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Bareilly News: 53 गोशालाएं होंगी बंद, भरण पोषण की हुई समीक्षा
Fri, 14 Aug 2026 11:56 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:56 PM IST
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बरेली। गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने शुक्रवार को गोवंश संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में गोशालाओं में गोवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा हुई। उन्होंने छोटी गोशालाओं को बंद कर गोवंशों को बड़ी गोशालाओं में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि 19 गोशालाओं में 50 से कम गोवंश हैं। वहीं, 32 गोशालाओं में 100 से कम गोवंश संरक्षित हैं। आयोग के सदस्य ने इन गोशालाओं को बंद कर पशुओं को बड़ी गोशालाओं में भेजने का निर्देश दिया। सहभागिता योजना के तहत 1170 पशु दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित और रास्ते की सुविधा न होने वाली संवेदनशील गोशालाओं की पहचान की गई। खंड विकास अधिकारियों को पशुओं के भरण-पोषण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। गोशालाओं के विद्युतीकरण के लिए विद्युत विभाग से एस्टीमेट लेकर बजट आकलन का निर्देश भी दिया गया।
रोजगार और गोवंश संरक्षण के प्रयास
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गोमूत्र और गोबर से उत्पाद बनाने से जोड़ा जाएगा। किसानों को जीवामृत और पंचगव्य बनाने का प्रशिक्षण भी मिलेगा। किसानों को जल्द ही एक लाख बायोगैस संयंत्रों के लिए अनुदान मिलेगा। इससे उनका रोजगार बढ़ेगा और गोवंशों का संरक्षण होगा। पशुओं को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
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बैठक में बताया गया कि 19 गोशालाओं में 50 से कम गोवंश हैं। वहीं, 32 गोशालाओं में 100 से कम गोवंश संरक्षित हैं। आयोग के सदस्य ने इन गोशालाओं को बंद कर पशुओं को बड़ी गोशालाओं में भेजने का निर्देश दिया। सहभागिता योजना के तहत 1170 पशु दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित और रास्ते की सुविधा न होने वाली संवेदनशील गोशालाओं की पहचान की गई। खंड विकास अधिकारियों को पशुओं के भरण-पोषण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। गोशालाओं के विद्युतीकरण के लिए विद्युत विभाग से एस्टीमेट लेकर बजट आकलन का निर्देश भी दिया गया।
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रोजगार और गोवंश संरक्षण के प्रयास
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गोमूत्र और गोबर से उत्पाद बनाने से जोड़ा जाएगा। किसानों को जीवामृत और पंचगव्य बनाने का प्रशिक्षण भी मिलेगा। किसानों को जल्द ही एक लाख बायोगैस संयंत्रों के लिए अनुदान मिलेगा। इससे उनका रोजगार बढ़ेगा और गोवंशों का संरक्षण होगा। पशुओं को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
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