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6 लाख फूंके सरकार के.. अतिक्रमण कराकर लाखों अपनी जेब में डाले
बरेली
Updated Wed, 20 Sep 2017 02:12 AM IST
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नगर निगम हर साल शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए भारी-भरकम योजना बनाता है। दर्जनों कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाता है, पुलिस और प्रशासन की भी फौज जुटाई जाती है, साथ ही तीन-चार जेसीबी के साथ दो मालवाहक वाहनाें को भी रिजर्व किया जाता है कि पूरे दमखम के साथ अभियान चले। इस तरह एक माह के अभियान पर नगर निगम छह लाख रुपये तक फूंक देता है लेकिन कुछ ही समय बाद नतीजा होता है ढाक के वही तीन पात। अभियान चलाए जाने के बाद उन्हीं इलाकों में गुपचुप ढंग से फिर अवैध कब्जे कराने का सिलसिला शुरू हो जाता है और इसकी एवज में नगर निगम स्टाफ की अच्छी खासी कमाई भी हो जाती है।
जिन इलाकों में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान चलता है अगर कुछ दिनों बाद वहां फिर नजर उठाकर देख लिया जाए तो नगर निगम का सारा खेल खुलकर सामने आ जाता है। पिछले दिनों चले अभियान के बाद भी यही हाल है। जहां से अतिक्रमण हटाया गया था, वहां फिर कब्जे हो गए हैं। जो टिन शेड हटाए गए थे वे फिर वैसे ही छाए हुए हैं। पक्के निर्माणों की जगह जरूर फिलहाल अस्थाई पत्थर लगाए गए हैं।
नगर निगम ने 23 अगस्त से 15 सितंबर तक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। इस दौरान रोजाना 30 से अधिक अवैध कब्जों को हटाया गया और खोखे, विज्ञापन बोर्ड आदि जब्त कर चालान काटा गया। नगर निगम को एक लाख 61 हजार 600 रुपये की आमदनी जुर्माने से हुई है। 20 ट्राली कबाड़ जमा करके वर्कशॉप में रखा गया है। मगर मौके पर कई कब्जे फिर जस के तस दिख रहे हैं।
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ऐसे हुआ नगर निगम का अभियान फेल
अतिक्रमण हटाने के बाद उन स्थानों पर फिर कब्जा हो गया है। लोगाें ने अपने खोखे सजाने शुरू कर दिए हैं। विकास भवन से बरेली कॉलेज तक तोड़ी गई टिन शेड की दुकानों को अब तिरपाल डालकर चलाया जा रहा है। शहामतगंज फ्लाईओवर के नीचे भी दुकानें सज गई हैं। कबाड़ की दुकान थाना बारादरी के बगल में लगी हुई है। आईवीआरआई फ्लाईओवर के पास भी कब्जा हो गया है। अयूब खां चौराहे से कोतवाली तक बाहर दुकानें फिर सज गईं हैं। पीलीभीत बाईपास पर तो यही नहीं पता चल रहा कि यहां कोई अभियान भी चला था।
यह है खर्च का गणित
दो जेसीबी, एक ट्राली व एक अन्य वाहन को 25 दिन तक 15 किमी चलाया गया। डीजल खर्च के अलावा 22 कर्मचारी लगाए गए। इसमें 12 बेलदार, पांच अतिक्रमण हटाओ प्रभारी और 10 होमगार्ड शामिल थे। इन सभी का खर्च एक माह में करीब 6 लाख रुपये आया है जबकि वसूली करीब डेढ़ लाख की ही हुई।
-- इन मार्गों पर चला था अभियान
शहामतगंज फ्लाईओवर के नीचे
आईवीआरआई फ्लाईओवर के पास
पीलीभीत बाईपास
फिनिक्स माल के आसपास
सौ फुटा रोड से डेलापीर
विकास भवन से बरेली कॉलेज
कुतुबखाना रोड
अयूब खां चौराहे से चौपला
जंक्शन के आसपास
कोट
अतिक्रमण अभियान के तहत काफी कब्जोें को हटाया गया और जुर्माना वसूला गया है। शासनादेश के मुताबिक अगर एक बार अतिक्रमण हटता है तो दोबारा वहां पर कब्जा न हो इसे स्थानीय पुलिस को देखना चाहिए। हालांकि आगे भी अभियान चलता रहेगा।
आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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जिन इलाकों में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान चलता है अगर कुछ दिनों बाद वहां फिर नजर उठाकर देख लिया जाए तो नगर निगम का सारा खेल खुलकर सामने आ जाता है। पिछले दिनों चले अभियान के बाद भी यही हाल है। जहां से अतिक्रमण हटाया गया था, वहां फिर कब्जे हो गए हैं। जो टिन शेड हटाए गए थे वे फिर वैसे ही छाए हुए हैं। पक्के निर्माणों की जगह जरूर फिलहाल अस्थाई पत्थर लगाए गए हैं।
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नगर निगम ने 23 अगस्त से 15 सितंबर तक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। इस दौरान रोजाना 30 से अधिक अवैध कब्जों को हटाया गया और खोखे, विज्ञापन बोर्ड आदि जब्त कर चालान काटा गया। नगर निगम को एक लाख 61 हजार 600 रुपये की आमदनी जुर्माने से हुई है। 20 ट्राली कबाड़ जमा करके वर्कशॉप में रखा गया है। मगर मौके पर कई कब्जे फिर जस के तस दिख रहे हैं।
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ऐसे हुआ नगर निगम का अभियान फेल
अतिक्रमण हटाने के बाद उन स्थानों पर फिर कब्जा हो गया है। लोगाें ने अपने खोखे सजाने शुरू कर दिए हैं। विकास भवन से बरेली कॉलेज तक तोड़ी गई टिन शेड की दुकानों को अब तिरपाल डालकर चलाया जा रहा है। शहामतगंज फ्लाईओवर के नीचे भी दुकानें सज गई हैं। कबाड़ की दुकान थाना बारादरी के बगल में लगी हुई है। आईवीआरआई फ्लाईओवर के पास भी कब्जा हो गया है। अयूब खां चौराहे से कोतवाली तक बाहर दुकानें फिर सज गईं हैं। पीलीभीत बाईपास पर तो यही नहीं पता चल रहा कि यहां कोई अभियान भी चला था।
यह है खर्च का गणित
दो जेसीबी, एक ट्राली व एक अन्य वाहन को 25 दिन तक 15 किमी चलाया गया। डीजल खर्च के अलावा 22 कर्मचारी लगाए गए। इसमें 12 बेलदार, पांच अतिक्रमण हटाओ प्रभारी और 10 होमगार्ड शामिल थे। इन सभी का खर्च एक माह में करीब 6 लाख रुपये आया है जबकि वसूली करीब डेढ़ लाख की ही हुई।
-- इन मार्गों पर चला था अभियान
शहामतगंज फ्लाईओवर के नीचे
आईवीआरआई फ्लाईओवर के पास
पीलीभीत बाईपास
फिनिक्स माल के आसपास
सौ फुटा रोड से डेलापीर
विकास भवन से बरेली कॉलेज
कुतुबखाना रोड
अयूब खां चौराहे से चौपला
जंक्शन के आसपास
कोट
अतिक्रमण अभियान के तहत काफी कब्जोें को हटाया गया और जुर्माना वसूला गया है। शासनादेश के मुताबिक अगर एक बार अतिक्रमण हटता है तो दोबारा वहां पर कब्जा न हो इसे स्थानीय पुलिस को देखना चाहिए। हालांकि आगे भी अभियान चलता रहेगा।
आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त