फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   500 bigha land submerged in the river, now the existence of two villages is in danger

Bareilly News: 500 बीघा जमीन नदी में समाई, अब दो गांवों के अस्तित्व पर संकट

Mon, 08 Sep 2025 12:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
500 bigha land submerged in the river, now the existence of two villages is in danger
फोटो स्रोत ग्रामीण- सैदापुर गांव में बाढ़ का पानी
मीरगंज। तहसील क्षेत्र में बहगुल नदी की धार तेज होने से कई गांवों की 500 बीघा से अधिक जमीन नदी में समा गई है। दूसरी ओर नदी ने अपना रूख ही बदल दिया है, जिससे गांवों में कटान तेज हो गई है। इससे बसई और सुल्तानपुर गांवों के अस्तित्व पर संकट बरकरार है। हालांकि इससे बचाव के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं
विज्ञापन

ग्रामीणों के अनुसार बसई, सुल्तानपुर समेत दर्जनभर गांवों में बहगुल नदी में तेज बहाव के चलते जमीन नदी में समा चुकी है। इस तरह वर्ष 2011 में बहगुल नदी के कटान से गांव सुल्तानपुर के 75 पक्के मकान नदी में समा गए थे। सरकार ने गांव सुल्तानपुर के कटान को रोकने के लिए 50 लाख रुपये से कट्टों की पिचिंग लगवाई थी, लेकिन अब बहगुल नदी में अपना रूख फिर बदल दिया है, जो गांव बसई की तरफ से फिर कटान शुरू कर दिया है। इससे गनेशपुर मोड़ पर धनेटा-शीशगढ़ रोड की तरफ कटान का रूख कर दिया है। अगर समय रहते कोई इंतजाम नहीं किया गया तो धनेटा-शीशगढ़ रोड के साथ गांव सुल्तानपुर में फिर घर कट सकते हैं। गांव के शिशुपाल सिंह होरी लाल, धर्मपाल, सोमपाल, बबलू राठौर आदि ने प्रशासन से बहगुल नदी में गनेशपुर मोड़ पर पत्थरों की पिचिंग लगाने की मांग की है। इधर, तहसीलदार को फोन किया गया, लेकिन उनका नंबर रिसीव नहीं हो सका। संवाद
विज्ञापन

--
मीरगंज-सिरौली रोड कटा, जान हथेली पर रख पा कर रहे लोग
- ट्यूब पर लोगों को पार कराकर वसूले जा रहे रुपये, हो सकता है हादसा







मीरगंज। रामगंगा नदी में आई बाढ़ से मीरगंज-सिरौली मार्ग बीच से कट गया है। सड़क कट जाने से आवागमन बंद है, लेकिन इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व जान जोखिम में डालकर राहगीरों को ट्यूब पर बैठाकर नदी पार करा रहे हैं। इसके बदले रुपये वसूल रहे हैं। यह खतरनाक खेल कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, मगर प्रशासन अभी तक इस ओर ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन




जानकारी के मुताबिक पीडब्ल्यूडी ने हालात को देखते हुए पुल के पास अस्थायी दीवार खड़ी कर मार्ग को बंद करने की कोशिश की थी, लेकिन लोगों ने रातों-रात उस दीवार को तोड़ डाला। परिणामस्वरूप अब अवैध रूप से नदी पार कराने का धंधा खुलेआम चल रहा है।



पीडब्ल्यूडी के जेई शाहनवाज ने बताया कि विभाग की ओर से थाने को मौखिक सूचना दे दी गई है कि नदी के कटे मार्ग पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है। लोग अपनी व दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि हालात गंभीर हैं और कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। संवाद



--
बाढ़ का पानी बढ़ने से ग्रामीण भयभीत
- बाकरगंज में विद्युत आपूर्ति बंद, बीमार पड़े लोग



फरीदपुर। बहगुल नदी में बढ़ रहे जलस्तर से सैदपुर गांव के लोग भयभीत हैं। शाहपुर बनियान जाने वाला मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है। तेज चल रही धार में जान जोखिम में डालकर कुछ लोग फिर भी निकल रहे हैं। वहीं, बाकरगंज गांव के अंदर पानी घुसने से पहले ही विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे गांव के लोग परेशान हैं। उमस में लोग बीमार पड़ रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।



फरीदपुर तहसील क्षेत्र के सैदापुर गांव के राजेंद्र कुमार व सिपाही लाल ने बताया कि बहगुल नदी में जलस्तर बढ़ रहा है। अब मार्ग पूरी तरह कट गया है। गांव को बाढ़ से बचाने व किसानों की जमीन नदी में समाहित होने से बचाने के लिए बाढ़ खंड विभाग द्वारा मिट्टी व मिट्टी भर के कुछ बोरे लगाकर तटबंध किया गया, जो कि दबाव नहीं झेल सका। इसके टूटने से गांव की गलियों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर लगवाने और बिजली आपूर्ति चालू कराने की मांग की है। संवाद
--------
अमीर नगर में बने पुल के दोनों साइडों की पिचिंग बाढ़ में बहीं
18 करोड़ रुपये का आया था लागत, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत
क्योलड़िया। देवहा नदी में आई बाढ़ से अमीर नगर में 18 करोड़ से बने पुल के दोनों साइडों की पिचिंग बाढ़ के दौरान बह गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि देवहा नदी पर 15 साल पहले भी बांध का निर्माण सांसद निधि से कराया गया था, लेकिन जब बाढ़ आई थी, तब दोनों साइड में बने रोड के साथ यह भी नदी में बह गई। इसके बाद देवहा नदी पर पुल को बनवाने के लिए कुछ वर्ष पूर्व 18 करोड़ की लागत से पिचिंग कार्य करवाया गया था, जो कि अब बह चुका है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। संवाद

फोटो स्रोत ग्रामीण- सैदापुर गांव में बाढ़ का पानी

फोटो स्रोत ग्रामीण- सैदापुर गांव में बाढ़ का पानी

फोटो स्रोत ग्रामीण- सैदापुर गांव में बाढ़ का पानी

फोटो स्रोत ग्रामीण- सैदापुर गांव में बाढ़ का पानी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed