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फर्जीबाड़े में फंसे 40 पासपोर्ट धारकों को नोटिस
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बरेली। मदरसा बोर्ड और दलालों की मिलीभगत से जारी हो रहे शैक्षिक प्रमाण पत्र संदेह के घेरे में आते जा रहे हैं। यह सब ऑनलाइन व्यवस्था लागू हो रही है। फर्जी प्रमाण पत्रों से विभिन्न विभाग में नौकरी पाने के बाद अब लोग पासपोर्ट भी पाने में कामयाब हो गए हैं। मामले का खुलासा होने पर विदेश मंत्रालय तक इसकी गूंज पहुंच गई है। इस बीच स्थानीय पासपोर्ट कार्यालय ने संदिग्ध शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर जारी हुए 40 पासपोर्ट धारकों को नोटिस जारी करने का फैसला लिया है।
पिछले दिनों से बरेली क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर 40 पासपोर्ट जारी हो गए। इससे हड़कंप मचा हुआ है। कुल 52 मार्कशीटों के सत्यापन की फर्जी रिपोर्ट के चलते यह पासपोर्ट जारी हुए। सभी मार्कशीट मदरसा बोर्ड से जारी हुए हैं। फर्जीबाड़े का खुलासा होने के बाद मदरसा बोर्ड ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई, तब बरेली पासपोर्ट कार्यालय हरकत में आया।
अक्टूबर में पासपोर्ट कार्यालय बरेली ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद को सत्यापन के लिए 52 आवेदकों का रिकार्ड भेजा था। वहां से सत्यापन की जो कंपाइल रिपोर्ट आई उसमें बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडे और वरिष्ठ सहायक अरुण कुमार तिवारी के हस्ताक्षर संदिग्ध लगे। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी एम. नसीम ने हस्ताक्षर की पुष्टि के लिए वरिष्ठ सहायक अरुण कुमार तिवारी को व्हाट्सऐप पर सत्यापन का पत्र भेजा तो मामला खुल गया। प्रमाणपत्रों पर बोर्ड की फर्जी मोहर भी लगी हुई थी। सत्यापन रिपोर्ट पर पत्रांक संख्या 1109ख दिनांक 16 अक्टूबर 2018 लिखा हुआ है। इस पत्रांक संख्या से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आजमगढ़ को पत्र भेजा गया था। पूरे मामले में कहीं न कहीं मदरसा बोर्ड के कर्मचारी भी संलिप्त नजर आ रहे हैं।
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मदरसा बोर्ड से जारी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में 52 पासपोर्ट आवेदन संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें से करीब 40 पासपोर्ट जारी हो गए हैं। इन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, इसके बाद अन्य कार्रवाई होगी।
- एम. नसीम, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी
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पिछले दिनों से बरेली क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर 40 पासपोर्ट जारी हो गए। इससे हड़कंप मचा हुआ है। कुल 52 मार्कशीटों के सत्यापन की फर्जी रिपोर्ट के चलते यह पासपोर्ट जारी हुए। सभी मार्कशीट मदरसा बोर्ड से जारी हुए हैं। फर्जीबाड़े का खुलासा होने के बाद मदरसा बोर्ड ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई, तब बरेली पासपोर्ट कार्यालय हरकत में आया।
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अक्टूबर में पासपोर्ट कार्यालय बरेली ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद को सत्यापन के लिए 52 आवेदकों का रिकार्ड भेजा था। वहां से सत्यापन की जो कंपाइल रिपोर्ट आई उसमें बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडे और वरिष्ठ सहायक अरुण कुमार तिवारी के हस्ताक्षर संदिग्ध लगे। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी एम. नसीम ने हस्ताक्षर की पुष्टि के लिए वरिष्ठ सहायक अरुण कुमार तिवारी को व्हाट्सऐप पर सत्यापन का पत्र भेजा तो मामला खुल गया। प्रमाणपत्रों पर बोर्ड की फर्जी मोहर भी लगी हुई थी। सत्यापन रिपोर्ट पर पत्रांक संख्या 1109ख दिनांक 16 अक्टूबर 2018 लिखा हुआ है। इस पत्रांक संख्या से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आजमगढ़ को पत्र भेजा गया था। पूरे मामले में कहीं न कहीं मदरसा बोर्ड के कर्मचारी भी संलिप्त नजर आ रहे हैं।
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मदरसा बोर्ड से जारी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में 52 पासपोर्ट आवेदन संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें से करीब 40 पासपोर्ट जारी हो गए हैं। इन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, इसके बाद अन्य कार्रवाई होगी।
- एम. नसीम, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी