदों की सांसद निधि से 2.5-2.5 करोड़ रुपये की डिमांड शासन को भेजी गई है। डीआरडीए अफसरों की मानें तो सांसद निधि की डिमांड रकम जनवरी 2019 के पहले सप्ताह में मिलेगी, फिर जब यह रकम खर्च हो जाएगी। तब इस साल की आखिरी किस्त की डिमांड भेजी जाएगी। मतलब, सांसद निधि की आखिरी पांच करोड़ की किस्त 31 मार्च से पहले अगर मिल भी गई तो उसमें नए काम नहीं स्वीकृत नहीं हो सकेंगे क्योंकि उस समय लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी होगी। बरेली और आंवला की सांसद निधि में 2.5-2.5 करोड़ रुपये मौजूदा सांसद संतोष गंगवार और धर्मेंद्र कश्यप खर्च नहीं कर पाएंगे। यह रकम लोकसभा चुनाव बाद निर्वाचित नए सांसदों द्वारा ही खर्च की जाएगी।
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