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पत्नी को पास कराने के लिए बन गया मुन्नाभाई
Updated Mon, 24 Jul 2017 01:34 AM IST
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पत्नी को पास कराने के लिए बन गया मुन्नाभाई
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजूकेशन (बीएलएड) की प्रवेश परीक्षा में एक मुन्नाभाई पकड़ा गया जो पैसों के लिए नहीं, बल्कि अपनी बीवी को प्रवेश परीक्षा में अच्छी मेरिट से पास कराने के लिए यह सब कर बैठा।
बरेली कॉलेज के एक सेंटर पर कॉपी जमा करते वक्त रोल नंबर से सारी पोल खुल गई। उसने अपना रोल नंबर काटकर अपनी पत्नी का रोल नंबर डाला था। व्यक्ति बिजनौर का रहने वाला है। कॉलेज की तरफ से यूएफएम के तहत कार्र्रवाई करते हुए रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई है। हालांकि, बारादरी थाने में भी मामला भेजा गया था, लेकिन बाद में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सिर्फ यूएफएम के तहत कार्रवाई हुई है।
रोल नंबर ओवरराइट होने से पकड़ा गया मामला
बिजनौर की आवास विकास कालोनी का रहने वाला अमरजीत कोचिंग पढ़ाता है। उसने और अपनी पत्नी अनीता का आवेदन फार्म बीएलएड की प्रवेश परीक्षा के लिए भरा। अमरजीत ने सोचा कि अच्छी मेरिट आएगी तो किसी राजकीय या अनुदानित कॉलेज में कम फीस पर दाखिला हो जाएगा। बरेली कॉलेज में दोनों का सेंटर पड़ा। अमरजीत का रोलनंबर 171956 था जो सेंटर डी में और पत्नी का रोल नंबर 176153 जो सेंटर बी में पड़ा। अमरजीत ने अपने रोल नंबर से परीक्षा दी, लेकिन ओएमआर शीट जमा करने से पहले रोल नंबर ओवरराइट करते हुए पत्नी का रोल नंबर डाल दिया। शब्दों में रोल नंबर को कुछ बदला पर आखिरी के तीन अंकों को नहीं बदला। ओएमआर शीट जमा करते वक्त वह यहीं पकड़ा गया। पूछने पर पता चला कि दूसरा रोल नंबर उसकी पत्नी का है, जिसकी परीक्षा सेंटर बी में थी और वो अनुपस्थित थी।
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अभ्यर्थी ने अपनी पत्नी का रोल नंबर अपनी कॉपी पर डालकर जमा की थी। मामला पकड़ा गया। बारादरी थाने में मामला भेजा गया था, लेकिन वहां मामला विधि संगत नहीं बताया गया। यूएफएम के तहत कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट विवि को भेज दी है। -डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य बरेली कॉलेज
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजूकेशन (बीएलएड) की प्रवेश परीक्षा में एक मुन्नाभाई पकड़ा गया जो पैसों के लिए नहीं, बल्कि अपनी बीवी को प्रवेश परीक्षा में अच्छी मेरिट से पास कराने के लिए यह सब कर बैठा।
बरेली कॉलेज के एक सेंटर पर कॉपी जमा करते वक्त रोल नंबर से सारी पोल खुल गई। उसने अपना रोल नंबर काटकर अपनी पत्नी का रोल नंबर डाला था। व्यक्ति बिजनौर का रहने वाला है। कॉलेज की तरफ से यूएफएम के तहत कार्र्रवाई करते हुए रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई है। हालांकि, बारादरी थाने में भी मामला भेजा गया था, लेकिन बाद में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सिर्फ यूएफएम के तहत कार्रवाई हुई है।
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रोल नंबर ओवरराइट होने से पकड़ा गया मामला
बिजनौर की आवास विकास कालोनी का रहने वाला अमरजीत कोचिंग पढ़ाता है। उसने और अपनी पत्नी अनीता का आवेदन फार्म बीएलएड की प्रवेश परीक्षा के लिए भरा। अमरजीत ने सोचा कि अच्छी मेरिट आएगी तो किसी राजकीय या अनुदानित कॉलेज में कम फीस पर दाखिला हो जाएगा। बरेली कॉलेज में दोनों का सेंटर पड़ा। अमरजीत का रोलनंबर 171956 था जो सेंटर डी में और पत्नी का रोल नंबर 176153 जो सेंटर बी में पड़ा। अमरजीत ने अपने रोल नंबर से परीक्षा दी, लेकिन ओएमआर शीट जमा करने से पहले रोल नंबर ओवरराइट करते हुए पत्नी का रोल नंबर डाल दिया। शब्दों में रोल नंबर को कुछ बदला पर आखिरी के तीन अंकों को नहीं बदला। ओएमआर शीट जमा करते वक्त वह यहीं पकड़ा गया। पूछने पर पता चला कि दूसरा रोल नंबर उसकी पत्नी का है, जिसकी परीक्षा सेंटर बी में थी और वो अनुपस्थित थी।
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अभ्यर्थी ने अपनी पत्नी का रोल नंबर अपनी कॉपी पर डालकर जमा की थी। मामला पकड़ा गया। बारादरी थाने में मामला भेजा गया था, लेकिन वहां मामला विधि संगत नहीं बताया गया। यूएफएम के तहत कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट विवि को भेज दी है। -डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य बरेली कॉलेज