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Bareilly News: ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक से होगी 4.47 लाख की वसूली
Tue, 08 Aug 2023 02:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 08 Aug 2023 02:19 AM IST
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नवाबगंज। तहसील के गांव ग्रेम में फर्जी मस्टररोल के जरिये पुलिया निर्माण में फर्जीवाड़े की शिकायत जांच में सही पाई गई। इस पर डीसी मनरेगा ने ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक से 4.47 लाख रुपये की वसूली के आदेश बीडीओ को दिए हैं।
गांव के रहने वाले सर्वेश कुमार ने दो जून 2023 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में बताया कि मनरेगा योजना के तहत गांव में दो पुलिया का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। दोनों ही पुलिया के स्लैब मानक के अनुरुप नहीं हैं। 13 ऐसे मनरेगा मजदूरों को भी 4.47 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया जिन लोगों ने एक भी दिन मजदूरी नहीं की।
मनरेगा मजूदरों की बजाय जेसीबी से गांव के एक तालाब की खोदाई करा दी। यहां से निकली मिट्टी से एक अन्य तालाब को पाट दिया गया। शिकायत पर डीसी मनरेगा ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता को जांच सौंपी। जांच में शिकायत सही पाई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीसी मनरेगा ने पाटे गए तालाब की फिर से खोदाई कराने के साथ फर्जी मस्टररोल के जरिये किए गए भुगतान की रिकवरी कराने के आदेश दिए हैं।
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एक जुलाई का आदेश अब तक नहीं हुई वसूली
ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक से वसूली के लिए डीसी मनरेगा ने एक जुलाई को आदेश दिया था। एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी अब तक वसूली नहीं हुई है। चर्चा है कि एक जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर वसूली नहीं की जा रही। इसको लेकर गांव वालों में आक्रोश है।
वर्जन:
ग्राम प्रधान को वसूली के लिए पत्र भेजा गया था। ग्राम प्रधान ने जो जवाब भेजा है वह डीसी मनरेगा को भेजा गया है। वहां से जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। - महेश चंद्र शाक्य, बीडीओ
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वसूली का पत्र प्राप्त हुआ था। जिसका साक्ष्यों के साथ जवाब डीसी मनरेगा को भेज दिया गया है। पत्र में जो धनराशि दिखाई गई है वह वर्ष 2017 से लेकर अब तक की है जबकि मैं 2021 में ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित हुई हूं। - रामबाला, ग्राम प्रधान
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गांव के रहने वाले सर्वेश कुमार ने दो जून 2023 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में बताया कि मनरेगा योजना के तहत गांव में दो पुलिया का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। दोनों ही पुलिया के स्लैब मानक के अनुरुप नहीं हैं। 13 ऐसे मनरेगा मजदूरों को भी 4.47 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया जिन लोगों ने एक भी दिन मजदूरी नहीं की।
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मनरेगा मजूदरों की बजाय जेसीबी से गांव के एक तालाब की खोदाई करा दी। यहां से निकली मिट्टी से एक अन्य तालाब को पाट दिया गया। शिकायत पर डीसी मनरेगा ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता को जांच सौंपी। जांच में शिकायत सही पाई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीसी मनरेगा ने पाटे गए तालाब की फिर से खोदाई कराने के साथ फर्जी मस्टररोल के जरिये किए गए भुगतान की रिकवरी कराने के आदेश दिए हैं।
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एक जुलाई का आदेश अब तक नहीं हुई वसूली
ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक से वसूली के लिए डीसी मनरेगा ने एक जुलाई को आदेश दिया था। एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी अब तक वसूली नहीं हुई है। चर्चा है कि एक जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर वसूली नहीं की जा रही। इसको लेकर गांव वालों में आक्रोश है।
वर्जन:
ग्राम प्रधान को वसूली के लिए पत्र भेजा गया था। ग्राम प्रधान ने जो जवाब भेजा है वह डीसी मनरेगा को भेजा गया है। वहां से जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। - महेश चंद्र शाक्य, बीडीओ
वसूली का पत्र प्राप्त हुआ था। जिसका साक्ष्यों के साथ जवाब डीसी मनरेगा को भेज दिया गया है। पत्र में जो धनराशि दिखाई गई है वह वर्ष 2017 से लेकर अब तक की है जबकि मैं 2021 में ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित हुई हूं। - रामबाला, ग्राम प्रधान