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पीलीभीत से, टाइगर रिजर्व की शान बढ़ाएंगे आंवला के चीतल
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:35 PM IST
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पीलीभीत।
टाइगर रिजर्व की शोभा बढ़ाने को अब आंवला के चीतल चेतना केंद्र भेजे गए है। पहली खेप के रूप में 28 चीतल पहुंच गए हैं, शीघ्र ही 119 और आएंगे। इन चीतलों को बराही रेंज में विशेष रूप से बनाए बाड़े में रखा गया है। कुछ दिनों बाद इन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।
आंवला के इफ्को के निकट पिछले कई वर्षों से चल रहे चीतल वन चेतना केंद्र को बंद करने के आदेश करीब एक साल पहले हुए। इसके लिए प्रमुख मुख्य वनसरंक्षक ने करीब एक वर्ष इन चीतलों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व भेजने के आदेश किए थे लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते कार्रवाई नहीं हुई। इसकी जानकारी होने पर वनसंरक्षक वीके सिंह ने चीतलों को टाइगर रिजर्व छोड़ने की कवायद शुरू की। इसके लिए उन्होंने बराही रेंज में गेस्ट हाउस के निकट बंद पड़े रेशम फार्म की तीन हेक्टेअर की जमीन को चिह्नित कर बांस बल्लियों की बांउड्री तैयार कराई। चीतल बाड़ा तैयार होने के बाद आईवीआरआई के चिकित्सकों की टीम से चीतलों का परीक्षण कराया गया। 28 चीतलों का परीक्षण होने के बाद उन्हें बराही रेंज के रेशम फार्म में बनाए गए चीतल बाड़े में छोड़ दिया गया जबकि अभी शेष बचे 119 चीतलों के परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। बृहस्पतिवार को वनसंरक्षक ने बराही रेंज पहुंचकर चीतल वाडे़ का निरीक्षण किया।
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कुछ दिन रखने के बाद होगे मुक्त
आंवला के चेतना केंद्र में चीतलों को हरा चारा उपलब्ध कराया जाता है लेकिन यहां उन्हें प्राकृतिक रूप से रहना है। इसके लिए पहले बाड़े में रखकर उन्हें घास चरने की आदत डलवाई जाएगी। इसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।
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28 में 10 चीतल है गर्भवती
बराही रेंज में भेजे गए चीतलों का परिवार जल्द ही और बढ़ेगा। वनसंरक्षक वीके सिंह के अनुसार आंवला से भेजे गए 28 चीतलों में 10 गर्भवती है। बच्चों का जन्म होने पर इनकी संख्या में और इजाफा होगा।
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कोट...
आंवला के चीतलों को पीलीभीत में छोड़ने का आदेश पीसीसीएफ ने किया था। उनके आदेशों के क्रम में 28 चीतल टाइगर रिजर्व पहुंच चुके हैं जबकि शेष को भी जल्द भेजने की तैयारी है।
विनोद कृष्ण सिंह, वनसंरक्षक
टाइगर रिजर्व की शोभा बढ़ाने को अब आंवला के चीतल चेतना केंद्र भेजे गए है। पहली खेप के रूप में 28 चीतल पहुंच गए हैं, शीघ्र ही 119 और आएंगे। इन चीतलों को बराही रेंज में विशेष रूप से बनाए बाड़े में रखा गया है। कुछ दिनों बाद इन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।
आंवला के इफ्को के निकट पिछले कई वर्षों से चल रहे चीतल वन चेतना केंद्र को बंद करने के आदेश करीब एक साल पहले हुए। इसके लिए प्रमुख मुख्य वनसरंक्षक ने करीब एक वर्ष इन चीतलों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व भेजने के आदेश किए थे लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते कार्रवाई नहीं हुई। इसकी जानकारी होने पर वनसंरक्षक वीके सिंह ने चीतलों को टाइगर रिजर्व छोड़ने की कवायद शुरू की। इसके लिए उन्होंने बराही रेंज में गेस्ट हाउस के निकट बंद पड़े रेशम फार्म की तीन हेक्टेअर की जमीन को चिह्नित कर बांस बल्लियों की बांउड्री तैयार कराई। चीतल बाड़ा तैयार होने के बाद आईवीआरआई के चिकित्सकों की टीम से चीतलों का परीक्षण कराया गया। 28 चीतलों का परीक्षण होने के बाद उन्हें बराही रेंज के रेशम फार्म में बनाए गए चीतल बाड़े में छोड़ दिया गया जबकि अभी शेष बचे 119 चीतलों के परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। बृहस्पतिवार को वनसंरक्षक ने बराही रेंज पहुंचकर चीतल वाडे़ का निरीक्षण किया।
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कुछ दिन रखने के बाद होगे मुक्त
आंवला के चेतना केंद्र में चीतलों को हरा चारा उपलब्ध कराया जाता है लेकिन यहां उन्हें प्राकृतिक रूप से रहना है। इसके लिए पहले बाड़े में रखकर उन्हें घास चरने की आदत डलवाई जाएगी। इसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।
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28 में 10 चीतल है गर्भवती
बराही रेंज में भेजे गए चीतलों का परिवार जल्द ही और बढ़ेगा। वनसंरक्षक वीके सिंह के अनुसार आंवला से भेजे गए 28 चीतलों में 10 गर्भवती है। बच्चों का जन्म होने पर इनकी संख्या में और इजाफा होगा।
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कोट...
आंवला के चीतलों को पीलीभीत में छोड़ने का आदेश पीसीसीएफ ने किया था। उनके आदेशों के क्रम में 28 चीतल टाइगर रिजर्व पहुंच चुके हैं जबकि शेष को भी जल्द भेजने की तैयारी है।
विनोद कृष्ण सिंह, वनसंरक्षक