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इंदिरा और निर्बल वर्ग आवास की विजिलेंस जांच में बीडीओ फंसे
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बरेली। इंदिरा और निर्बल वर्ग आवासों के आवंटन की विजिलेंस जांच में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी समेत बाबू को दोषी ठहराया गया है। अब तक इन पर कार्रवाई न होने पर शासन ने नाराजगी जताई और कार्रवाई के लिए अभिलेख मांगे हैं।
ग्राम्य विकास उपायुक्त अभिमन्यु कुमार सिंह ने सीडीओ को भेजे पत्र में बताया कि कई साल पहले बरेली में निर्बल वर्ग आवास और इंदिरा आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी घपला किया गया। इसकी विजिलेंस जांच हुई, जिसमें तत्कालीन बीडीओ आलमपुर जाफराबाद, बाबू और तत्कालीन खंड विकास अधिकारी नवाबगंज व ग्राम विकास अधिकारी (जो अब रिटायर हो चुके हैं) के संबंध में विजिलेंस जांच की रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी और सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी आईएसबी के सेवा अभिलेखों में जनपद स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्राम्य विकास उपायुक्त ने सीडीओ से पूछा कि इन पर कार्रवाई न किए जाने के लिए कौन दोषी है। वह इसकी सूचना तत्काल भेजें, ताकि विजिलेंस जांच के बाद इस प्रकरण में कार्रवाई की जा सके।
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ग्राम्य विकास उपायुक्त अभिमन्यु कुमार सिंह ने सीडीओ को भेजे पत्र में बताया कि कई साल पहले बरेली में निर्बल वर्ग आवास और इंदिरा आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी घपला किया गया। इसकी विजिलेंस जांच हुई, जिसमें तत्कालीन बीडीओ आलमपुर जाफराबाद, बाबू और तत्कालीन खंड विकास अधिकारी नवाबगंज व ग्राम विकास अधिकारी (जो अब रिटायर हो चुके हैं) के संबंध में विजिलेंस जांच की रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी और सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी आईएसबी के सेवा अभिलेखों में जनपद स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्राम्य विकास उपायुक्त ने सीडीओ से पूछा कि इन पर कार्रवाई न किए जाने के लिए कौन दोषी है। वह इसकी सूचना तत्काल भेजें, ताकि विजिलेंस जांच के बाद इस प्रकरण में कार्रवाई की जा सके।
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